29 अक्टूबर 2026
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उत्तर कोरिया ने ईस्ट सी में दागी लगभग एक दर्जन बैलिस्टिक मिसाइलें, दक्षिण कोरिया अलर्ट

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उत्तर कोरिया ने ईस्ट सी में दागी लगभग एक दर्जन बैलिस्टिक मिसाइलें, दक्षिण कोरिया अलर्ट

सारांश

उत्तर कोरिया ने 29 अक्टूबर को वॉनसन से लगभग एक दर्जन शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें ईस्ट सी में दागीं — 12 अक्टूबर के टैक्टिकल मिसाइल परीक्षण के महज दो सप्ताह बाद। AI-सक्षम जाम-2.0 टॉरपीडो और अब यह सलवो, प्योंगयांग की बढ़ती सैन्य आक्रामकता का संकेत है।

मुख्य बातें

उत्तर कोरिया ने 29 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे वॉनसन से लगभग एक दर्जन शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें ईस्ट सी में दागीं।
दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने निगरानी बढ़ाई; अमेरिका और जापान के साथ जानकारी साझा की जा रही है।
यह 12 अक्टूबर को उत्तर कोरिया के टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के दो सप्ताह बाद हुआ।
17 अक्टूबर को उत्तर कोरिया ने AI-सक्षम जाम-2.0 (ZM-2.0) टॉरपीडो प्रणाली का पानी के नीचे परीक्षण करने का दावा किया था।
उत्तर कोरिया के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में जाम-2.0 से जुड़े 180 से अधिक परीक्षण किए जा चुके हैं।

दक्षिण कोरिया की सेना ने 29 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि उत्तर कोरिया ने ईस्ट सी (पूर्वी सागर) की दिशा में लगभग एक दर्जन शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह घटना प्योंगयांग की बढ़ती सैन्य गतिविधियों की श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है और क्षेत्रीय तनाव को और गहरा करती है।

मुख्य घटनाक्रम

दक्षिण कोरियाई जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के अनुसार, ये मिसाइलें दोपहर करीब 12:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) उत्तर कोरिया के वॉनसन इलाके से दागी गईं। अधिकारियों ने बताया कि इन मिसाइलों की मारक दूरी और तकनीकी विशेषताओं का अभी विश्लेषण किया जा रहा है।

JCS ने पुष्टि की कि निगरानी तंत्र को तत्काल प्रभाव से मजबूत किया गया है और किसी भी संभावित नए परीक्षण के लिए सेना पूरी तरह सतर्क है। साथ ही, इस घटनाक्रम की जानकारी अमेरिका और जापान के साथ लगातार साझा की जा रही है।

पिछले परीक्षणों से संबंध

यह घटना 12 अक्टूबर को प्योंगयांग द्वारा किए गए उस परीक्षण के लगभग दो सप्ताह बाद हुई है, जिसमें उत्तर कोरिया ने 'टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइलें' दागने का दावा किया था। उस समय प्योंगयांग ने कहा था कि यह परीक्षण अपने हथियार प्रणाली के एक महत्वपूर्ण हिस्से को उन्नत करने के उद्देश्य से किया गया था।

गौरतलब है कि 17 अक्टूबर 2026 को उत्तर कोरिया ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस अपनी नई 'जाम-2.0' (ZM-2.0) नामक हाई-स्पीड टॉरपीडो हथियार प्रणाली का पानी के नीचे परीक्षण करने का दावा किया था। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने अगले दिन इसकी पुष्टि की थी।

एआई-सक्षम टॉरपीडो प्रणाली की विशेषताएँ

KCNA के अनुसार, जाम-2.0 प्रणाली में लक्ष्य की पहचान करने और उसे निशाना बनाने के लिए AI तकनीक का उपयोग किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस परीक्षण से प्रणोदन प्रणाली (प्रोपल्शन सिस्टम) की दक्षता बढ़ाने और रॉकेट प्रणोदन उपकरणों के प्रदर्शन में सुधार से जुड़ी प्रमुख तकनीकों की पुष्टि हुई।

उत्तर कोरिया ने दावा किया कि पिछले पाँच वर्षों में इस प्रणाली से संबंधित 180 से अधिक परीक्षण किए जा चुके हैं, जो कि इसके तकनीकी विकास की तीव्रता को दर्शाता है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव पहले से ऊँचे स्तर पर है। दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के बीच त्रिपक्षीय सुरक्षा सहयोग मजबूत हो रहा है, जबकि उत्तर कोरिया अपनी सैन्य क्षमताओं के प्रदर्शन की गति बढ़ाता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ये परीक्षण प्योंगयांग की कूटनीतिक दबाव की नीति का हिस्सा हो सकते हैं।

आने वाले दिनों में तीनों सहयोगी देशों की संयुक्त प्रतिक्रिया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस विषय पर होने वाली चर्चा पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कूटनीतिक संकेत है — ठीक उस वक्त जब वाशिंगटन और सियोल त्रिपक्षीय सुरक्षा ढाँचे को और मजबूत कर रहे हैं। एक महीने में तीन बड़े परीक्षण — टैक्टिकल मिसाइल, AI-टॉरपीडो और अब बैलिस्टिक सलवो — यह पैटर्न बताता है कि प्योंगयांग अपनी 'बहु-आयामी प्रतिरोध' रणनीति को तेज कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की निष्प्रभावी होती धार और चीन-रूस के मौन समर्थन के बीच, केवल निंदा प्रस्तावों से यह बढ़ता दुस्साहस नहीं रुकेगा।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर कोरिया ने 29 अक्टूबर को कहाँ से और कितनी मिसाइलें दागीं?
उत्तर कोरिया ने 29 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) वॉनसन इलाके से लगभग एक दर्जन शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें ईस्ट सी (पूर्वी सागर) की दिशा में दागीं। इनकी मारक दूरी और तकनीकी विशेषताओं का अभी विश्लेषण किया जा रहा है।
दक्षिण कोरिया और उसके सहयोगियों ने क्या प्रतिक्रिया दी?
दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने तत्काल निगरानी बढ़ाई और पूरी सेना को अलर्ट पर रखा। अमेरिका और जापान के साथ लगातार जानकारी साझा की जा रही है ताकि एक मजबूत संयुक्त रक्षा स्थिति बनाए रखी जा सके।
उत्तर कोरिया की जाम-2.0 (ZM-2.0) टॉरपीडो प्रणाली क्या है?
जाम-2.0 उत्तर कोरिया की AI-सक्षम हाई-स्पीड टॉरपीडो हथियार प्रणाली है, जिसका पानी के नीचे परीक्षण 17 अक्टूबर 2026 को किया गया। इसमें लक्ष्य पहचानने और निशाना लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग होता है, और उत्तर कोरिया के अनुसार पिछले पाँच वर्षों में इससे जुड़े 180 से अधिक परीक्षण हो चुके हैं।
अक्टूबर 2026 में उत्तर कोरिया के प्रमुख हथियार परीक्षण कौन-कौन से रहे?
अक्टूबर 2026 में उत्तर कोरिया ने तीन प्रमुख परीक्षण किए — 12 अक्टूबर को टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण, 17 अक्टूबर को AI-सक्षम जाम-2.0 टॉरपीडो का पानी के नीचे परीक्षण, और 29 अक्टूबर को ईस्ट सी में लगभग एक दर्जन शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों का सलवो।
इन मिसाइल परीक्षणों का क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
ये परीक्षण कोरियाई प्रायद्वीप पर पहले से विद्यमान तनाव को और बढ़ाते हैं। दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के त्रिपक्षीय सुरक्षा सहयोग पर दबाव बढ़ेगा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नई बहस की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्योंगयांग की कूटनीतिक दबाव रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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