प्रयागराज: कार्तिक मास में दामोदर पूजा, बलुआघाट पर यमुना स्नान के लिए उमड़े हज़ारों श्रद्धालु
सारांश
मुख्य बातें
प्रयागराज के बलुआघाट पर 29 अक्टूबर 2026 को कार्तिक मास के पावन अवसर पर हज़ारों श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में पवित्र डुबकी लगाई और भगवान दामोदर की विधिवत पूजा-अर्चना की। महीने भर चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान में भक्त अपने परिवार की खुशहाली और देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
कार्तिक स्नान का महत्व
हिंदू धर्म में कार्तिक मास को सर्वाधिक पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह में स्नान, दान, पूजा-पाठ और दीप दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। तुलसी पूजा और सेवा को भी इस महीने अत्यंत फलदायी माना जाता है, जिससे मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।
घाट पर मौजूद एक महिला श्रद्धालु ने बताया, 'हम यहाँ यमुना जी में स्नान करने आते हैं। मिट्टी से भगवान को बनाते हैं, उनकी पूजा अर्चना करते हैं और फिर उनका विसर्जन करते हैं। ये कृष्ण भगवान, राधा जी और दामोदर भगवान की पूजा होती है। हमारा एक महीने का अनुष्ठान रहता है।'
बलुआघाट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब
संगम नगरी प्रयागराज में बलुआघाट पर सुबह से ही महिलाओं की टोलियाँ यमुना में आस्था की डुबकी लगाती दिखीं। स्नान के पश्चात घाट पर बैठकर फूल, माला, लोटा और दीये से भगवान दामोदर की विधिवत पूजा की गई। पूजा संपन्न होने के बाद महिला श्रद्धालु समूह में भजन-कीर्तन में भी लीन हो गईं।
एक अन्य महिला श्रद्धालु ने बताया कि कार्तिक का महीना अपने आप में बेहद खास है। इसमें स्नान, दान, पूजा-पाठ और दीप दान का बहुत महत्व होता है।
पर्व के दौरान आने वाले व्रत और तिथियाँ
कार्तिक मास के दौरान एकादशी और अनंत चतुर्दशी सहित अनेक महत्वपूर्ण पर्व और तिथियाँ आती हैं। श्रद्धालुओं के अनुसार इस पूरे महीने यमुना स्नान कर भगवान दामोदर की पूजा-आराधना की जाती है और परिवार के मंगल एवं स्वास्थ्य की कामना की जाती है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिशें जारी हैं और प्रयागराज महाकुंभ 2025 के बाद से भी धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है।
आम जनता पर असर
कार्तिक स्नान की परंपरा पूरे उत्तर भारत में लाखों हिंदू श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी है। प्रयागराज जैसे तीर्थस्थलों पर इस दौरान स्थानीय व्यापार, घाटों की सफाई व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता रहती है। आने वाले हफ्तों में देव दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा पर भीड़ और बढ़ने की संभावना है।