आइची-नागोया एशियन गेम्स: पीटी उषा ने ओसीए अध्यक्ष शेख जोआन से की मुलाकात, भारत का अभियान शुरू
सारांश
मुख्य बातें
इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 के आधिकारिक स्वागत समारोह में भाग लिया, जहाँ उन्होंने ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी और एशियाई खेल बिरादरी के अन्य वरिष्ठ सदस्यों से भेंट की। यह समारोह शनिवार को पालोमा मिजुहो स्टेडियम में होने वाली ओपनिंग सेरेमनी से पूर्व आयोजित किया गया था।
मुलाकात और सोशल मीडिया पर साझा संदेश
पीटी उषा ने इस मुलाकात की तस्वीर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा, 'ओसीए अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी और ओसीए के सदस्यों से आधिकारिक स्वागत समारोह में मिलना शानदार था — हम सब मिलकर पूरे एशिया में खेल के विकास का रास्ता बना रहे हैं।' यह बैठक एशियाई खेलों की शुरुआत से पहले महाद्वीपीय खेल कूटनीति के लिहाज़ से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।
ओसीए एग्जीक्यूटिव बोर्ड की 110वीं बैठक
शेख जोआन बिन हमद अल थानी ने एशियन गेम्स से पूर्व नागोया में 110वीं ओसीए एग्जीक्यूटिव बोर्ड मीटिंग की भी अध्यक्षता की। इस बैठक में आगामी ओसीए प्रतियोगिताओं की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई — जिनमें एशियन इंडोर और मार्शल आर्ट्स गेम्स रियाद 2026, एशियन बीच गेम्स सेबू 2028 और एशियन विंटर गेम्स अल्माटी 2029 शामिल हैं।
भारत का एशियाड अभियान: शुरुआती नतीजे
ओपनिंग सेरेमनी से पहले ही भारत का एशियाई खेलों में अभियान आरंभ हो चुका है। टेकबॉल के महिला एकल सेमीफाइनल में क्विम्सी जोआकिम डिसूजा को हार का सामना करना पड़ा; वह अब कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगी। वहीं, भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्वार्टर फाइनल में मेज़बान जापान को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है, जहाँ उनका सामना बांग्लादेश से होगा।
भारत का लक्ष्य: हांगझोऊ के 107 पदकों का रिकॉर्ड तोड़ना
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल का लक्ष्य अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहराना या उसे पार करना है। गौरतलब है कि हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में भारत ने इतिहास रचते हुए पहली बार एक ही संस्करण में 107 पदक जीते थे — जो किसी भी एशियाई खेलों में भारत का सर्वोच्च प्रदर्शन है। इस बार महाद्वीप के सर्वश्रेष्ठ एथलीट आइची-नागोया में एकजुट होंगे और भारतीय खिलाड़ियों पर अपेक्षाओं का दबाव भी उतना ही अधिक रहेगा।
आने वाले दिनों में भारत के प्रदर्शन पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी, यह देखते हुए कि क्या दल हांगझोऊ की उपलब्धि को नई ऊँचाई दे पाता है।