क्या भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्यपाल को पत्र लिखकर मीडिया की आजादी पर चिंता जताई?
सारांश
Key Takeaways
- मीडिया की स्वतंत्रता
- कानून-व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता
- सरकार का दुरुपयोग
- पत्रकारों की सुरक्षा
- लोकतंत्र की रक्षा
चंडीगढ़, १८ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को एक पत्र भेजकर राज्य में मीडिया की स्वतंत्रता और बिगड़ते कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
जाखड़ ने पत्र में उल्लेख किया कि पंजाब में कानून और व्यवस्था की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो चुकी है। आम जनता अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार मीडिया को दबाने में व्यस्त है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जानबूझकर मीडिया की स्वतंत्र रिपोर्टिंग को रोकना चाहती है, ताकि पंजाब में बिगड़ते कानून-व्यवस्था की वास्तविकता जनता तक न पहुंचे।
जाखड़ ने कहा कि सरकार पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को निशाना बना रही है। उन्होंने पंजाब केसरी के निडर पत्रकारिता के गौरवमयी इतिहास की याद दिलाई, जिसने हर दौर में सच्चाई को उजागर करने का साहस दिखाया है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि संपादकों और पत्रकारों को डराने के लिए पुलिस छापों जैसे हथकंडे का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पूरी तरह से गैर-लोकतांत्रिक है।
जाखड़ ने लिखा कि मीडिया जनता की आवाज है और इसे दबाना लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यों को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी चिंता जताई कि जहाँ एक ओर मीडिया को दबाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर गैंगस्टर खुली आवाजाही कर रहे हैं और राज्य में अपराध बढ़ता जा रहा है। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे मुख्यमंत्री को मीडिया पर दबाव डालना बंद करने और स्वतंत्र पत्रकारिता को सुरक्षित करने के निर्देश दें। साथ ही पंजाब में कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाएं।