29 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

योग शुरू करने से पहले जानें ज़रूरी सावधानियाँ, आयुष मंत्रालय की सलाह — हर उम्र के लिए अलग नियम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
योग शुरू करने से पहले जानें ज़रूरी सावधानियाँ, आयुष मंत्रालय की सलाह — हर उम्र के लिए अलग नियम

सारांश

योग लाभकारी है — लेकिन बिना जानकारी के नहीं। आयुष मंत्रालय की सलाह है कि उम्र, बीमारी और शारीरिक स्थिति के अनुसार अभ्यास चुनें। भस्त्रिका से उच्च रक्तचाप रोगियों को खतरा, बुज़ुर्गों के लिए चक्रासन वर्जित — सही मार्गदर्शन के बिना योग फायदे की जगह नुकसान दे सकता है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय के अनुसार, योगाभ्यास हमेशा व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति, उम्र और शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
योग से पहले प्रत्येक आसन के कॉन्ट्राइंडिकेशन्स — यानी किन परिस्थितियों में वह न करें — को समझना अनिवार्य है।
उच्च रक्तचाप के रोगियों को भस्त्रिका प्राणायाम से परहेज़ करना चाहिए, क्योंकि यह हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को खतरनाक स्तर तक बढ़ा सकता है।
बुज़ुर्गों के लिए पादहस्तासन और चक्रासन जैसे अत्यधिक झुकाव वाले आसन जोखिमपूर्ण हो सकते हैं।
महिलाओं को मासिक धर्म और गर्भावस्था के दौरान विशेष आसनों से बचने की सलाह दी जाती है।
योगाभ्यास खाली पेट या भोजन के कम से कम 3-4 घंटे बाद , अधिमानतः सुबह करें।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, योगाभ्यास केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि संतुलित जीवन जीने की एक समग्र कला है — और इसे बिना उचित जानकारी के अपनाना लाभ की जगह नुकसान पहुँचा सकता है। उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, शारीरिक-मानसिक अवस्था और मौसम जैसे कारक मिलकर तय करते हैं कि किसी व्यक्ति के लिए कौन-सा अभ्यास उपयुक्त है। विशेषज्ञों की राय है कि योग शुरू करने से पहले प्रत्येक अभ्यास के कॉन्ट्राइंडिकेशन्स — यानी किन परिस्थितियों में वह अभ्यास नहीं करना चाहिए — को अच्छी तरह समझना अनिवार्य है।

आयुष मंत्रालय की मुख्य सलाह

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि हर व्यक्ति का शरीर और मन अलग होता है, इसलिए सभी के लिए एकसमान योगाभ्यास उचित नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, अपने योग प्रशिक्षक या थेरेपिस्ट को अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में पूरी जानकारी देना ज़रूरी है और उनके निर्देशों का पालन करते हुए ही अभ्यास करना चाहिए। कुछ स्वास्थ्य समस्याओं में विशेष योगासन पूरी तरह वर्जित होते हैं।

मंत्रालय ने यह भी सुझाव दिया है कि योगाभ्यास खाली पेट या भोजन के कम से कम 3-4 घंटे बाद ही किया जाए। सुबह का समय योग के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इसके साथ ही, अपनी शारीरिक क्षमताओं और सीमाओं को पहचानना भी उतना ही आवश्यक है।

बुज़ुर्गों के लिए विशेष सावधानी

बढ़ती उम्र के साथ शरीर की क्षमता और ज़रूरतें बदल जाती हैं। इसलिए बुज़ुर्गों को बहुत अधिक आगे या पीछे झुकने वाले आसनों और लंबे समय तक एक ही मुद्रा में रहने वाले अभ्यासों से बचने की सलाह दी जाती है। उदाहरण के तौर पर, पादहस्तासन और चक्रासन में शरीर को अत्यधिक मोड़ना पड़ता है, जो बुज़ुर्गों के लिए कठिन और जोखिमपूर्ण हो सकता है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि ऐसे आसन या तो बिल्कुल न किए जाएँ या चिकित्सक की स्वीकृति के बाद ही, अत्यंत सावधानी के साथ किए जाएँ। गौरतलब है कि उम्र के साथ हड्डियों और मांसपेशियों की लचीलापन कम हो जाती है, जिससे चोट का खतरा बढ़ जाता है।

प्राणायाम में भी बरतें सतर्कता

योग के साथ-साथ प्राणायाम के अभ्यास में भी व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक स्थिति का विशेष महत्व है। उदाहरण के रूप में, भस्त्रिका प्राणायाम में तेज़ और बलपूर्वक साँस ली और छोड़ी जाती है, जिससे शरीर में अचानक ऊर्जा और रक्त संचार में वृद्धि होती है।

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के रोगियों में यह अभ्यास हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को खतरनाक स्तर तक बढ़ा सकता है, जिससे चक्कर आना या अन्य गंभीर कार्डियक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक है जब देश में हृदय रोगों के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

महिलाओं और विशेष स्वास्थ्य स्थितियों के लिए नियम

महिलाओं को मासिक धर्म और गर्भावस्था के दौरान कुछ विशेष आसनों से परहेज़ करने की सलाह दी जाती है। इसी तरह, हर्निया के रोगियों को पीछे झुकने वाले आसन वर्जित हैं। प्रत्येक चिकित्सीय स्थिति के लिए योग में कड़े निषेध होते हैं, जिनका पालन करना स्वास्थ्य की दृष्टि से अनिवार्य है।

यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब बिना प्रमाणित मार्गदर्शन के ऑनलाइन योग वीडियो देखकर अभ्यास करने का चलन तेज़ी से बढ़ा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गलत अभ्यास से शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है और दीर्घकालिक नुकसान भी संभव है।

सुरक्षित योगाभ्यास के मूल सिद्धांत

विशेषज्ञ सुझाते हैं कि योगाभ्यास सदैव जागरूकता, सही जानकारी और योग्य मार्गदर्शन के साथ ही किया जाना चाहिए। अभ्यास से पूर्व अपनी मेडिकल कंडीशन के अनुसार निषेधों की पूरी जानकारी लें। किसी भी नई दिनचर्या को शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक और प्रमाणित योग प्रशिक्षक से परामर्श करना सबसे सुरक्षित विकल्प है। सही मार्गदर्शन के साथ किया गया योग जीवन की गुणवत्ता को दीर्घकालिक रूप से बेहतर बना सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर देश में प्रमाणित योग प्रशिक्षकों की भारी कमी है और ग्रामीण क्षेत्रों में तो इन दिशानिर्देशों तक पहुँच भी संदिग्ध है। यह विरोधाभास है कि एक ओर सरकार योग को वैश्विक सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में प्रचारित कर रही है, दूसरी ओर सुरक्षित अभ्यास के लिए ज़मीनी ढाँचा अभी भी अधूरा है। जब तक योग प्रशिक्षण में मानकीकरण और स्वास्थ्य साक्षरता नहीं आती, तब तक ये दिशानिर्देश केवल कागज़ी खानापूर्ति बनकर रह जाएँगे।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योग करने से पहले कौन-सी ज़रूरी सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
योग शुरू करने से पहले अपनी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और शारीरिक क्षमता का मूल्यांकन करें और किसी प्रमाणित योग प्रशिक्षक या चिकित्सक से परामर्श लें। हमेशा खाली पेट या भोजन के कम से कम 3-4 घंटे बाद अभ्यास करें, और प्रत्येक आसन के contraindications को समझकर ही उसे अपनाएँ।
उच्च रक्तचाप के मरीज़ों के लिए कौन-से योगाभ्यास खतरनाक हो सकते हैं?
उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए भस्त्रिका प्राणायाम विशेष रूप से जोखिमपूर्ण है, क्योंकि इसमें तेज़ साँस लेने और छोड़ने से हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है। इससे चक्कर आना या गंभीर कार्डियक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए ऐसे मरीज़ चिकित्सक की सलाह के बिना यह अभ्यास बिल्कुल न करें।
बुज़ुर्गों के लिए कौन-से योगासन वर्जित हैं?
बुज़ुर्गों को पादहस्तासन और चक्रासन जैसे अत्यधिक आगे-पीछे झुकाव वाले आसनों से परहेज़ करना चाहिए। बढ़ती उम्र में हड्डियों और मांसपेशियों की लचीलापन कम हो जाती है, जिससे इन आसनों में चोट का खतरा बढ़ जाता है — इसलिए ऐसे अभ्यास केवल डॉक्टर की अनुमति और विशेष सावधानी के साथ ही करें।
महिलाओं को किन परिस्थितियों में योग से परहेज़ करना चाहिए?
महिलाओं को मासिक धर्म और गर्भावस्था के दौरान कुछ विशेष आसनों से बचने की सलाह दी जाती है। इन अवस्थाओं में शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालने वाले या पेट पर ज़ोर पड़ने वाले आसन खतरनाक हो सकते हैं — इस बारे में किसी योग्य प्रशिक्षक या स्त्री रोग विशेषज्ञ से मार्गदर्शन लेना उचित है।
क्या बिना प्रशिक्षक के ऑनलाइन वीडियो देखकर योग करना सुरक्षित है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बिना प्रमाणित मार्गदर्शन के केवल ऑनलाइन वीडियो देखकर योग करना जोखिमपूर्ण हो सकता है, विशेषकर जब व्यक्ति को कोई स्वास्थ्य समस्या हो। गलत तकनीक और contraindications की अनदेखी से दीर्घकालिक नुकसान संभव है, इसलिए किसी प्रमाणित योग प्रशिक्षक की निगरानी में अभ्यास शुरू करना सबसे सुरक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 23 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले