18 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अमृतसर एएसआई हरजीत सिंह हत्याकांड: डीजीपी गौरव यादव ने किया घटनास्थल निरीक्षण, कांग्रेस-भाजपा ने पंजाब सरकार को घेरा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अमृतसर एएसआई हरजीत सिंह हत्याकांड: डीजीपी गौरव यादव ने किया घटनास्थल निरीक्षण, कांग्रेस-भाजपा ने पंजाब सरकार को घेरा

सारांश

अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात एएसआई हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या — पीछे से, करीब से, रात के अँधेरे में। डीजीपी घटनास्थल पर पहुँचे, कारतूस मिला, पोस्टमार्टम बाकी है। लेकिन असली सवाल जांच से परे है: पंजाब में वर्दी भी सुरक्षित नहीं।

मुख्य बातें

एएसआई हरजीत सिंह की अमृतसर के गेट हकीमा में रात करीब 12:30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई।
हमलावरों ने रात 9:30 बजे दोपहिया वाहन पर पीछा कर पिस्तौल से करीब से गोली चलाई; एक खाली कारतूस फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया।
डीजीपी गौरव यादव ने शुक्रवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
कांग्रेस नेता राजकुमार वेरका और भाजपा नेता रविकरण सिंह काहलों व एचएस फूलका ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को 'सबसे खराब' बताया।
मौत की सटीक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी; जांच जारी है।

पंजाब के अमृतसर में एएसआई हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने शुक्रवार, 19 सितंबर 2026 की सुबह घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। इस हत्याकांड ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर तीखी राजनीतिक बहस छेड़ दी है, जहाँ विपक्षी दलों — कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) — ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।

घटना का विवरण

डीजीपी गौरव यादव ने पत्रकारों को बताया कि यह घटना रात करीब 12:30 बजे हुई। उन्होंने कहा, 'मैंने घटना वाली जगह का मुआयना किया है। इससे पहले मैं पीड़ित परिवार से मिला और उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।' जांच में सामने आए प्रारंभिक तथ्यों के अनुसार, हमलावरों ने रात करीब 9:30 बजे दोपहिया वाहन पर एएसआई का पीछा किया और पिस्तौल से बहुत करीब से गोली चलाई।

डीजीपी ने बताया कि घटनास्थल से एक खाली कारतूस बरामद किया गया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। एएसआई हरजीत सिंह को गर्दन के पिछले हिस्से के पास पीछे से गोली लगी। मौत की सटीक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी। घटनास्थल पर खून के धब्बे भी पाए गए हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता राजकुमार वेरका ने इस घटना को राज्य सरकार की विफलता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, 'इस घटना से साफ हो जाता है कि राज्य सरकार की कानून व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात एएसआई की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ये कोई नई बात नहीं है।'

भाजपा ने भी इस हत्याकांड की कड़ी निंदा की। पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष रविकरण सिंह काहलों ने कहा, 'पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति इस समय सबसे खराब है। दिनदहाड़े लोगों को गोली मारी जा रही है और पुलिसकर्मियों को भी नहीं बख्शा जा रहा है।' उन्होंने पुलिस से असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई तेज़ करने की अपील की।

भाजपा नेता एचएस फूलका ने आरोप लगाया कि 'गैंगस्टर और ड्रग तस्कर राज्य पर राज कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि पंजाब इस वक्त बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है और हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।

आम जनता और पुलिस बल पर असर

एएसआई हरजीत सिंह अमृतसर के गेट हकीमा में तैनात थे। एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी की हत्या ने राज्य के पुलिस बल के मनोबल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना ऐसे समय में आई है जब पंजाब में गैंग हिंसा और संगठित अपराध को लेकर पहले से ही गंभीर चिंताएँ व्यक्त की जाती रही हैं।

गौरतलब है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है — आलोचकों का कहना है कि राज्य में सशस्त्र गिरोहों की सक्रियता और पुलिस पर हमलों की घटनाएँ हाल के वर्षों में बढ़ी हैं, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर नागरिकों में गहरी असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।

जांच की स्थिति और आगे की राह

डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी है और फोरेंसिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की परिस्थितियाँ और स्पष्ट होंगी। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें सक्रिय बताई जा रही हैं। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और राजनीतिक दबाव दोनों मिलकर तय करेंगे कि पंजाब सरकार इस मामले में किस तरह की जवाबदेही सुनिश्चित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनका मूल सवाल — कि सुरक्षाबलों पर हमले रोकने में सरकार कहाँ विफल हो रही है — उतना ही वैध है। जांच की प्रगति और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी ही तय करेगी कि यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे जाएगा या नहीं।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृतसर में एएसआई हरजीत सिंह की हत्या कैसे हुई?
हमलावरों ने रात करीब 9:30 बजे दोपहिया वाहन पर एएसआई हरजीत सिंह का पीछा किया और पिस्तौल से बहुत करीब से गोली चलाई। गोली गर्दन के पिछले हिस्से में लगी और रात करीब 12:30 बजे उनकी मौत हुई। मौत की सटीक वजह पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगी।
डीजीपी गौरव यादव ने घटनास्थल पर क्या पाया?
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि घटनास्थल से एक खाली कारतूस मिला है जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है और वहाँ खून के धब्बे भी पाए गए हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदनाएँ व्यक्त कीं और कहा कि मामले की जांच जारी है।
कांग्रेस और भाजपा ने इस हत्याकांड पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता राजकुमार वेरका ने कहा कि यह घटना सरकार की कानून व्यवस्था की विफलता का प्रमाण है। भाजपा उपाध्यक्ष रविकरण सिंह काहलों और नेता एचएस फूलका ने पंजाब में कानून-व्यवस्था को 'सबसे खराब' बताते हुए गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों की बढ़ती ताकत पर चिंता जताई।
एएसआई हरजीत सिंह कहाँ तैनात थे?
एएसआई हरजीत सिंह अमृतसर के गेट हकीमा में तैनात थे। वे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी थे, जिनकी हत्या ने राज्य के पुलिस बल के मनोबल और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की परिस्थितियाँ स्पष्ट होंगी और फोरेंसिक जांच से हथियार व हमलावरों की पहचान में मदद मिलेगी। डीजीपी ने संकेत दिए हैं कि विशेष टीमें मामले की जांच कर रही हैं और दोषियों को जल्द पकड़ने की कोशिश की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 28 मिनट पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. कल
  4. कल
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले