क्या प्रयागराज में माघ मेले के पहले दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा?

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क्या प्रयागराज में माघ मेले के पहले दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा?

सारांश

प्रयागराज में माघ मेले के पहले दिन, श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। साधु-संतों के साथ, लाखों भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। जानें, इस धार्मिक आयोजन की महत्ता और व्यवस्थाओं के बारे में।

Key Takeaways

  • माघ मेला धार्मिक आस्था का प्रतीक है।
  • लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए आते हैं।
  • सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी तरह से सुनिश्चित की गई हैं।
  • प्रयागराज में साधु-संतों की उपस्थिति है।
  • स्वास्थ्य के लिए डॉक्टर उपलब्ध हैं।

प्रयागराज, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पौष पूर्णिमा और माघ मेले के पहले दिन, प्रयागराज में भक्तों की एक विशाल भीड़ आस्था की डुबकी लगा रही है। लाखों लोग अपने पितृों का पूजन करने के लिए पवित्र नदियों में स्नान के लिए पहुंचे हैं।

आम जन के साथ-साथ त्रिवेणी संगम में साधु-संतों का भी जमावड़ा देखा जा रहा है। इस खास मौके पर प्रयागराज किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर स्वामी कल्याणी नंदगिरी भी यहां पहुंची हैं।

स्वामी कल्याणी नंदगिरी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मैं सभी श्रद्धालुओं से यह कहना चाहती हूं कि हमें इस बार एक भव्य लघु कुंभ का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं की गई हैं। मैं मां गंगा से प्रार्थना करती हूं कि सभी के कष्ट दूर हों।"

माघ मेले के मेला अधिकारी ऋषि राज ने भी यह जानकारी दी कि श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि "पौष पूर्णिमा के शुभ अवसर पर माघ मेला शुरू हो चुका है। सुबह 8 बजे तक लगभग 65 लाख श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके थे। श्रद्धालु और कल्पवासी बड़ी संख्या में आ रहे हैं।"

उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम और बाथरूम की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

प्रयागराज के डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए बताया कि शुभ मुहूर्त होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए आ रहे हैं। श्रद्धालुओं का आना और जाना लगातार जारी है और स्नान के बाद लोग सुरक्षित रूप से अपने गंतव्यों की ओर बढ़ रहे हैं। सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। घाटों पर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात हैं। जल पुलिस, एनडीआरएफ और जीआरएफ की टीमें भी अपने-अपने ड्यूटी पॉइंट्स पर तैनात हैं। माघ मेले में स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है।

एक श्रद्धालु ने स्नान के बाद बातचीत में कहा, "यह मेरी तीसरी यात्रा है। मैं पहले भी आ चुका हूं, और 144 वर्षों के बाद हुए कुंभ में भी उपस्थित था। यहां की व्यवस्था बहुत अच्छी है, सब कुछ सुव्यवस्थित है। स्वास्थ्य के लिहाज से प्रशासन ने सभी तैयारियां कर ली हैं। अगर किसी की तबीयत खराब होती है तो डॉक्टर उपलब्ध हैं।

Point of View

बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा की धरोहर भी है। इस मेले में लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी दर्शाती है कि हमारी धार्मिक एकता कितनी मजबूत है। ऐसे आयोजनों से समाज में एकता और सहिष्णुता का संदेश मिलता है।
NationPress
03/01/2026

Frequently Asked Questions

माघ मेला कब शुरू होता है?
माघ मेला हर साल पौष पूर्णिमा के दिन शुरू होता है।
माघ मेले में कितने श्रद्धालु आते हैं?
प्रत्येक वर्ष लाखों श्रद्धालु माघ मेले में भाग लेते हैं।
सुरक्षा व्यवस्थाएं कैसी हैं?
माघ मेले में सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी, जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।
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