एशियन गेम्स 2026: मांडविया ने नागोया में OCA प्रमुख से मुलाकात की, जापानी आतिथ्य की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया 20वें एशियन गेम्स आइची-नागोया 2026 में भारतीय दल को प्रोत्साहित करने के लिए जापान के नागोया में हैं। इस दौरान उन्होंने ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के डायरेक्टर जनरल और वर्ल्ड एक्वेटिक्स के अध्यक्ष कैप्टन हुसैन अल-मुसल्लम के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। मांडविया ने जापान की पारंपरिक मेहमाननवाजी और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की भी खुलकर तारीफ़ की।
OCA प्रमुख के साथ बैठक में क्या हुआ
मांडविया ने शनिवार, 19 सितंबर 2026 को नागोया में कैप्टन हुसैन अल-मुसल्लम के साथ द्विपक्षीय चर्चा की। उन्होंने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'हमने भारत के राष्ट्रीय खेल फेडरेशन और उनके संबंधित एशियन फेडरेशन के बीच सहयोग को मज़बूत करने पर चर्चा की।' इस बैठक में ज़मीनी स्तर पर खेल भागीदारी और युवा प्रतिभाओं को आगे लाने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
एक्वेटिक स्पोर्ट्स और भारत की मेज़बानी
बैठक में भारत में एक्वेटिक स्पोर्ट्स को और विकसित करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ। मांडविया के अनुसार, OCA ने एशियाई स्तर की विभिन्न चैंपियनशिप की मेज़बानी के लिए भारत की तैयारी का स्वागत किया। यह कदम एशिया महाद्वीप में खेल सहयोग और विकास को नई दिशा देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उद्घाटन समारोह और जापानी परंपरा
20वें एशियन गेम्स की आधिकारिक ओपनिंग सेरेमनी शनिवार को पालोमा मिज़ुहो स्टेडियम में आयोजित हुई। यह समारोह भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक चला। मांडविया ने उद्घाटन समारोह के साथ-साथ जापान के पारंपरिक उत्सव 'कागामी-बिराकी' में भी हिस्सा लिया।
जापान की आतिथ्य की सराहना
खेल मंत्री ने जापान की संस्कृति और मेहमाननवाजी से प्रभावित होकर एक्स पर लिखा, 'इतने अच्छे स्वागत और शानदार मेहमाननवाजी के लिए शुक्रगुजार हूं।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एशियाई और वैश्विक खेल समुदाय के प्रतिनिधि भारत की खेल प्रगति और उसके भविष्य को लेकर बेहद उत्साहित हैं। गौरतलब है कि यह एशियन गेम्स जापान में दूसरी बार आयोजित हो रहे हैं और नागोया इस वैश्विक खेल महाकुंभ की मेज़बानी के केंद्र में है।
भारत की खेल कूटनीति को नई ऊँचाई
मांडविया की यह यात्रा केवल एक खेल कार्यक्रम में उपस्थिति नहीं है — यह भारत की बढ़ती खेल कूटनीति का प्रतिबिंब भी है। OCA और वर्ल्ड एक्वेटिक्स जैसी शीर्ष संस्थाओं के साथ सीधी बातचीत से भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मज़बूत करने की कोशिश स्पष्ट दिखती है। आगामी एशियाई चैंपियनशिप की मेज़बानी मिलना भारत के लिए एक बड़े अवसर का संकेत हो सकता है।