ट्रंप की बड़ी चूक: ब्राजील चुनाव पर टिप्पणी में 'भारत के राष्ट्रपति चुनाव' में 12.5 करोड़ वोटरों का गलत दावा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 5 अक्टूबर 2026 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक भ्रामक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव को 'भारत का राष्ट्रपति चुनाव' बताते हुए दावा किया कि इसके पहले दौर में 12.5 करोड़ लोगों ने मतदान किया। इस पोस्ट को व्हाइट हाउस के आधिकारिक रैपिड रिस्पॉन्स अकाउंट ने भी री-शेयर किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इस गलती को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं।
क्या थी ट्रंप की पोस्ट
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'आज भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट दिया। वोटिंग बंद होने के कुछ ही समय बाद, उसी दिन नतीजे भी आ गए! हालांकि डेट्रॉइट, फिलाडेल्फिया, कैलिफ़ोर्निया और अमेरिका के कई दूसरे शहरों और राज्यों में इससे बहुत कम वोटों के नतीजे आने में अक्सर कई हफ़्ते लग जाते हैं। धांधली करने में, मेरा मतलब है गिनती करने में। अमेरिका में वोटिंग भ्रष्ट है!'
गौरतलब है कि ट्रंप वास्तव में ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव पर टिप्पणी करना चाहते थे, जहाँ उसी दिन पहले दौर का मतदान संपन्न हुआ था। भारत में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता के मताधिकार से नहीं, बल्कि निर्वाचक मंडल के माध्यम से होता है — यह तथ्य भी ट्रंप की पोस्ट को और अधिक भ्रामक बनाता है।
ब्राजील चुनाव: असली तस्वीर
ब्राजील में 5 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति चुनाव का पहला दौर संपन्न हुआ। 98.81 प्रतिशत मतों की गिनती के बाद, दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो को 47.24 प्रतिशत वोट मिले, जबकि मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा को 44.91 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए।
चूँकि दोनों में से कोई भी उम्मीदवार जीत के लिए आवश्यक 50 प्रतिशत से अधिक मत हासिल नहीं कर सका, इसलिए अब दूसरा और अंतिम दौर 25 अक्टूबर को होगा। यह नतीजा फ्लावियो बोल्सोनारो के लिए एक मज़बूत प्रदर्शन माना जा रहा है।
बोल्सोनारो परिवार की पृष्ठभूमि
फ्लावियो बोल्सोनारो, ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के पुत्र हैं। जायर बोल्सोनारो पिछले राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे को सैन्य तख्तापलट के ज़रिए पलटने की नाकाम साजिश रचने के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद कथित तौर पर 27 साल की जेल की सज़ा काट रहे हैं। इस परिवेश में फ्लावियो की मज़बूत शुरुआत ब्राजील की राजनीति में दक्षिणपंथ की वापसी के रूप में देखी जा रही है।
लूला की आगे की रणनीति
पहले दौर में पिछड़ने के बाद मौजूदा राष्ट्रपति लूला के सामने अब दोहरी चुनौती है — एक ओर अपने मौजूदा समर्थन आधार को मज़बूत रखना, और दूसरी ओर उन मतदाताओं को अपनी ओर करना जिन्होंने पहले दौर में तीसरे या चौथे उम्मीदवारों को वोट दिया था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, 25 अक्टूबर का दूसरा दौर काँटे का मुकाबला होगा।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
ट्रंप की गलत पोस्ट के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं ने इस तथ्यात्मक भूल को उजागर किया और सही जानकारी साझा की। यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप अमेरिकी मतदान प्रणाली पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं और किसी अन्य देश के चुनावी उदाहरण से तुलना करने की कोशिश में यह चूक हो गई।
आने वाले हफ़्तों में ब्राजील के राजनीतिक घटनाक्रम पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी रहेंगी, जहाँ 25 अक्टूबर को होने वाला दूसरा दौर यह तय करेगा कि दक्षिण अमेरिका के सबसे बड़े लोकतंत्र की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।