पंजाब भाजपा प्रमुख की आलोचना: 'आप' सरकार की चार साल की उपलब्धियां बढ़ता कर्ज और गुंडागर्दी हैं
सारांश
Key Takeaways
- पंजाब में बढ़ता कर्ज और गुंडागर्दी सरकार की असफलता को दर्शाते हैं।
- सरकार के नशा कम करने के दावे संदिग्ध हैं।
- भ्रष्टाचार के आरोप पार्टी की छवि को प्रभावित कर रहे हैं।
चंडीगढ़, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सोमवार को आम आदमी पार्टी की सरकार पर तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में सरकार की प्रमुख उपलब्धियां केवल बढ़ता कर्ज और राज्य में गुंडागर्दी तथा नशे का फैलाव हैं।
जाखड़ ने यह टिप्पणी पंजाब में आम आदमी पार्टी के चार साल पूरे होने के मौके पर की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कानून-व्यवस्था को संभालने में असफल रही है और मुख्यमंत्री भगवंत मान गुंडागर्दी को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बताकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते।
उनका कहना है कि राज्य के लोग सरकार की कार्यप्रणाली की सच्चाई को अच्छी तरह समझते हैं। जाखड़ के अनुसार, रोजाना होने वाली आपराधिक घटनाओं के कारण लोग डर और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई व्यक्तियों को फिरौती के लिए फोन आ रहे हैं, जबकि सरकार यह दावा कर रही है कि सब कुछ नियंत्रण में है।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि यदि सरकार के नशे को कम करने के दावे सही होते, तो पुलिस को गांवों में कमेटियां बनाकर रात में पहरा देने के लिए नहीं कहना पड़ता। उनके अनुसार, यह स्थिति स्पष्ट करती है कि राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चुनौतियां हैं।
जाखड़ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके 'सुपर मुख्यमंत्री' अब खनन से 20 हजार करोड़ रुपये की आय के अपने चुनावी वादे पर चुप हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध खनन खुलेआम हो रहा है और सरकार यह बताने में असफल रही है कि इससे मिलने वाला पैसा कहां जा रहा है।
पंजाब भाजपा के अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी पर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने कभी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का दावा किया था, आज वही भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी हुई है। जाखड़ ने सवाल किया कि क्या अब पार्टी इसी पैसे से चल रही है, जिसके खिलाफ वह पहले आवाज उठाती थी।
जाखड़ ने मुफ्त और सस्ती बिजली देने के नाम पर पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को आर्थिक संकट की ओर धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति यूं ही बनी रही, तो भविष्य में बिजली विभाग का निजीकरण हो सकता है। उनका कहना था कि यदि ऐसा हुआ, तो इसका बोझ सीधे पंजाब के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और लोग इसकी गंभीरता को नहीं समझ पा रहे हैं।
जाखड़ ने सरकार के तथाकथित 'शिक्षा क्रांति मॉडल' पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर केवल इमारतों के रंगने से ही क्रांति आती, तो गिरगिट को सबसे बड़ा क्रांतिकारी कहा जाता। उनका कहना था कि यदि आम आदमी पार्टी के नेताओं को अपनी शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा होता, तो वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए भेजते। उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब उनके अपने विधायक ही इस मॉडल पर भरोसा नहीं करते, तो आम जनता इससे कैसे प्रभावित होगी।
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है और कई विभागों में कथित तौर पर भ्रष्टाचार की दरें बढ़ गई हैं। जाखड़ के अनुसार, समाज का लगभग हर वर्ग वर्तमान सरकार से असंतुष्ट है।
उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को उनका महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है और सरकार कृषि नीति को लागू करने में भी नाकाम रही है। जाखड़ ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान किसानों से जुड़े मुद्दों की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर डाल रहे हैं, जबकि कृषि से जुड़े कई विषय राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।