अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद सुनील जाखड़ का बड़ा आरोप — पंजाब पुलिस को गैंगस्टरों से डर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने 19 सितंबर 2026 को अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने एक एडवाइजरी जारी की है जिसमें पुलिसकर्मियों को अकेले यात्रा न करने और आवागमन के दौरान वर्दी न पहनने की सलाह दी गई है — जो उनके अनुसार यह साबित करता है कि राज्य में पुलिसकर्मी खुद गैंगस्टरों से भयभीत हैं।
ASI की हत्या: मुख्य घटनाक्रम
18-19 सितंबर 2026 की दरमियानी रात लगभग सुबह 3 बजे, अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात ASI हरजीत सिंह पर मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हमलावरों ने बेहद करीब से कई गोलियाँ दागीं। गंभीर रूप से घायल हरजीत सिंह को एक निकटवर्ती निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। तरनतारन जिले के मूल निवासी हरजीत सिंह ड्यूटी के दौरान इस हमले का शिकार बने। अब तक हमलावर फरार हैं और पुलिस जाँच जारी है।
जाखड़ का एक्स पर हमला — सरकार पर सीधे सवाल
जाखड़ ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'पंजाब किस ओर जा रहा है? आजकल पंजाब में अपराधियों को पुलिस का डर नहीं रहा, बल्कि पुलिस ही गैंगस्टरों और गुंडों से डर रही है।' उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार की एडवाइजरी में पुलिसकर्मियों से कहा गया है — अकेले यात्रा न करें, वर्दी पहनकर आवागमन न करें, दोपहिया वाहन इस्तेमाल न करें और जहाँ संभव हो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, 'सोचने वाली बात है कि क्या यह वही पंजाब पुलिस है, जिसने राज्य से आतंकवाद का सफाया किया था?'
BJP पंजाब इकाई का आरोप — 'रंगला पंजाब' के दावे खोखले
BJP की पंजाब इकाई ने भी एक अलग पोस्ट में कहा कि 'पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।' पार्टी ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के 'रंगला पंजाब' के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पुलिस खुद सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का ज़िम्मा कौन लेगा। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की माँग पहले से ही तेज़ हो रही है।
पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हमलों का संदर्भ
जाखड़ का यह बयान राज्य में पुलिसकर्मियों पर हमलों की एक श्रृंखला के बाद आया है। आलोचकों का कहना है कि पंजाब में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के बढ़ते प्रभाव ने कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के मनोबल को प्रभावित किया है। हालाँकि, पंजाब सरकार की ओर से इस एडवाइजरी और जाखड़ के दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या होगा
ASI हरजीत सिंह की हत्या के मामले में पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है। राजनीतिक दबाव बढ़ने के साथ सरकार पर जल्द गिरफ्तारी और कानून-व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाने की माँग तेज़ होने की संभावना है। यह मामला पंजाब विधानसभा में भी गूँजने की संभावना है।