पंजाब में सांप्रदायिक अशांति की साजिश: BJP के सुनील जाखड़ का केजरीवाल और भगवंत मान पर बड़ा हमला
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने गुरुवार, 7 मई को चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह पंजाब में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और अशांति फैलाने की सुनियोजित कोशिश कर रहे हैं। जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के हालिया बयानों को भी भ्रामक और बेबुनियाद करार देते हुए उन पर पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष रूप से क्लीन चिट देने का आरोप लगाया।
मुख्य घटनाक्रम
जाखड़ के नेतृत्व में एक BJP प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ स्थित पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय का दौरा किया और बम धमाकों से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग की। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि यदि BJP के खिलाफ कोई ठोस सबूत हो तो कार्रवाई की जाए, अन्यथा मुख्यमंत्री मान और अन्य AAP नेताओं को जाँच के दायरे में लाया जाए और उनके भड़काऊ बयानों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए।
जाखड़ ने मुख्यमंत्री के बयान को सांप्रदायिक सौहार्द के लिए खतरनाक और देशद्रोह की श्रेणी में रखते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की माँग की। उनका तर्क था कि जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा उठाता है, तो इस तरह के बयान पाकिस्तान के पक्ष में इस्तेमाल हो सकते हैं और देश की छवि को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
ISI और डीजीपी के बयान का विरोधाभास
जाखड़ ने इस मामले में एक अहम विरोधाभास की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि पंजाब के DGP ने स्वयं कहा है कि बम धमाकों के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का हाथ है, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान इसके ठीक विपरीत दिशा में जाता है। उनके अनुसार, यह विरोधाभास न केवल भ्रामक है, बल्कि राज्य की सुरक्षा एजेंसियों की साख को भी कमज़ोर करता है।
केजरीवाल पर समन्वित रणनीति का आरोप
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अरविंद केजरीवाल के इशारों पर काम कर रहे हैं और यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। जाखड़ के अनुसार, कई AAP नेता एक जैसे बयान दे रहे हैं, जो यह साबित करता है कि यह पार्टी नेतृत्व द्वारा सुनियोजित और समन्वित रणनीति है। उन्होंने कहा कि AAP की मंशा राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर राजनीतिक लाभ उठाने की है।
गौरतलब है कि जाखड़ ने 2017 के पंजाब विधानसभा चुनावों का भी हवाला दिया और आरोप लगाया कि उस दौरान केजरीवाल ऐसे लोगों के घरों में ठहरे थे, जिनका कथित तौर पर चरमपंथ से संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रवादी पार्टी BJP पर आरोप लगाने का नैतिक अधिकार केजरीवाल को नहीं है।
आम जनता और राजनीतिक माहौल पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में बम धमाकों की घटनाओं के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल पहले से ही तनावपूर्ण है। BJP और AAP के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर राज्य की कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक स्थिति को लेकर आम जनता में अनिश्चितता बढ़ा सकता है।
आगे क्या होगा
BJP प्रतिनिधिमंडल द्वारा DGP कार्यालय को सौंपी गई जाँच की माँग के बाद अब यह देखना होगा कि पंजाब पुलिस और राज्य सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद आगामी दिनों में और गहरा हो सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने आरोपों पर अड़े हुए हैं।