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कॉमनवेल्थ गेम्स 2030: मांडविया ने ग्लासगो में सेक्रेटरी-जनरल बोचवे से की द्विपक्षीय वार्ता, अहमदाबाद की तैयारियों पर जोर

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2030: मांडविया ने ग्लासगो में सेक्रेटरी-जनरल बोचवे से की द्विपक्षीय वार्ता, अहमदाबाद की तैयारियों पर जोर

सारांश

खेल मंत्री मांडविया की ग्लासगो यात्रा महज एक बैठक नहीं — यह भारत की दोहरी खेल कूटनीति का मंच है। एक तरफ 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी की तैयारी, दूसरी तरफ 2036 ओलंपिक के लिए वैश्विक समर्थन जुटाने की कोशिश — अहमदाबाद को विश्व खेल मानचित्र पर स्थापित करने का बड़ा दांव।

मुख्य बातें

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 23 जुलाई 2026 को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ सेक्रेटरी-जनरल शर्ली अयोरकोर बोचवे से द्विपक्षीय बैठक की।
बैठक में 'खेलो भारत नीति' और 'अस्मिता लीग' सहित भारत के प्रमुख खेल सुधारों पर चर्चा हुई।
भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी के लिए अहमदाबाद को विश्व-स्तरीय तैयारियों के साथ प्रस्तुत कर रहा है।
मांडविया 2036 ओलंपिक की भारतीय दावेदारी के लिए भी ग्लासगो में अन्य देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
दोनों नेताओं ने लैंगिक समानता, अंतरराष्ट्रीय खेल साझेदारी और 'कॉमनवेल्थ एडवांटेज' के ज़रिए व्यापार अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया।

केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 23 जुलाई 2026 को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ खेल मंत्रियों की बैठक के दौरान कॉमनवेल्थ की नवनिर्वाचित सेक्रेटरी-जनरल शर्ली अयोरकोर बोचवे के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी के लिए अहमदाबाद की तैयारियों और भारत के खेल सुधारों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में क्या हुआ

मांडविया ने बोचवे के समक्ष भारत की दो प्रमुख खेल पहलों — 'खेलो भारत नीति' और 'अस्मिता लीग' — का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि ये कार्यक्रम जमीनी स्तर पर खेलों में भागीदारी बढ़ाने, लैंगिक समावेशिता को प्रोत्साहित करने और देशभर में खेल प्रतिभाओं को निखारने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

मांडविया ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'ग्लासगो में कॉमनवेल्थ खेल मंत्रियों की बैठक के दौरान कॉमनवेल्थ की चुनी हुई सेक्रेटरी-जनरल, शर्ली अयोरकोर बोचवे के साथ एक सार्थक बैठक की।' उन्होंने आगे लिखा, 'भारत के क्रांतिकारी खेल सुधार जमीनी स्तर पर खेलों को मजबूत कर रहे हैं, लैंगिक समावेशिता को बढ़ावा दे रहे हैं और देश भर में खेल उत्कृष्टता के लिए रास्ते बना रहे हैं।'

कॉमनवेल्थ साझेदारी पर चर्चा

दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय खेल साझेदारियों को और गहरा करने तथा 'कॉमनवेल्थ एडवांटेज' का लाभ उठाते हुए व्यापार व निवेश के नए अवसर तलाशने पर विचार-विमर्श किया। गौरतलब है कि भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी के लिए आधिकारिक रूप से तैयार है और अहमदाबाद को विश्व-स्तरीय खेल आयोजन के लिए तैयार किया जा रहा है।

ग्लासगो में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की भूमिका

मांडविया इस समय भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता के रूप में ग्लासगो में उपस्थित हैं, जो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी कर रहा है। बुधवार को हुई खेल मंत्रियों की बैठक में उन्होंने खेलों में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा को रेखांकित किया और 2030 शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स को ऐतिहासिक, टिकाऊ और यादगार बनाने की देश की प्रतिबद्धता दोहराई।

2036 ओलंपिक दावेदारी को भी मिलेगी गति

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक की मेज़बानी की दावेदारी को भी सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है। मांडविया ग्लासगो प्रवास के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों से मुलाकात कर इस दावेदारी के लिए समर्थन जुटाने का प्रयास करेंगे। यह भारत की बहु-आयामी खेल कूटनीति का हिस्सा है, जिसमें एक साथ घरेलू सुधार और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी दोनों पर ध्यान दिया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अहमदाबाद की ज़मीनी तैयारियों की होगी — घोषणाओं की नहीं। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक दावेदारी एक साथ साधना महत्वाकांक्षी है, पर इतिहास बताता है कि बड़े आयोजनों में बुनियादी ढाँचे की देरी भारत की छवि को नुकसान पहुँचा सकती है। 'खेलो भारत' और 'अस्मिता लीग' जैसी पहलें सराहनीय हैं, किंतु इनके वास्तविक जमीनी प्रभाव का स्वतंत्र मूल्यांकन अभी भी सार्वजनिक दायरे में नहीं आया है।
RashtraPress
6 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनसुख मांडविया की शर्ली अयोरकोर बोचवे से ग्लासगो में बैठक क्यों हुई?
यह बैठक 23 जुलाई 2026 को ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ खेल मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई, जिसमें 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी के लिए अहमदाबाद की तैयारियों और भारत के खेल सुधारों पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय खेल साझेदारी और लैंगिक समानता के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी कहाँ करेगा?
भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी अहमदाबाद में करेगा। खेल मंत्री मांडविया ने ग्लासगो में अहमदाबाद की विश्व-स्तरीय तैयारियों की पुष्टि की और इसे ऐतिहासिक व यादगार शताब्दी आयोजन बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
'खेलो भारत नीति' और 'अस्मिता लीग' क्या हैं?
'खेलो भारत नीति' भारत सरकार की एक प्रमुख खेल पहल है जो जमीनी स्तर पर खेलों में भागीदारी और प्रतिभा विकास को बढ़ावा देती है। 'अस्मिता लीग' लैंगिक समावेशिता को केंद्र में रखकर महिला खिलाड़ियों के लिए अवसर बढ़ाने वाली पहल है।
क्या मांडविया की ग्लासगो यात्रा 2036 ओलंपिक से भी जुड़ी है?
हाँ, मांडविया ग्लासगो प्रवास के दौरान अन्य देशों के प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों से मिलकर अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक की भारतीय दावेदारी के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे। यह भारत की व्यापक खेल कूटनीति का हिस्सा है।
2026 कॉमनवेल्थ गेम्स कहाँ हो रहे हैं?
2026 कॉमनवेल्थ गेम्स ग्लासगो में आयोजित हो रहे हैं। मांडविया भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता के रूप में वहाँ उपस्थित हैं और विभिन्न समारोहों में भाग ले रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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