बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: पत्नी शहजीन का आरोप — मुंबई पुलिस सिर्फ दिखावे की कार्रवाई कर रही है
सारांश
मुख्य बातें
एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के एक वर्ष बाद भी न्याय की राह अधूरी है — और अब उनकी पत्नी शहजीन सिद्दीकी ने मुंबई पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जाँच केवल दिखावे तक सीमित है। शहजीन के वकील त्रिवनकुमार करनानी ने 29 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस अपनी मनमानी छिपाने के लिए प्रशासनिक अड़चनों का सहारा ले रही है।
परिवार के वकील का बयान
वकील त्रिवनकुमार करनानी ने कहा, 'मुंबई पुलिस सिर्फ दिखावे की कार्रवाई कर रही है। राज्य सरकार ने पहले भी कई बार केंद्र को पत्र लिखा है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जानबूझकर की जा रही प्रशासनिक देरी के कारण हत्या के मामले की सुनवाई प्रभावित हो सकती है।'
करनानी ने यह भी कहा, 'यह तब और भी गंभीर हो जाता है, जब मुंबई पुलिस को पता है कि जेल में पूछताछ करने और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कस्टडी सुनिश्चित करने के लिए अदालती आदेश लिए जा सकते हैं। इसके बावजूद मुंबई पुलिस अपनी मनमानी को छिपाने के लिए प्रशासनिक अड़चनों का सहारा ले रही है।'
हत्याकांड की पृष्ठभूमि
बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 को मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी — अजीत पवार गुट) के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री थे।
उन्हें उनके बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर तीन हमलावरों ने गोली मारी थी। जाँच में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का कनेक्शन सामने आया था। मुंबई पुलिस ने अपनी चार्जशीट में लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को वांछित आरोपी के रूप में चिन्हित किया था।
लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क और ताज़ा घटनाएँ
गौरतलब है कि ये आरोप ऐसे समय में लगाए गए हैं, जब मुंबई पुलिस पहले से ही बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए हमले को लेकर सवालों के घेरे में है। 18 सितंबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई इस गोलीबारी में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बचे, हालाँकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए। उस मामले में भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कनेक्शन सामने आया था।
यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, जब एक ही गैंग से जुड़ी कई हाई-प्रोफाइल घटनाओं में पुलिस की प्रतिक्रिया की गति पर सवाल उठते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय की गंभीर कमी है।
आगे क्या होगा
शहजीन सिद्दीकी के परिवार की ओर से कानूनी दबाव बढ़ने की संभावना है। वकील करनानी ने अदालती हस्तक्षेप के विकल्प का उल्लेख किया है — जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए जेल में बंद आरोपियों की कस्टडी और पूछताछ के लिए न्यायालय से आदेश लेना शामिल है। इस मामले में न्यायिक निगरानी की माँग और तेज़ होने की उम्मीद है।