29 अक्टूबर 2026
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उत्तर कोरिया परमाणु निरस्त्रीकरण पर 11 देशों और EU का संयुक्त बयान, अमेरिका ने 10 पर लगाए नए प्रतिबंध

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उत्तर कोरिया परमाणु निरस्त्रीकरण पर 11 देशों और EU का संयुक्त बयान, अमेरिका ने 10 पर लगाए नए प्रतिबंध

सारांश

11 देशों और EU ने उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण की माँग दोहराई और नए प्रतिबंधों का समर्थन किया। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने DPRK के आईटी नेटवर्क से जुड़े 10 व्यक्तियों पर शिकंजा कसा। यह सब तब हो रहा है जब ट्रंप किम जोंग उन के साथ वार्ता की राह भी खुली रख रहे हैं।

मुख्य बातें

11 देशों और EU ने 29 अक्टूबर 2026 को संयुक्त बयान जारी कर उत्तर कोरिया के पूर्ण, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय परमाणु निरस्त्रीकरण की माँग दोहराई।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने DPRK के आईटी कर्मियों से जुड़ी कथित अवैध गतिविधियों के खिलाफ 10 व्यक्तियों और 1 इकाई पर प्रतिबंध लगाए।
बहुपक्षीय प्रतिबंध निगरानी दल (MSMT) की रिपोर्टों में उत्तर कोरिया-रूस सैन्य सहयोग और साइबर वित्तीय नेटवर्क का खुलासा।
MSMT का गठन अप्रैल 2024 में रूस के वीटो के बाद किया गया था, इसमें वर्तमान में 11 देश शामिल हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने किम जोंग उन के साथ वार्ता फिर शुरू करने में रुचि दिखाई है, लेकिन पिछले दौर में परमाणु शर्तों पर सहमति नहीं बनी थी।

दक्षिण कोरिया, अमेरिका सहित 11 देशों और यूरोपीय संघ (EU) ने 29 अक्टूबर 2026 को एक संयुक्त बयान जारी कर उत्तर कोरिया के पूर्ण, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय परमाणु निरस्त्रीकरण की माँग दोहराई है। इसी के साथ अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने उत्तर कोरिया के आईटी कर्मियों से जुड़ी कथित अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ 10 व्यक्तियों और एक इकाई पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्योंगयांग के साथ कूटनीतिक बातचीत फिर से शुरू करने में रुचि जताई है।

संयुक्त बयान में क्या कहा गया

बुधवार को जारी इस बयान में दक्षिण कोरिया, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन शामिल हैं। बयान में डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (DPRK) के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को वित्तपोषण से वंचित करने के उद्देश्य से लगाए गए अक्टूबर के प्रतिबंधों का स्वागत किया गया।

इन देशों ने संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों, विशेष रूप से सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों, से DPRK पर लागू प्रस्तावों को पूरी तरह लागू करने का आग्रह किया। बयान में स्पष्ट किया गया कि प्रतिबंधों का लक्ष्य प्योंगयांग के हथियार कार्यक्रमों के वित्त स्रोतों को बाधित करना है।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय की नई कार्रवाई

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि उत्तर कोरिया के आईटी कर्मियों की कथित अवैध गतिविधियों के खिलाफ 10 व्यक्तियों और एक इकाई पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ये आईटी कर्मी अपनी पहचान छिपाकर विदेशी कंपनियों में रोज़गार हासिल करते हैं और उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा प्योंगयांग के हथियार कार्यक्रमों के वित्तपोषण में जा सकता है।

इन व्यक्तियों पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाकर अवैध राजस्व जुटाने की योजनाओं में भाग लिया। प्रतिबंधों का उद्देश्य इस नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली और कारोबारी पहुँच से वंचित करना है।

बहुपक्षीय प्रतिबंध निगरानी दल की भूमिका

संयुक्त बयान में बहुपक्षीय प्रतिबंध निगरानी दल (MSMT) की रिपोर्टों का हवाला दिया गया, जिनमें उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य सहयोग, साइबर माध्यम से संचालित आईटी कर्मियों की योजनाओं और विदेशों में उत्तर कोरियाई श्रमिकों की गतिविधियों को उजागर किया गया है। गौरतलब है कि MSMT का गठन अप्रैल 2024 में तब किया गया था जब रूस ने संयुक्त राष्ट्र के उस विशेषज्ञ पैनल का कार्यकाल बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया था, जो DPRK पर लगे प्रतिबंधों की निगरानी करता था। वर्तमान में इस निगरानी दल में 11 देश शामिल हैं।

ट्रंप की कूटनीति और प्रतिबंधों के बीच संतुलन

यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ वार्ता फिर से शुरू करने में रुचि दिखाई है। हालाँकि, पिछले दौर की बातचीत में परमाणु निरस्त्रीकरण की शर्तों पर सहमति नहीं बन सकी थी। आलोचकों का कहना है कि एक तरफ कठोर प्रतिबंध और दूसरी तरफ कूटनीतिक द्वार खुला रखना — इन दोनों के बीच संतुलन बनाना वाशिंगटन और उसके सहयोगियों के लिए जटिल चुनौती बनी हुई है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर और आगे की राह

उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम लंबे समय से पूर्व एशिया में क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का केंद्र रहे हैं। अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान इन कार्यक्रमों पर रोक लगाने के लिए आपसी समन्वय मज़बूत करते रहे हैं। संयुक्त बयान और नए प्रतिबंधों से स्पष्ट है कि पश्चिमी गठबंधन प्योंगयांग पर दबाव बनाए रखने की रणनीति को जारी रखेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले महीनों में कूटनीतिक और आर्थिक दबाव दोनों एक साथ काम कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये प्रतिबंध प्योंगयांग के व्यवहार में वास्तविक बदलाव ला सकते हैं — जबकि रूस जैसे स्थायी सदस्य संयुक्त राष्ट्र निगरानी को ही कमज़ोर कर चुके हैं। ट्रंप प्रशासन एक तरफ कठोर प्रतिबंध लगा रहा है और दूसरी तरफ वार्ता का दरवाज़ा खुला रख रहा है — यह विरोधाभासी रणनीति पिछले दो दशकों में कई बार आज़माई जा चुकी है, बिना स्थायी नतीजे के। MSMT की रिपोर्ट में उत्तर कोरिया-रूस सैन्य सहयोग का उजागर होना बताता है कि प्योंगयांग का वित्तीय नेटवर्क अब पहले से कहीं अधिक विविध और जटिल है। बिना चीन और रूस की सक्रिय भागीदारी के, पश्चिमी गठबंधन का यह दबाव परमाणु कार्यक्रम को रोकने में कितना कारगर होगा — यह सबसे बड़ा अनुत्तरित प्रश्न है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर कोरिया परमाणु निरस्त्रीकरण पर किन देशों ने संयुक्त बयान जारी किया?
दक्षिण कोरिया, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन — कुल 11 देशों और यूरोपीय संघ ने 29 अक्टूबर 2026 को यह संयुक्त बयान जारी किया। बयान में DPRK के पूर्ण, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय परमाणु निरस्त्रीकरण का लक्ष्य दोहराया गया।
अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध क्यों लगाए?
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने उत्तर कोरिया के आईटी कर्मियों की कथित अवैध गतिविधियों के खिलाफ 10 व्यक्तियों और एक इकाई पर प्रतिबंध लगाए हैं। इन पर आरोप है कि वे अपनी पहचान छिपाकर अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाते हुए प्योंगयांग के हथियार कार्यक्रमों के लिए अवैध राजस्व जुटाते हैं।
बहुपक्षीय प्रतिबंध निगरानी दल (MSMT) क्या है?
MSMT एक 11-देशीय निगरानी दल है जिसका गठन अप्रैल 2024 में हुआ था, जब रूस ने संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ पैनल का कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव पर वीटो लगाया था। यह दल उत्तर कोरिया पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के क्रियान्वयन की निगरानी करता है और उल्लंघनों की रिपोर्ट तैयार करता है।
क्या ट्रंप और किम जोंग उन के बीच वार्ता दोबारा शुरू होगी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किम जोंग उन के साथ बातचीत फिर शुरू करने में रुचि दिखाई है। हालाँकि, पिछले दौर की वार्ताओं में परमाणु निरस्त्रीकरण की शर्तों पर सहमति नहीं बन पाई थी, इसलिए नई बातचीत की संभावनाएँ अभी अनिश्चित बनी हुई हैं।
उत्तर कोरिया-रूस सैन्य सहयोग का इस प्रकरण से क्या संबंध है?
MSMT की रिपोर्टों में उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य सहयोग का उल्लेख किया गया है, जो 11 देशों के संयुक्त बयान में भी दर्ज है। आलोचकों के अनुसार, यह सहयोग प्योंगयांग को प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है और पश्चिमी गठबंधन की रणनीति को जटिल बनाता है।
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