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क्या 'कॉमनवेल्थ गेम्स 2030' के लिए अहमदाबाद की अनुशंसा गर्व का पल है? : अमित शाह

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क्या 'कॉमनवेल्थ गेम्स 2030' के लिए अहमदाबाद की अनुशंसा गर्व का पल है? : अमित शाह

सारांश

अहमदाबाद का नाम कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के मेज़बान शहर के रूप में सिफारिश करने से भारत को वैश्विक खेल मंच पर एक महत्वपूर्ण पहचान मिलेगी। अमित शाह और मनसुख मंडाविया ने इसे गर्व का पल बताया। जानिए इस निर्णय के महत्व को।

मुख्य बातें

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के लिए अहमदाबाद की सिफारिश गर्व का पल है।
यह भारत के लिए वैश्विक खेल मंच पर पहचान बनाने का अवसर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का समर्थन है।
यह भारत के खेल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। कॉमनवेल्थ खेलों के कार्यकारी बोर्ड ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के लिए मेज़बान शहर के रूप में गुजरात के अहमदाबाद का नाम सिफारिश करने की पुष्टि की है। यह वैश्विक खेल मंच पर अपनी क्षमता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। देश के गृह मंत्री अमित शाह ने इस सिफारिश का स्वागत करते हुए इसे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत को खेल के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमित शाह ने लिखा, "भारत के लिए अपार खुशी और गौरव का दिन। कॉमनवेल्थ एसोसिएशन द्वारा अहमदाबाद में 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी के लिए भारत की बोली को मंजूरी दिए जाने पर हर भारतीय को हार्दिक बधाई। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों का एक शानदार समर्थन है। विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण और देश भर में खेल प्रतिभाओं का विशाल भंडार बनाकर प्रधानमंत्री ने भारत को एक अद्भुत खेल स्थल बना दिया है।

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने एक्स पर लिखा, "भारतीय खेलों के लिए एक बहुत बड़ा क्षण। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के कार्यकारी बोर्ड का आभार, जिन्होंने 2030 में शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों के लिए अहमदाबाद को प्रस्तावित मेज़बान शहर के रूप में अनुशंसित किया। यह हमारे राष्ट्र के लिए एक गौरवपूर्ण मील का पत्थर है। यह निर्णय वैश्विक खेलों में भारत के बढ़ते प्रभुत्व को दर्शाता है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व द्वारा संभव हुआ है।

कॉमनवेल्थ खेल के अंतरिम अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा, "हम भारत और नाइजीरिया दोनों के आभारी हैं कि उन्होंने 2030 के कॉमनवेल्थ खेलों की मेज़बानी के प्रस्ताव तैयार करने में जो दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता दिखाई है, उसके लिए हम उनके आभारी हैं। दोनों ही प्रस्ताव प्रेरणादायक थे और हमारे कॉमनवेल्थ परिवार में मौजूद अवसरों की व्यापकता को दर्शाते हैं। कार्यकारी बोर्ड ने मूल्यांकन समिति के निष्कर्षों पर ध्यानपूर्वक विचार किया है और हमारे सदस्यों के लिए अहमदाबाद की सिफारिश कर रहा है।"

कॉमनवेल्थ खेल 2030 इस खेल का शताब्दी वर्ष होगा। कॉमनवेल्थ खेल की शुरुआत 1930 में हैमिल्टन, कनाडा में हुई थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलों के क्षेत्र में भारत की बढ़ती पहचान के रूप में देखा जा सकता है। यह न केवल अहमदाबाद बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का मेज़बान शहर क्यों चुना गया है?
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के कार्यकारी बोर्ड ने अहमदाबाद की सिफारिश की है क्योंकि यह भारत के लिए वैश्विक खेल मंच पर अपनी क्षमता को प्रदर्शित करने का एक बड़ा अवसर है।
इस निर्णय का महत्व क्या है?
यह निर्णय भारत के खेल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय खेलों की पहचान को मजबूत करेगा।
कॉमनवेल्थ खेलों की शुरुआत कब हुई थी?
कॉमनवेल्थ खेलों की शुरुआत 1930 में हैमिल्टन, कनाडा में हुई थी।
राष्ट्र प्रेस
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