ब्राजील चुनाव 2026: टीएसई प्रमुख बोले — 'संविधान और कानून का पूरा पालन हुआ', बोल्सोनारो ने लगाया धांधली का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट (टीएसई) के प्रमुख कैसियो नून्स मार्केस ने बुधवार को घोषणा की कि देश में 2026 के राष्ट्रपति चुनाव पूरी तरह वैध, कानूनसम्मत और संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप संपन्न हुए। यह बयान उस समय आया जब पराजित उम्मीदवार जायर बोल्सोनारो के बेटे और सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो ने एक खुले पत्र में चुनावी धांधली का आरोप लगाया था।
टीएसई का आधिकारिक बयान
अदालत की वेबसाइट पर जारी आधिकारिक वक्तव्य में नून्स मार्केस ने कहा, 'मतदान पूरी चुनावी न्याय प्रणाली के अनुरूप कराए गए। मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया और वैध तरीके से अपने प्रतिनिधियों को चुना।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतदान के अंतिम चरणों में थोड़ा व्यवधान अवश्य हुआ, परंतु अदालत के त्वरित कदमों और तकनीकी कर्मचारियों की दक्षता की बदौलत मतगणना सुचारू रूप से पूरी हुई। उन्होंने जोड़ा, 'कानूनी प्रक्रिया के तहत सामने रखी गई सभी आपत्तियों की जाँच की जाएगी और उनका जवाब दिया जाएगा।'
बोल्सोनारो के आरोप और विवाद का केंद्र
रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर (रनऑफ) में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने जायर बोल्सोनारो को 40 लाख से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया। पराजय के बाद फ्लेवियो बोल्सोनारो ने आरोप लगाया कि ब्राजील के सुप्रीम फेडरल कोर्ट (एसटीएफ) ने मतदान का समय दो घंटे बढ़ाकर टीएसई के अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया। उनके अनुसार, यह आदेश आधिकारिक समापन समय के बाद दिया गया, जिससे मतदाताओं के साथ असमान व्यवहार हुआ।
गौरतलब है कि दोनों उम्मीदवारों की चुनाव प्रचार टीमों ने रिपोर्ट किया था कि कुछ मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुँचने में कठिनाई हुई, जिसके बाद एसटीएफ ने मतदान का समय शाम 7 बजे (स्थानीय समय) तक बढ़ाने का आदेश दिया। यह आदेश केवल उन मतदान केंद्रों पर लागू हुआ जो शाम 5 बजे तक खुले थे; जो केंद्र पहले बंद हो चुके थे, उन्हें दोबारा नहीं खोला गया।
मतदान समय विस्तार का वास्तविक असर
ब्राज़ीलियाई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शाम 5 बजे के निर्धारित समापन समय के बाद केवल 34,300 वोट डाले गए। यह संख्या लूला की जीत के 40 लाख से अधिक के अंतर की तुलना में नगण्य है, जो बोल्सोनारो खेमे के धांधली के आरोपों को आँकड़ों के आधार पर कमज़ोर बनाती है।
बोल्सोनारो का ब्राजील छोड़ना और पासपोर्ट विवाद
रिपोर्टों के अनुसार, जायर बोल्सोनारो देश छोड़ने से पहले एसटीएफ के जस्टिस अलेक्जेंड्रे डी मोरेस ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें बोल्सोनारो को अपना पासपोर्ट फेडरल पुलिस को सौंपने और देश से बाहर जाने पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए थे। ब्राज़ीलियाई मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, यह आदेश उस जाँच का हिस्सा है जिसमें बोल्सोनारो और वकील विलर टोमाज पर मनी लॉन्ड्रिंग तथा अवैध विदेशी मुद्रा लेनदेन का कथित संदेह है।
अमेरिकी मीडिया की खबरों के अनुसार, बोल्सोनारो और उनका परिवार बुधवार सुबह अर्जेंटीना और इक्वाडोर होते हुए फ्लोरिडा के मियामी पहुँच गए।
आगे क्या होगा
टीएसई के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया के तहत दायर सभी आपत्तियों की विधिवत जाँच की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब ब्राजील की लोकतांत्रिक संस्थाएँ चुनावी परिणामों पर बढ़ते राजनीतिक ध्रुवीकरण का सामना कर रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण होगी।