18 सितंबर 2026
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भारत-न्यूजीलैंड FTA को न्यूजीलैंड संसद में 93 वोटों से मंजूरी, ऊर्जा सुरक्षा पर साझेदारी होगी मजबूत: टॉड मैक्ले

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भारत-न्यूजीलैंड FTA को न्यूजीलैंड संसद में 93 वोटों से मंजूरी, ऊर्जा सुरक्षा पर साझेदारी होगी मजबूत: टॉड मैक्ले

सारांश

पश्चिम एशिया के तनाव के बीच भारत-न्यूजीलैंड FTA को न्यूजीलैंड संसद ने 93-26 के बड़े बहुमत से अनुमोदित किया। मंत्री टॉड मैक्ले ने नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग, रक्षा साझेदारी और अगले एक महीने में समझौता लागू होने की उम्मीद जताई — यह महज व्यापार नहीं, एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी की नींव है।

मुख्य बातें

न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने 18 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी को 'बेहद महत्वपूर्ण' बताया।
भारत-न्यूजीलैंड FTA को न्यूजीलैंड संसद में 93 बनाम 26 वोट के ऐतिहासिक बहुमत से अनुमोदन मिला।
समझौते को लागू करने की प्रक्रिया अगले एक महीने में पूरी होने की उम्मीद; औपचारिक राजनयिक दस्तावेजों का आदान-प्रदान शेष।
दोनों देश नवीकरणीय ऊर्जा सहित ऊर्जा सुरक्षा क्षेत्र में संयुक्त सहयोग बढ़ाने को प्रतिबद्ध।
दोनों देशों ने सुरक्षा सहयोग समझौते भी किए हैं; सैन्य सेवाएँ रचनात्मक रूप से मिलकर काम करेंगी।
मैक्ले ने न्यूजीलैंड में आगामी चुनाव के बाद 2026 के अंत से पहले भारत दौरे की उम्मीद जताई।

न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने 18 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, और दोनों देश नवीकरणीय ऊर्जा सहित ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को न्यूजीलैंड की संसद ने 93 बनाम 26 वोट के भारी बहुमत से अनुमोदित किया है।

संसदीय अनुमोदन: ऐतिहासिक बहुमत

मंत्री मैक्ले ने बताया कि भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के पक्ष में न्यूजीलैंड की पूरी संसद में 93 वोट पड़े जबकि विरोध में केवल 26 वोट रहे। उनके अनुसार, किसी भी व्यापार समझौते के लिए इतना बड़ा बहुमत न्यूजीलैंड की संसदीय इतिहास में अत्यंत दुर्लभ है।

उन्होंने कहा, 'यह वोट न सिर्फ इस बेहतरीन समझौते की अहमियत दर्शाता है, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों पर हमारे देश का भरोसा भी जाहिर करता है।' यह स्वीकृति इस बात का संकेत है कि न्यूजीलैंड की सत्ता और विपक्ष — दोनों पक्ष — भारत के साथ गहरे व्यापारिक संबंधों को राष्ट्रीय प्राथमिकता मानते हैं।

आगे की राजनयिक प्रक्रिया

मंत्री मैक्ले ने स्पष्ट किया कि अगला कदम समझौते को कानूनी स्वरूप देना और भारत के साथ औपचारिक राजनयिक दस्तावेजों का आदान-प्रदान करना होगा। उन्होंने कहा कि जब भारत भी अपनी ओर से यह प्रक्रिया पूरी कर लेगा, तब इस समझौते को लागू करने की समयसीमा आरंभ होगी।

उन्होंने अनुमान जताया कि यह पूरी प्रक्रिया अगले एक महीने के भीतर पूरी हो सकती है। यह ऐसे समय में है जब वैश्विक व्यापार परिदृश्य में अनिश्चितता बढ़ी हुई है और भारत कई देशों के साथ एक साथ व्यापार वार्ताएँ चला रहा है।

ऊर्जा सुरक्षा: सहयोग की नई दिशा

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का हवाला देते हुए मैक्ले ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा इस समय दोनों देशों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में संयुक्त सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया।

गौरतलब है कि भारत 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, जबकि न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था पहले से ही उच्च अनुपात में नवीकरणीय स्रोतों पर निर्भर है। दोनों देशों के बीच तकनीकी ज्ञान और निवेश साझा करने की व्यापक गुंजाइश इसी पृष्ठभूमि में देखी जा रही है।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग

व्यापार से परे, मंत्री मैक्ले ने बताया कि दोनों देशों ने सुरक्षा सहयोग समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए हैं और दोनों देशों की सैन्य सेवाएँ रचनात्मक रूप से मिलकर काम करेंगी। उनके अनुसार, FTA केवल एक शुरुआत है — न्यूजीलैंड सरकार भारत के साथ संबंधों को व्यापार, ऊर्जा और रक्षा — सभी स्तरों पर सुदृढ़ करना चाहती है।

व्यक्तिगत संबंध और आगामी यात्रा

मैक्ले ने कहा कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच व्यक्तिगत मित्रता स्थापित हो गई है और वे स्वयं भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ बेहद घनिष्ठ संबंध रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि न्यूजीलैंड में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं और चुनाव के बाद वे 2026 के अंत से पहले भारत दौरे की उम्मीद रखते हैं।

यह साझेदारी दोनों देशों के लिए व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक क्षेत्र में नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न सिर्फ व्यापारिक। लेकिन असली सवाल यह है कि यह समझौता भारत के उन दर्जनों FTA की कतार में कहाँ खड़ा होगा जो कागज पर महत्वाकांक्षी दिखे, पर क्रियान्वयन में सुस्त रहे। पश्चिम एशिया के तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार की अस्थिरता के बीच नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग की बात समय पर है, पर इसे ठोस परियोजनाओं और निवेश लक्ष्यों में बदलने की जरूरत है। रक्षा और सुरक्षा समझौतों को व्यापार समझौते के साथ जोड़ना यह दर्शाता है कि भारत अब 'समान विचारधारा वाले देशों' के साथ बहुस्तरीय रणनीतिक रिश्ते बनाने की दिशा में सक्रिय है — जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका का विस्तार है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट क्या है और इसे कितने वोट मिले?
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए हस्ताक्षरित एक व्यापक आर्थिक समझौता है। न्यूजीलैंड की संसद ने इसे 93 वोट के पक्ष और 26 वोट के विरोध के साथ अनुमोदित किया, जिसे मंत्री टॉड मैक्ले ने किसी भी व्यापार समझौते के लिए अब तक के सबसे बड़े बहुमत में से एक बताया।
भारत-न्यूजीलैंड FTA कब लागू होगा?
मंत्री टॉड मैक्ले के अनुसार, समझौते को पहले कानूनी स्वरूप दिया जाएगा और फिर भारत व न्यूजीलैंड के बीच औपचारिक राजनयिक दस्तावेजों का आदान-प्रदान होगा। जब दोनों देश यह प्रक्रिया पूरी कर लेंगे, तब समझौता लागू करने की समयसीमा शुरू होगी — जो अगले एक महीने के भीतर होने की उम्मीद जताई गई है।
पश्चिम एशिया के तनाव का भारत-न्यूजीलैंड संबंधों पर क्या असर है?
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा दोनों देशों के लिए प्राथमिकता बन गई है। मंत्री मैक्ले ने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों में दो समान विचारधारा वाले देशों की साझेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और नवीकरणीय ऊर्जा में मिलकर काम करने की बड़ी संभावना है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच रक्षा सहयोग की क्या स्थिति है?
दोनों देशों ने व्यापार के अलावा सुरक्षा सहयोग समझौते भी किए हैं, जिनके तहत दोनों देशों की सैन्य सेवाएँ रचनात्मक रूप से मिलकर काम करेंगी। मंत्री मैक्ले ने इसे FTA का पूरक बताते हुए कहा कि यह संबंधों की शुरुआत मात्र है।
टॉड मैक्ले भारत दौरे पर कब आ सकते हैं?
मंत्री टॉड मैक्ले ने बताया कि न्यूजीलैंड में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं और चुनाव समाप्त होने के बाद वे 2026 के अंत से पहले भारत आने की उम्मीद रखते हैं। उन्होंने भारतीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंध का भी उल्लेख किया।
राष्ट्र प्रेस
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