13 जुलाई 2026
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पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हमले: भाजपा का AAP सरकार पर तीखा प्रहार, 'डरा हुआ पंजाब' का आरोप

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पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हमले: भाजपा का AAP सरकार पर तीखा प्रहार, 'डरा हुआ पंजाब' का आरोप

सारांश

BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने एक्स पर पंजाब पुलिस की सुरक्षा एडवाइजरी साझा कर AAP सरकार से पूछा — क्या यह 'वाइब्रेंट पंजाब' है या 'डरा हुआ पंजाब'? ASI जोगा सिंह की हत्या और गुरदासपुर में दो जवानों की मौत के बाद उठे ये सवाल राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था की बहस को नई धार दे रहे हैं।

मुख्य बातें

BJP ने 28 मई 2026 को पंजाब की AAP सरकार पर बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला।
पंजाब पुलिस ने कथित तौर पर जवानों को अकेले यात्रा न करने, सार्वजनिक स्थानों पर वर्दी न पहनने और दोपहिया वाहन न चलाने की एडवाइजरी जारी की।
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने एएसआई जोगा सिंह की हत्या और गुरदासपुर में 2 पुलिसकर्मियों की हत्या का हवाला दिया।
सिंह ने गैंगस्टर और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति की माँग की।
AAP सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 28 मई 2026 को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा हमला बोला। पार्टी ने पुलिसकर्मियों पर हाल के हमलों और उनकी सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी को आधार बनाते हुए सरकार को घेरा।

पुलिस एडवाइजरी का विवाद

रिपोर्टों के अनुसार, पंजाब पुलिस ने हाल ही में अपने कर्मियों के लिए कई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की हैं — विशेष रूप से उन जवानों के लिए जो दूर-दराज के इलाकों से ड्यूटी पर शहर आते हैं। इन एडवाइजरी में कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को अकेले यात्रा न करने, सार्वजनिक स्थानों पर वर्दी न पहनने और दोपहिया वाहनों का उपयोग न करने की हिदायत दी गई है।

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने इन एडवाइजरी को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए सवाल उठाया कि जब खुद पुलिसकर्मी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक कैसे सुरक्षित महसूस कर सकता है।

भाजपा के प्रमुख आरोप

सिंह ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, 'अगर पंजाब पुलिस के जवानों को प्रशासन की ओर से यह निर्देश दिया जा रहा है कि वे अकेले सफर न करें, सार्वजनिक जगहों पर वर्दी पहनने से बचें, दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल न करें और अपनी सुरक्षा के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहें, तो एक गंभीर सवाल उठता है: आम आदमी कितना सुरक्षित है?'

उन्होंने आगे कहा, 'जब समाज की रक्षा का जिम्मा संभालने वाले लोग खुद ही टारगेटेड हमलों के डर में जीने लगते हैं, तो यह पंजाब में कानून-व्यवस्था में आई एक भयानक गिरावट को दिखाता है। AAP की सरकार में गैंग वॉर, आतंकवाद से जुड़ी धमकियों और दिन-दहाड़े होने वाली बेखौफ हत्याओं की वजह से पंजाब को डर और असुरक्षा के माहौल में धकेल दिया गया है।'

हालिया हिंसक घटनाएँ

आरपी सिंह ने एएसआई जोगा सिंह की हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना पूरी पुलिस फोर्स के मनोबल और भरोसे पर एक सीधा हमला थी। इसके अलावा उन्होंने गुरदासपुर के दोरांगला सीमा चौकी पर पंजाब पुलिस के दो जवानों की पूर्व में हुई हत्या का हवाला देते हुए कहा कि इन घटनाओं ने राज्य में बिगड़ते सुरक्षा माहौल को पहले ही बेनकाब कर दिया था।

गौरतलब है कि ये घटनाएँ ऐसे समय में सामने आई हैं जब पंजाब में गैंगस्टर नेटवर्क और आतंकवाद से जुड़े खतरों को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से ही सतर्क हैं।

AAP सरकार पर सीधा निशाना

सत्ताधारी दल को घेरते हुए सिंह ने कहा, 'जिस सरकार ने बदलाव का वादा करके सत्ता हासिल की थी, उसने इसके बजाय पंजाब को असुरक्षा, अनिश्चितता और भय की ओर धकेल दिया है। यदि पुलिसकर्मियों को अपनी वर्दी छिपानी पड़ रही है और अपनी सुरक्षा के लिए अकेले यात्रा करने से डरना पड़ रहा है, तो फिर कोई दुकानदार, किसान, छात्र, व्यापारी या आम नागरिक सुरक्षित कैसे महसूस कर सकता है?'

उन्होंने गैंगस्टर और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति की माँग करते हुए कहा, 'पुलिस बल की सुरक्षा सीधे तौर पर हर नागरिक की सुरक्षा से जुड़ी है। एक डरा हुआ पुलिस बल, मतलब एक डरा हुआ पंजाब।'

AAP सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस राजनीतिक विवाद के और गहराने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अगर सत्यापित हों, तो संस्थागत मनोबल की गंभीर समस्या की ओर इशारा करती हैं। असली सवाल यह है कि AAP सरकार इन आरोपों का खंडन करेगी या एडवाइजरी की वैधता स्वीकार कर जवाब देगी। पंजाब में गैंगस्टर नेटवर्क की समस्या नई नहीं है — यह पिछली सरकारों के कार्यकाल में भी रही है — लेकिन 'बदलाव' के वादे पर सत्ता में आई AAP के लिए यह राजनीतिक रूप से अधिक संवेदनशील है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि पुलिस एडवाइजरी की मूल प्रति सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं हुई है — इसलिए आरोप और तथ्य के बीच की रेखा अभी धुंधली है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब पुलिस ने अपने जवानों के लिए क्या एडवाइजरी जारी की है?
रिपोर्टों के अनुसार, पंजाब पुलिस ने कथित तौर पर जवानों को अकेले यात्रा न करने, सार्वजनिक स्थानों पर वर्दी न पहनने और दोपहिया वाहनों का उपयोग न करने की हिदायत दी है। ये एडवाइजरी विशेष रूप से उन कर्मियों के लिए जारी बताई गई हैं जो दूर-दराज के इलाकों से शहर में ड्यूटी पर आते हैं।
BJP ने AAP सरकार पर किन घटनाओं का हवाला देकर हमला बोला?
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने एएसआई जोगा सिंह की हत्या और गुरदासपुर के दोरांगला सीमा चौकी पर पंजाब पुलिस के दो जवानों की पूर्व में हुई हत्या का हवाला दिया। उन्होंने इन घटनाओं को राज्य में बढ़ती गैंग हिंसा और आतंकवाद से जुड़े खतरों का प्रमाण बताया।
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने 'डरा हुआ पंजाब' से क्या मतलब निकाला?
आरपी सिंह का तर्क है कि जब पुलिसकर्मी खुद सुरक्षित नहीं हैं और उन्हें वर्दी छिपाने की नौबत आ गई है, तो आम नागरिक — दुकानदार, किसान, छात्र, व्यापारी — कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं। उनके अनुसार एक 'डरा हुआ पुलिस बल' सीधे तौर पर एक 'डरे हुए पंजाब' का प्रतीक है।
क्या AAP सरकार ने इन आरोपों पर कोई जवाब दिया है?
28 मई 2026 तक AAP सरकार की ओर से BJP के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह विवाद राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है।
पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति क्यों चर्चा में है?
राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क की सक्रियता, पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की घटनाएँ और आतंकवाद से जुड़े खतरों ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। BJP का कहना है कि AAP सरकार के कार्यकाल में ये समस्याएँ और गहरी हुई हैं, जबकि विपक्ष इसे शासन की विफलता बता रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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