एशियन गेम्स 2026 से पहले मांडविया का मंत्र: 'दबाव को प्रदर्शन में बदलो', टीम इंडिया को नई दिल्ली में विदाई
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 8 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित विदाई समारोह में भारतीय खिलाड़ियों को एक स्पष्ट संदेश दिया — मुकाबले के दबाव को प्रदर्शन में, प्रतिद्वंद्वी को मौके में और मौके को उपलब्धि में बदलें। एशियन गेम्स 2026 जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होंगे, और इससे पहले भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने इस औपचारिक विदाई समारोह का आयोजन किया।
विदाई समारोह का माहौल
IOA द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जापान रवाना होने वाले भारतीय खिलाड़ी, कोच, सपोर्ट स्टाफ, अधिकारी और साझेदार सभी उपस्थित रहे। खेल मंत्री मांडविया ने IOA की अध्यक्ष पीटी उषा के साथ मिलकर इस समारोह की अगुवाई की। समारोह में उत्साह और राष्ट्रीय गौरव का वातावरण था।
मांडविया का खिलाड़ियों को संदेश
खेल मंत्री मांडविया ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, 'इस देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हम दिन-ब-दिन, साल-दर-साल आगे बढ़ रहे हैं। हमें दबाव को प्रदर्शन में, प्रतिद्वंद्वी को मौके में और मौके को उपलब्धि में बदलना है। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारी टीम एशियन गेम्स में अच्छा प्रदर्शन करेगी और देश का मान बढ़ाएगी।' यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2023 एशियन गेम्स में अपने ऐतिहासिक 107 मेडल के प्रदर्शन को पार करने की उम्मीद लेकर मैदान में उतरेगा।
पीटी उषा की प्रेरणादायी बात
IOA अध्यक्ष पीटी उषा ने खिलाड़ियों से कहा कि वे उम्मीदों के बोझ तले दबने के बजाय इस अवसर का भरपूर आनंद लें। उन्होंने कहा, 'इस मौके से घबराएं नहीं। ऐसा कुछ करें कि यह मौका आपको याद रखे। खुद को देखें और याद करें कि आप कितनी दूर आ गए हैं। आपने एशिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई है। उम्मीदों का बोझ न ढोएं, बल्कि उनसे मिलने वाली ताकत को साथ रखें। मैदान पर जाएं, मुकाबले का आनंद लें और अपना सब कुछ झोंक दें। आत्मविश्वास, साहस, विनम्रता और इस विश्वास के साथ जाएं कि आप एशिया में किसी का भी मुकाबला कर सकते हैं।' गौरतलब है कि स्वयं उषा एशियाई खेलों की पूर्व चैंपियन रही हैं और उनके ये शब्द अनुभव की गहराई से निकले हैं।
पैनल चर्चा में दिग्गज खिलाड़ी
समारोह के दौरान एक विशेष पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें ओलंपिक मेडलिस्ट स्वप्निल कुसाले, कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट अस्मिता डे, कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट एवं वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव और कबड्डी स्टार पवन सहरावत ने हिस्सा लिया। इन खिलाड़ियों ने अपने अनुभव साझा कर युवा प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाया।
भारत की उम्मीदें और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत ने 2023 एशियन गेम्स में कुल 107 मेडल जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया था — यह देश के एशियाई खेलों के इतिहास में एक मील का पत्थर था। आइची-नागोया 2026 में भारतीय दल उसी उत्कृष्टता की विरासत को आगे बढ़ाने के इरादे से उतरेगा। खेल मंत्रालय और IOA दोनों ने खिलाड़ियों की तैयारी और समर्थन में कोई कमी नहीं छोड़ी है। आने वाले हफ्तों में भारत का प्रदर्शन यह तय करेगा कि देश की खेल महाशक्ति बनने की यात्रा किस रफ्तार से आगे बढ़ रही है।