11 अगस्त 2026
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तिरुवनंतपुरम में 2026 आइची-नागोया एशियन गेम्स 'फन रन': 40,000 प्रतिभागियों ने रचा इतिहास, मांडविया ने की केरलम की सराहना

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तिरुवनंतपुरम में 2026 आइची-नागोया एशियन गेम्स 'फन रन': 40,000 प्रतिभागियों ने रचा इतिहास, मांडविया ने की केरलम की सराहना

सारांश

तिरुवनंतपुरम में 40,000 से अधिक लोगों ने OCA की 'एशियन गेम्स फॉर ऑल' पहल के तहत भारत की पहली 2026 आइची-नागोया एशियन गेम्स 'फन रन' में हिस्सा लिया। मांडविया ने केरलम को भारत के खेल मानचित्र पर विशेष स्थान देते हुए 2036 ओलंपिक बोली और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का संकल्प दोहराया।

मुख्य बातें

40,000 से अधिक प्रतिभागियों ने तिरुवनंतपुरम में भारत की पहली 2026 आइची-नागोया एशियन गेम्स 'फन रन' में हिस्सा लिया।
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ.
मनसुख मांडविया ने विश्वविद्यालय स्टेडियम में कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
केरलम के 115 खिलाड़ी (जिनमें 69 महिला ) खेलो इंडिया और 17 खिलाड़ी TOPS के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
भारत को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी मिली; 2036 ओलंपिक के लिए बोली लगाई गई।
PM मोदी का लक्ष्य — 2036 तक शीर्ष 10 और 2047 तक शीर्ष 5 खेल राष्ट्रों में भारत।
रैली में 1,000 से अधिक बच्चों और युवाओं ने भाग लिया; समापन सेंट्रल स्टेडियम में हुआ।

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 24 जून 2025 को तिरुवनंतपुरम के विश्वविद्यालय स्टेडियम में भारत की पहली 2026 आइची-नागोया एशियन गेम्स 'फन रन' का उद्घाटन किया, जिसमें 40,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। ओलंपिक परिषद एशिया (OCA) की 'एशियन गेम्स फॉर ऑल' पहल के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम भारत में अपनी तरह का पहला आयोजन रहा।

मुख्य घटनाक्रम

इस ऐतिहासिक आयोजन में केरलम के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, विपक्ष के नेता वीडी सतीसन, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और केरलम के खेल मंत्री ओजे जनेश कुमार सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में भारतीय सेना बैंड की प्रस्तुतियाँ, ज़ुम्बा सत्र, बॉडीबिल्डिंग प्रदर्शन, तथा योग एवं जिम्नास्टिक खिलाड़ियों के प्रदर्शन भी शामिल रहे। 'फन रन' के पश्चात रोलर स्केटर्स, इलेक्ट्रिक स्कूटर और बुलेट मोटरसाइकिलों की भव्य रैली हुई, जिसमें एक हजार से अधिक बच्चों और युवाओं ने भाग लिया। समापन सेंट्रल स्टेडियम में रंगारंग समारोह के साथ हुआ।

मांडविया ने केरलम की खेल संस्कृति को सराहा

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मांडविया ने कहा, 'भारत के खेल मानचित्र पर केरलम का एक विशेष स्थान है। खेलों के प्रति यहाँ का जुनून न केवल यहाँ के खिलाड़ियों में, बल्कि यहाँ के लोगों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।'

उन्होंने बताया कि वर्तमान में केरलम के 115 खिलाड़ी — जिनमें 69 महिला खिलाड़ी शामिल हैं — खेलो इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 17 खिलाड़ी लक्ष्य ओलंपिक पोडियम योजना (TOPS) के माध्यम से विश्व स्तरीय प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं।

भारत की खेल महत्वाकांक्षाएँ

डॉ. मांडविया ने देश की दीर्घकालिक खेल योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत को 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का अधिकार मिल चुका है और 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भी बोली लगाई गई है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि 2036 तक भारत को विश्व के शीर्ष 10 खेल राष्ट्रों में और 2047 तक — स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ तक — शीर्ष 5 देशों में स्थान दिलाना है।

2026 एशियाई खेलों में केरलम की भूमिका

मंत्री ने 2026 आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारत के प्रदर्शन को लेकर आशावाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'मुझे विश्वास है कि जापान में होने वाले एशियाई खेल 2026 में भारत एक नया रिकॉर्ड स्थापित करेगा और केरलम के खिलाड़ियों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी।'

गौरतलब है कि इस आयोजन में विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, एनसीसी कैडेटों, एनएसएस स्वयंसेवकों, सशस्त्र बलों के कर्मियों, केरलम पुलिस, आबकारी विभाग और आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी रही — जो इसे केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक सामुदायिक उत्सव बनाती है।

आगे क्या

यह 'फन रन' केरलम को एक अग्रणी खेल राज्य के रूप में और मज़बूती से स्थापित करती है। 2026 आइची-नागोया एशियाई खेलों से पहले इस तरह के आयोजन न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि आम जनता में खेल भावना और फिटनेस के प्रति जागरूकता भी फैलाते हैं। भारत के बढ़ते खेल अवसंरचना और नीतिगत निवेश के संदर्भ में यह आयोजन एक सकारात्मक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन केंद्रीय खेल नीति में अक्सर उत्तर-भारत-केंद्रित दृष्टिकोण हावी रहा है। 115 खेलो इंडिया और 17 TOPS एथलीटों के आँकड़े उत्साहजनक हैं, परंतु असली कसौटी यह होगी कि 2026 आइची-नागोया में इनमें से कितने पदक तालिका में योगदान देते हैं। जब तक प्रदर्शन के ठोस परिणाम सामने नहीं आते, ऐसे आयोजन प्रेरणादायक तो हैं, पर पर्याप्त नहीं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 आइची-नागोया एशियन गेम्स 'फन रन' क्या है?
यह ओलंपिक परिषद एशिया (OCA) की 'एशियन गेम्स फॉर ऑल' पहल के तहत आयोजित एक सामुदायिक खेल कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य आम जनता में खेल भावना और फिटनेस को बढ़ावा देना है। भारत ने पहली बार यह आयोजन तिरुवनंतपुरम, केरलम में किया, जिसमें 40,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल हुए?
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने उद्घाटन किया। उनके साथ केरलम के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, विपक्ष के नेता वीडी सतीसन और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा भी उपस्थित रहीं।
केरलम के कितने खिलाड़ी खेलो इंडिया और TOPS में शामिल हैं?
केरलम के 115 खिलाड़ी — जिनमें 69 महिला खिलाड़ी शामिल हैं — खेलो इंडिया कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इसके अलावा, 17 खिलाड़ी लक्ष्य ओलंपिक पोडियम योजना (TOPS) के अंतर्गत विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
2026 एशियाई खेल कहाँ और कब होंगे?
2026 एशियाई खेल जापान के आइची-नागोया में आयोजित होंगे। भारत इन खेलों में नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है, जिसमें केरलम के खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका अपेक्षित है।
भारत की खेल मेजबानी की भावी योजनाएँ क्या हैं?
भारत को 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी मिल चुकी है और 2036 के ओलंपिक खेलों के लिए भी बोली लगाई गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2036 तक भारत को शीर्ष 10 और 2047 तक शीर्ष 5 खेल राष्ट्रों में शामिल करने का लक्ष्य रखा है।
राष्ट्र प्रेस
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