अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी बोले — 'पंजाब में कानून-व्यवस्था सामान्य नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने 18 सितंबर 2026 को अमृतसर के भगतनवाला इलाके में ड्यूटी पर तैनात एएसआई हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या पर गहरी चिंता जताई और कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति फिलहाल सामान्य नहीं है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से तत्काल कड़े कदम उठाने की माँग की।
घटनाक्रम: क्या हुआ भगतनवाला में
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 3 बजे हुई, जब मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हमलावर ड्यूटी पर तैनात एएसआई हरजीत सिंह के पास पहुँचे और बेहद करीब से उन पर कई गोलियाँ चलाईं। घायल अधिकारी को तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हरजीत सिंह तरनतारन जिले के मूल निवासी थे। पुलिस ने हमलावरों की पहचान और गोलीबारी की परिस्थितियों की जाँच शुरू कर दी है।
मनीष तिवारी की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, 'यह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक पुलिसकर्मी को गोली मारी गई और उनकी जान चली गई। इससे अधिक दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण क्या हो सकता है? यह साफ दिखाता है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य नहीं है।'
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और यहाँ बाहरी ताकतों — विशेषकर पाकिस्तान — का हस्तक्षेप बना रहता है। उनके अनुसार ड्रोन के ज़रिये ड्रग्स और हथियार सीमा पार भेजे जाते हैं, जिससे राज्य की सुरक्षा-स्थिति और जटिल हो जाती है। तिवारी ने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की यह साझा जिम्मेदारी है कि वे पंजाब में कानून-व्यवस्था को 'बहुत मजबूत और दुरुस्त' बनाए रखें।
नार्को-टेररिज्म और ड्रग्स की समस्या
पंजाब में ड्रग्स की स्थिति पर मनीष तिवारी ने कहा कि राज्य अभी भी एक गंभीर समस्या से जूझ रहा है। उनके शब्दों में, '1995 में पंजाब में आतंकवाद का दौर खत्म होने के बाद पाकिस्तान ने नार्को-टेररिज्म का दौर शुरू कर दिया। लोगों को यह पूरी तरह समझने में लगभग डेढ़ दशक लग गए कि क्या हो रहा था। 2009-2010 तक लोगों को यह एहसास हुआ कि यह पंजाब और देश को कमज़ोर करने की सोची-समझी साजिश थी।'
उन्होंने स्वीकार किया कि विभिन्न सरकारों ने स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए, लेकिन कहा कि जो कोई यह दावा करता है कि आज पंजाब में ड्रग्स की समस्या नहीं है, वह 'पंजाब के लोगों को गुमराह कर रहा है।'
उत्तर भारत के व्यापक संदर्भ में चिंता
तिवारी ने इस समस्या को केवल पंजाब तक सीमित नहीं माना। उन्होंने कहा कि आज चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा सहित पूरा उत्तरी क्षेत्र ड्रग्स की एक बेहद गंभीर और संवेदनशील समस्या का सामना कर रहा है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हमलों की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं।
आगे क्या
पुलिस ने अमृतसर में हमलावरों की पहचान के लिए जाँच तेज़ कर दी है। राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं और जाँच की प्रगति पर नज़र बनी हुई है। सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।