भारत न्यूजीलैंड एफटीए एक महीने में लागू होने की उम्मीद: व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले
सारांश
मुख्य बातें
भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) अगले एक महीने के भीतर लागू हो सकता है। यह जानकारी न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने 18 सितंबर 2026 को एक विशेष इंटरव्यू में दी। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब न्यूजीलैंड की संसद ने हाल ही में इस समझौते को भारी बहुमत से मंजूरी दी है।
संसदीय मंजूरी और अगला कदम
न्यूजीलैंड की संसद में इस एफटीए को दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों का मजबूत समर्थन मिला। 93 सांसदों ने समझौते के पक्ष में मतदान किया, जबकि केवल 26 सांसदों ने इसका विरोध किया। मैक्ले ने बताया कि अब इसे कानूनी रूप देने और भारत के साथ राजनयिक नोट्स का आदान प्रदान करने की प्रक्रिया शेष है। उन्होंने कहा, "जब भारत भी ऐसा करने की स्थिति में होगा, तब इस प्रक्रिया के बाद समझौता लागू हो जाएगा।"
मंत्री ने स्पष्ट किया, "मुझे लगता है कि हम अगले एक महीने के भीतर इसके लागू होने की उम्मीद कर सकते हैं।" गौरतलब है कि यह एफटीए दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को नई दिशा देने वाला समझौता माना जा रहा है।
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
मैक्ले ने बताया कि न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया, "मुझे लगता है कि अब यह लक्ष्य हासिल करना पूरी तरह संभव है।" मंत्री ने इस एफटीए को न्यूजीलैंड और भारत द्वारा किए गए सबसे बेहतरीन व्यापार समझौतों में से एक करार दिया।
किन क्षेत्रों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ
मैक्ले के अनुसार, खाद्य निर्यात, भारतीय निर्मित वस्तुएँ, फार्मास्यूटिकल्स, मशीनरी और सेवा क्षेत्र इस समझौते से सर्वाधिक लाभान्वित होंगे। न्यूजीलैंड के लिए बागवानी उत्पाद, मांस और अन्य उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों का भारत को निर्यात एक बड़ा अवसर होगा, जहाँ इन उत्पादों की माँग लगातार बढ़ रही है।
भारत के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मैक्ले ने घोषणा की, "पहले ही दिन न्यूजीलैंड को निर्यात करने वाले भारत के लिए हर एक टैरिफ दर शून्य हो जाएगी।" इसके अतिरिक्त पर्यटन और आईटी सेवाओं सहित सेवा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है, जिससे दोनों देशों में अच्छे वेतन वाली नौकरियाँ पैदा हो सकती हैं।
व्यापार जगत की तैयारी
मंत्री ने बताया कि न्यूजीलैंड की कंपनियाँ पहले से ही भारत में मौजूद अवसरों का लाभ उठाने की तैयारी में जुटी हैं। न्यूजीलैंड की कंपनियाँ भारत का दौरा कर रही हैं, वहीं भारतीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल वाणिज्यिक साझेदारियाँ स्थापित करने के लिए न्यूजीलैंड जा रहे हैं। मैक्ले ने यह भी कहा कि वैश्विक टैरिफ नीतियों में बदलाव के बीच यह एफटीए कारोबार को अधिक निश्चितता प्रदान करेगा।
आगे की राह
भारत यात्रा की योजना के बारे में पूछे जाने पर मैक्ले ने कहा कि न्यूजीलैंड में होने वाला आगामी चुनाव फिलहाल उनकी तत्काल प्राथमिकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव के बाद वह इस साल के अंत से पहले भारत का दौरा कर सकेंगे। दोनों देशों के बीच राजनयिक नोट्स के आदान प्रदान की प्रक्रिया पूरी होते ही एफटीए का रास्ता औपचारिक रूप से साफ हो जाएगा।