रोहित शर्मा ने शिखर धवन को बताया 'जिगरी दोस्त', कहा — 'जब शिखर है तो चिंता किस बात की'
सारांश
मुख्य बातें
रोहित शर्मा ने अपने शो 'फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा' में शिखर धवन के साथ अपनी गहरी दोस्ती को याद करते हुए उन्हें अपना 'जिगरी दोस्त' बताया। 18 सितंबर 2026 को प्रसारित इस कार्यक्रम में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ने खुलासा किया कि धवन के साथ उनका रिश्ता बाकी साथी खिलाड़ियों से बिल्कुल अलग है, क्योंकि दोनों ने बेहद कम उम्र में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में एक साथ कदम रखा था।
शो में हुआ खास मिलन
शो की शुरुआत में ही रोहित ने मजेदार अंदाज में दर्शकों को बताया कि वे उस दिन खास तौर पर तरोताज़ा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने हँसते हुए कहा, 'मैं भी बहुत फ्रेश लग रहा हूं, क्योंकि मेरा जिगरी दोस्त आ रहा है, भाई।' शिखर धवन स्पेशल गेस्ट के रूप में इस कार्यक्रम में पहुँचे और दोनों ने मिलकर क्रिकेट के पुराने दिनों को जीवंत कर दिया।
दोस्ती की परिभाषा — रोहित के अंदाज़ में
रोहित ने दोस्ती को लेकर अपना मज़ेदार नज़रिया भी साझा किया। उन्होंने कहा, 'दोस्त ऐसा होना चाहिए, जो रेस्तरां में बिल देने का समय आते ही अचानक जरूरी फोन आने की बात कहकर वहां से निकल जाए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि आजकल दोस्त एक-दूसरे को मीम और रील भेजकर जुड़े रहते हैं, लेकिन धवन के साथ उनकी दोस्ती इन सबसे कहीं गहरी है।
ड्रेसिंग रूम से मैदान तक — साझा सफर
रोहित ने धवन के साथ अपने क्रिकेट सफर को भावुक शब्दों में याद किया। उन्होंने कहा, 'उसके साथ मैंने ड्रेसिंग रूम साझा किया है, जीत साझा की है, हार साझा की है, दबाव साझा किया है और ओपनिंग भी साझा की है।' यह जोड़ी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे सफल ओपनिंग साझेदारियों में गिनी जाती है और इनके बीच का तालमेल मैदान पर भी उतना ही स्वाभाविक था जितना मैदान के बाहर।
बचपन की दोस्ती, अलग जुड़ाव
रोहित ने स्पष्ट किया कि धवन के साथ उनकी बॉन्डिंग बाकी साथियों से अलग क्यों है। उनके शब्दों में, 'सबके साथ दोस्ती होती है, फ्रेंडशिप सब कुछ होती है, लेकिन जो आ रहा है ना, उसके साथ मेरी थोड़ी अलग बॉन्डिंग रही है। क्योंकि हमने बहुत छोटी उम्र में एक साथ खेलना शुरू किया था, कॉम्पिटिटिव लेवल पर।'
'जब शिखर है तो चिंता किस बात की'
रोहित ने सबसे भावपूर्ण बात तब कही जब उन्होंने बताया कि धवन के साथ उनकी ओपनिंग पार्टनरशिप किस तरह उनका बोझ हल्का कर देती थी। उन्होंने कहा, 'हमारी जो पार्टनरशिप रही है, वह बिल्कुल तनावमुक्त रही है। मैं हमेशा यही सोचता था कि जब उसके साथ खेलूंगा, तो मेरा दबाव पूरा निकल जाएगा, क्योंकि वह दबाव लेता था और मेरे ऊपर आने नहीं देता था। इसीलिए मैं हमेशा सोचता हूं — जब शिखर है तो चिंता किस बात की।' यह वाक्य न केवल उनकी दोस्ती का सार है, बल्कि भारतीय क्रिकेट की एक यादगार ओपनिंग जोड़ी की कहानी भी।