पंजाब धमाकों को BJP से जोड़ना AAP की हताशा: वीरेंद्र सचदेवा ने संजय सिंह को घेरा, तरुण चुघ ने भगवंत मान को भेजा कानूनी नोटिस

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पंजाब धमाकों को BJP से जोड़ना AAP की हताशा: वीरेंद्र सचदेवा ने संजय सिंह को घेरा, तरुण चुघ ने भगवंत मान को भेजा कानूनी नोटिस

सारांश

पंजाब में हुए बम धमाकों को BJP के 'मिशन पंजाब' से जोड़ने पर सियासी घमासान तेज हो गया है। दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने AAP सांसद संजय सिंह को हताशे में डूबा बताया, तो तरुण चुघ ने CM भगवंत मान को 7 दिन में माफी माँगने का अल्टीमेटम दे दिया — वरना आपराधिक मानहानि का मुकदमा।

मुख्य बातें

दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने 7 मई को AAP सांसद संजय सिंह की निंदा की, जिन्होंने पंजाब धमाकों को BJP के 'मिशन पंजाब' से जोड़ा था।
6 मई को अमृतसर और जालंधर में दो धमाके हुए; पंजाब पुलिस ने ISI की संलिप्तता की ओर इशारा किया, कोई हताहत नहीं।
BJP राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने CM भगवंत मान को कानूनी नोटिस भेजा — 7 दिनों में माफी न माँगने पर आपराधिक मानहानि का मुकदमा।
ED ने कथित तौर पर मान से जुड़े बिल्डरों के दलालों के ठिकानों पर छापेमारी की; कथित तौर पर करोड़ों रुपए के बैग हवा में उछाले गए।
सचदेवा ने कहा कि गुजरात नगर निगम चुनावों में AAP के सफाए के बाद पार्टी में गहरी हताशा है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने गुरुवार, 7 मई को आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह की कड़ी निंदा की, जिन्होंने भाजपा के 'मिशन पंजाब' को अमृतसर और जालंधर में हुए बम धमाकों से जोड़ा था। सचदेवा ने इस बयान को AAP की राजनीतिक हताशा का प्रत्यक्ष प्रमाण बताया। इसी बीच, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक औपचारिक कानूनी नोटिस भेजकर सात दिनों के भीतर बयान वापस लेने और सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की है।

विवाद की जड़: मान की 'शुक्राना यात्रा' और विस्फोट के आरोप

यह विवाद बुधवार, 6 मई को तब शुरू हुआ, जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी 'शुक्राना यात्रा' का आगाज़ किया और आरोप लगाया कि ये धमाके राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा की 'तैयारी' का हिस्सा हैं। उसी दिन अमृतसर और जालंधर में दो धमाके हुए, जिनमें कथित तौर पर कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। पंजाब पुलिस ने इन घटनाओं में पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) की संलिप्तता की ओर इशारा किया है।

सचदेवा का पलटवार: केजरीवाल की विफलताएँ और ED छापेमारी

सचदेवा ने कहा कि बंगाल, तमिलनाडु और केरल में अरविंद केजरीवाल ने जिस भी पार्टी का समर्थन किया, वह राजनीतिक हाशिये पर चली गई। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि हाल ही में गुजरात के नगर निगम चुनावों में AAP पूरी तरह साफ हो गई, जिसके कारण पार्टी में गहरी निराशा व्याप्त है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए बताया कि गुरुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री मान से जुड़े बिल्डरों के कुछ दलालों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। इस दौरान कथित तौर पर करोड़ों रुपए से भरे बैग हवा में उछाले जाते देखे गए। सचदेवा ने कहा कि यह पंजाब में अधिकारियों, नेताओं और बिल्डरों के एक व्यापक नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

तरुण चुघ का कानूनी नोटिस: सात दिनों की मोहलत

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री मान को एक कानूनी नोटिस भेजा। इसमें बम धमाकों के संबंध में मान के 'झूठे, मानहानिकारक और भड़काऊ' आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई गई और पार्टी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का आरोप लगाया गया। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि मुख्यमंत्री सात दिनों के भीतर बयान वापस नहीं लेते और सार्वजनिक माफी नहीं माँगते, तो उनके खिलाफ मानहानि का आपराधिक मुकदमा दायर किया जाएगा।

भाजपा की संजय सिंह से माँग

सचदेवा ने कहा कि दिल्ली और पंजाब की जनता चाहती है कि संजय सिंह — जिन्होंने भाजपा के 'मिशन पंजाब' को बम धमाकों से जोड़ा — अब मुख्यमंत्री मान के करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर ED छापेमारी के दौरान कथित तौर पर हवा में उछाले गए करोड़ों रुपए के बारे में भी जवाब दें। गौरतलब है कि भाजपा ने मान को एक अलग मानहानि का आपराधिक नोटिस भेजते हुए सभी मीडिया प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर बिना शर्त माफी माँगने की भी माँग की है।

आगे क्या

पंजाब पुलिस की ISI-कनेक्शन जाँच और ED की छापेमारी के बाद यह राजनीतिक विवाद और गहरा होने की संभावना है। सात दिनों की निर्धारित समय-सीमा के भीतर मुख्यमंत्री मान की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह मामला अदालत तक पहुँचता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह राजनीतिक रूप से जोखिम भरा है — क्योंकि पुलिस की अपनी जाँच ही पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की ओर इशारा कर रही है। दूसरी ओर, भाजपा का ED-छापेमारी को सामने लाना यह संकेत देता है कि वह पंजाब में भ्रष्टाचार के मुद्दे को चुनावी हथियार बनाने की तैयारी में है। असली सवाल यह है कि क्या कानूनी नोटिस और जवाबी आरोप राज्य की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर चर्चा को पीछे धकेल देंगे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब धमाकों को BJP से जोड़ने का विवाद क्या है?
6 मई को अमृतसर और जालंधर में दो धमाके हुए, जिनमें कोई हताहत नहीं हुआ। CM भगवंत मान ने आरोप लगाया कि ये धमाके BJP के 'मिशन पंजाब' का हिस्सा हैं, जिसके जवाब में BJP ने उन पर मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा।
तरुण चुघ ने भगवंत मान को कानूनी नोटिस क्यों भेजा?
BJP राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने CM मान के बम धमाकों संबंधी बयान को 'झूठा, मानहानिकारक और भड़काऊ' बताते हुए 7 दिनों के भीतर बयान वापस लेने और सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की है। ऐसा न करने पर आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर करने की चेतावनी दी गई है।
पंजाब धमाकों में ISI की संलिप्तता का क्या मतलब है?
पंजाब पुलिस ने अमृतसर और जालंधर धमाकों की जाँच में पाकिस्तान की ISI की संलिप्तता की ओर इशारा किया है। हालाँकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जाँच जारी है।
ED ने पंजाब में किसके ठिकानों पर छापेमारी की?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ED ने CM भगवंत मान से जुड़े बिल्डरों के कुछ दलालों के ठिकानों पर छापेमारी की। कथित तौर पर इस दौरान करोड़ों रुपए से भरे बैग हवा में उछाले जाते देखे गए।
वीरेंद्र सचदेवा ने AAP की हताशा के लिए क्या तर्क दिया?
सचदेवा ने कहा कि बंगाल, तमिलनाडु और केरल में केजरीवाल समर्थित पार्टियाँ हाशिये पर चली गईं और गुजरात नगर निगम चुनावों में AAP पूरी तरह साफ हो गई। इसी राजनीतिक विफलता से उपजी हताशा में संजय सिंह ने धमाकों को BJP से जोड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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