दिल्ली में 16 साल की किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या, खेत में मिला शव; चार गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में 13 सितंबर 2026 को 16 वर्षीय एक किशोरी का बुरी तरह क्षत-विक्षत शव मिला, जिसके बाद पुलिस जांच में सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इस जघन्य वारदात को चार आरोपियों ने मिलकर अंजाम दिया, जिनमें से तीन नाबालिग हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
घटना का क्रम
कुशक रोड पर जयपाल राणा के खेत के निकट एक बुरी तरह सड़ी-गली लाश बरामद हुई। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि पुलिस शुरुआत में यह भी तय नहीं कर पाई कि मृतक लड़का है या लड़की। जांच में पता चला कि आवारा कुत्तों ने शव के कुछ हिस्से खा लिए थे और पीड़िता का एक हाथ शरीर से अलग पड़ा मिला था।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता आरोपियों की जान-पहचान की थी और वह उनके साथ एक टेंपो में सफर कर रही थी। सफर के दौरान शराब पी गई, इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया। तत्पश्चात चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई और शव को खुले खेत में फेंक दिया गया।
जांच और आरोपियों की पहचान
शुरुआत में न कोई चश्मदीद था, न आरोपियों की पहचान। पुलिस ने क्राइम सीन और आसपास के रास्तों पर लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में उस दौरान एक संदिग्ध टेंपो आता-जाता दिखा — अंधेरे के कारण नंबर प्लेट स्पष्ट नहीं थी, लेकिन कई स्थानों की फुटेज से उसका रूट ट्रैक किया गया।
15 और 16 सितंबर की रातभर चले ऑपरेशन के बाद संदिग्ध टेंपो का पता लगाया गया। ड्राइवर से पूछताछ के बाद जांच आगे बढ़ी और चारों आरोपियों को पकड़ लिया गया। बालिग आरोपी की पहचान शिवम उर्फ सुदामा उर्फ चुचू के रूप में हुई है, जो खड्डा कॉलोनी का निवासी है। तीनों नाबालिग आरोपियों की उम्र 16 और 17 साल बताई गई है।
बरामदगी और फॉरेंसिक जांच
पुलिस ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल दो चाकू, आरोपियों के कपड़े और संदिग्ध टेंपो बरामद कर लिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, अब घटना का पूरा क्रम, प्रत्येक आरोपी की अलग-अलग भूमिका और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच जारी है।
परिवार और सामाजिक संदर्भ
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के परिवार ने उसकी गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। पूछताछ में परिजनों ने बताया कि वह कभी-कभी घर से चली जाती थी और कई दिन बाहर रहने के बाद लौट आती थी। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राजधानी में महिला सुरक्षा का मुद्दा बार-बार सवालों के घेरे में रहा है। तीन नाबालिगों की संलिप्तता यह सवाल भी उठाती है कि किशोर न्याय तंत्र और सामाजिक पुनर्वास की व्यवस्था कितनी प्रभावशाली है।
कानूनी कार्रवाई
आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। नाबालिग आरोपियों के मामले किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष भेजे जाने की संभावना है। जांच अधिकारियों ने संकेत दिया है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आरोप-पत्र दाखिल किया जाएगा।