मनजिंदर सिंह सिरसा का राऊज एवेन्यू कोर्ट में बयान, AAP नेताओं पर 'गुल्लक चोरी' के आरोप को बताया झूठा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं के विरुद्ध दायर आपराधिक मानहानि मामले में अपना बयान दर्ज कराया। सिरसा ने कहा कि 'गुल्लक चोरी' और 'चावल चोरी' से जुड़े आरोप पूरी तरह झूठे हैं और इन आरोपों के चलते उनकी वैश्विक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुँचा है।
मामले की पृष्ठभूमि
मंत्री सिरसा ने AAP नेता सौरभ भारद्वाज, संजीव झा और कुलदीप कुमार के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि इन नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन पर गुल्लक चोरी और चावल चोरी के आरोप लगाए थे। सिरसा के अनुसार उन्होंने 11 अगस्त को सौरभ भारद्वाज और संजीव झा को कानूनी नोटिस भेजकर बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी माँगने की माँग की थी।
सिरसा का कोर्ट में बयान
सिरसा ने अदालत में कहा कि सिख धर्म में 'गुल्लक' का उपयोग धार्मिक और परोपकारी कार्यों के लिए होता है और किसी सिख के लिए 'गुल्लक चोरी' कहना सबसे अपमानजनक आरोप माना जाता है। उन्होंने कहा, "यह पहली बार नहीं है कि सौरभ भारद्वाज ने मेरे ऊपर ऐसे फर्जी आरोप लगाए हैं — पहले भी कई बार गुल्लक चोरी के झूठे आरोप लगाए गए हैं।"
सिरसा ने यह भी कहा कि 'गुल्लक चोरी से ₹400 करोड़ बनाने' के आरोप को लेकर उनके करीबी और दशकों पुराने परिचित भी सवाल करने लगे हैं और दूरी बनाने लगे हैं।
प्रतिष्ठा को नुकसान का दावा
मंत्री सिरसा ने अपने बयान में कहा, "समाज में मेरा बहुत सम्मान है और मैं दुनियाभर के गुरुद्वारों में जाता हूँ। जिस तरह से मेरे खिलाफ फर्जी आरोप लगाए गए हैं, उससे पूरी दुनिया में मेरी और मेरे परिवार की साख को नुकसान पहुँचा है।" उन्होंने कहा कि चावल चोरी के आरोप को लेकर भी लोग उनसे सवाल करने लगे हैं।
AAP की ओर से प्रतिक्रिया
फिलहाल सौरभ भारद्वाज, संजीव झा या कुलदीप कुमार की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला राऊज एवेन्यू कोर्ट में विचाराधीन है और आगामी सुनवाई में AAP नेताओं का पक्ष भी दर्ज होने की संभावना है।
आगे क्या होगा
आपराधिक मानहानि मामले में अब अदालत प्रतिपक्ष का बयान दर्ज करेगी। यह मामला दिल्ली की राजनीति में भाजपा और AAP के बीच जारी कानूनी संघर्षों की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।