अमित शाह का अहमदाबाद दौरा: 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक तैयारियों की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 27 अगस्त को अपने एक दिवसीय गुजरात दौरे के तहत अहमदाबाद में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रस्तावित 2036 ओलंपिक गेम्स की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब अहमदाबाद दोनों वैश्विक खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए बुनियादी ढाँचे को तेज़ी से विकसित कर रहा है।
बैठक का स्थान और स्वरूप
समीक्षा बैठक शाहीबाग इलाके स्थित सर्किट हाउस एनेक्सी में आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता स्वयं अमित शाह करेंगे। यह उनकी इस विषय पर दूसरी बड़ी समीक्षा है — इससे पहले मई 2026 में उन्होंने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ खेल संरचना एवं संबंधित परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया था।
अहमदाबाद का खेल बुनियादी ढाँचा
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी में अहमदाबाद के खेल ढाँचे को व्यापक रूप से उन्नत किया जा रहा है। मोटेरा स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहले से विश्व के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियमों में से एक है, जबकि सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव का निर्माण कार्य प्रगति पर है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार के अनुसार, 70 से अधिक देशों में खेल संरचना, खेल सहभागिता और अन्य सुविधाओं की जाँच के बाद भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अधिकार दिया गया था।
2036 ओलंपिक की दावेदारी
भारत ने 2036 ओलंपिक गेम्स की मेजबानी के लिए अपनी बोली अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के समक्ष प्रस्तुत कर दी है। अमित शाह ने पहले कहा था कि अहमदाबाद को ओलंपिक का मेजबान शहर बनाने की योजना है — वही शहर जो 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। हालाँकि, 2036 ओलंपिक की मेजबानी अभी तक आधिकारिक रूप से अहमदाबाद को नहीं दी गई है और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति शीघ्र ही मेजबान शहर की घोषणा करेगी।
वर्ल्ड पुलिस और फायर गेम्स 2029
इन दोनों बड़े आयोजनों से पहले, अहमदाबाद 2029 में वर्ल्ड पुलिस और फायर गेम्स की मेजबानी भी करेगा, जिसकी पुष्टि अमित शाह पहले कर चुके हैं। यह आयोजन शहर के लिए बड़े खेल इवेंट्स की मेजबानी का एक महत्वपूर्ण पूर्वाभ्यास माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
गुरुवार की समीक्षा बैठक में परियोजनाओं की समय-सीमा, धन आवंटन और निर्माण प्रगति पर विस्तृत चर्चा अपेक्षित है। अगले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के निर्णय पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी, जो भारत की खेल महत्वाकांक्षाओं की दिशा तय करेगा।