18 सितंबर 2026
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अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी बोले — 'पंजाब में कानून-व्यवस्था सामान्य नहीं'

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अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी बोले — 'पंजाब में कानून-व्यवस्था सामान्य नहीं'

सारांश

अमृतसर के भगतनवाला में सुबह 3 बजे ड्यूटी पर तैनात ASI हरजीत सिंह की मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इसे पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का संकेत बताया और नार्को-टेररिज्म की आड़ में पाकिस्तान की साजिश का ज़िक्र किया।

मुख्य बातें

अमृतसर के भगतनवाला में 18 सितंबर 2026 को सुबह करीब 3 बजे ड्यूटी पर तैनात एएसआई हरजीत सिंह की मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
हरजीत सिंह तरनतारन जिले के निवासी थे; उन्हें निजी अस्पताल में मृत घोषित किया गया।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा — 'कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य नहीं है', केंद्र व राज्य से कड़े कदमों की माँग की।
तिवारी ने पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के ज़रिये ड्रग्स और हथियारों की तस्करी को सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया।
उन्होंने 1995 के बाद शुरू हुए नार्को-टेररिज्म के दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब समेत पूरे उत्तरी क्षेत्र — चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा — में ड्रग्स की समस्या गंभीर बनी हुई है।
पुलिस ने हमलावरों की पहचान के लिए जाँच शुरू कर दी है।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने 18 सितंबर 2026 को अमृतसर के भगतनवाला इलाके में ड्यूटी पर तैनात एएसआई हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या पर गहरी चिंता जताई और कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति फिलहाल सामान्य नहीं है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से तत्काल कड़े कदम उठाने की माँग की।

घटनाक्रम: क्या हुआ भगतनवाला में

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 3 बजे हुई, जब मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हमलावर ड्यूटी पर तैनात एएसआई हरजीत सिंह के पास पहुँचे और बेहद करीब से उन पर कई गोलियाँ चलाईं। घायल अधिकारी को तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हरजीत सिंह तरनतारन जिले के मूल निवासी थे। पुलिस ने हमलावरों की पहचान और गोलीबारी की परिस्थितियों की जाँच शुरू कर दी है।

मनीष तिवारी की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, 'यह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक पुलिसकर्मी को गोली मारी गई और उनकी जान चली गई। इससे अधिक दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण क्या हो सकता है? यह साफ दिखाता है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य नहीं है।'

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और यहाँ बाहरी ताकतों — विशेषकर पाकिस्तान — का हस्तक्षेप बना रहता है। उनके अनुसार ड्रोन के ज़रिये ड्रग्स और हथियार सीमा पार भेजे जाते हैं, जिससे राज्य की सुरक्षा-स्थिति और जटिल हो जाती है। तिवारी ने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की यह साझा जिम्मेदारी है कि वे पंजाब में कानून-व्यवस्था को 'बहुत मजबूत और दुरुस्त' बनाए रखें।

नार्को-टेररिज्म और ड्रग्स की समस्या

पंजाब में ड्रग्स की स्थिति पर मनीष तिवारी ने कहा कि राज्य अभी भी एक गंभीर समस्या से जूझ रहा है। उनके शब्दों में, '1995 में पंजाब में आतंकवाद का दौर खत्म होने के बाद पाकिस्तान ने नार्को-टेररिज्म का दौर शुरू कर दिया। लोगों को यह पूरी तरह समझने में लगभग डेढ़ दशक लग गए कि क्या हो रहा था। 2009-2010 तक लोगों को यह एहसास हुआ कि यह पंजाब और देश को कमज़ोर करने की सोची-समझी साजिश थी।'

उन्होंने स्वीकार किया कि विभिन्न सरकारों ने स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए, लेकिन कहा कि जो कोई यह दावा करता है कि आज पंजाब में ड्रग्स की समस्या नहीं है, वह 'पंजाब के लोगों को गुमराह कर रहा है।'

उत्तर भारत के व्यापक संदर्भ में चिंता

तिवारी ने इस समस्या को केवल पंजाब तक सीमित नहीं माना। उन्होंने कहा कि आज चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा सहित पूरा उत्तरी क्षेत्र ड्रग्स की एक बेहद गंभीर और संवेदनशील समस्या का सामना कर रहा है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हमलों की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं।

आगे क्या

पुलिस ने अमृतसर में हमलावरों की पहचान के लिए जाँच तेज़ कर दी है। राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं और जाँच की प्रगति पर नज़र बनी हुई है। सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मनीष तिवारी का बयान केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे जाता है — वह नार्को-टेररिज्म की संरचनात्मक जड़ों की ओर इशारा करता है, जिसे अक्सर मुख्यधारा की कवरेज नज़रअंदाज़ करती है। असली सवाल यह है कि केंद्र और राज्य के बीच खुफिया-साझेदारी और सीमा-सुरक्षा समन्वय कितना कारगर है — क्योंकि ड्रोन-आधारित तस्करी का खतरा किसी एक सरकार के दायरे से बाहर है। जब तक इस साझा जिम्मेदारी पर ठोस जवाबदेही तय नहीं होती, ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी और बयानबाज़ी तक सीमित रहेंगी।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृतसर में एएसआई हरजीत सिंह की हत्या कैसे हुई?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार 18 सितंबर 2026 को सुबह करीब 3 बजे अमृतसर के भगतनवाला में मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हमलावरों ने ड्यूटी पर तैनात एएसआई हरजीत सिंह पर बेहद करीब से कई गोलियाँ चलाईं। उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस घटना पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि यह घटना साफ दिखाती है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य नहीं है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से तत्काल कड़े कदम उठाने की माँग की।
पंजाब में नार्को-टेररिज्म की समस्या क्या है?
मनीष तिवारी के अनुसार 1995 में आतंकवाद के खात्मे के बाद पाकिस्तान ने पंजाब में नार्को-टेररिज्म की रणनीति अपनाई। 2009-2010 तक इसे देश को कमज़ोर करने की सोची-समझी साजिश के रूप में पहचाना गया। ड्रोन के ज़रिये ड्रग्स और हथियारों की तस्करी अब भी जारी बताई जाती है।
क्या ड्रग्स की समस्या सिर्फ पंजाब तक सीमित है?
नहीं। मनीष तिवारी के अनुसार चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा सहित पूरा उत्तरी क्षेत्र ड्रग्स की गंभीर और संवेदनशील समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि इसे केवल पंजाब की समस्या मानना गलत होगा।
हत्या की जाँच में अब तक क्या हुआ है?
पुलिस ने गोलीबारी की परिस्थितियों और दोनों अज्ञात हमलावरों की पहचान के लिए जाँच शुरू कर दी है। अब तक किसी के गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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