19 अक्टूबर 2026
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टाइगर श्रॉफ फायरिंग पर अबू आजमी का हमला: 'मुंबई में कानून-व्यवस्था चरमराई, सरकार मुसलमानों को निशाना बना रही'

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टाइगर श्रॉफ फायरिंग पर अबू आजमी का हमला: 'मुंबई में कानून-व्यवस्था चरमराई, सरकार मुसलमानों को निशाना बना रही'

सारांश

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना महज एक अपराध की खबर नहीं रही — सपा विधायक अबू आजमी ने इसे महाराष्ट्र सरकार की नीतिगत विफलता का प्रतीक बताते हुए मुसलमानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया और नाबालिग अपराधियों के लिए उम्र सीमा घटाने की माँग की।

मुख्य बातें

सपा महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आजमी ने 19 अक्टूबर 2026 को टाइगर श्रॉफ फायरिंग को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर कड़ा हमला बोला।
आजमी ने कहा कि मुंबई में बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद भी कानून-व्यवस्था नहीं सुधरी, हत्याएँ आम हो गई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार UCC, मस्जिद मीनारें और अजान जैसे मुद्दों पर ध्यान देकर मुसलमानों को निशाना बना रही है।
कोटा से तीन संदिग्ध गिरफ्तार, जिनमें दो नाबालिग शामिल; आजमी ने नाबालिग की उम्र सीमा 17 से घटाकर 14 साल करने की माँग की।
आजमी ने सिंगापुर और अरब देशों की कड़ी कानूनी व्यवस्था का उदाहरण देते हुए भारत में सख्त कानून की अपील की।

समाजवादी पार्टी (सपा) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने 19 अक्टूबर 2026 को अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुंबई में अपराध की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं और सरकार का ध्यान मूल कानून-व्यवस्था के मुद्दों से पूरी तरह भटक गया है।

मुख्य घटनाक्रम

आजमी ने कहा, 'पहले बाबा सिद्दीकी, अब टाइगर श्रॉफ, और यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता। इससे पहले भी कई हत्याएँ हुई हैं, लेकिन वे लोग मशहूर या जाने-माने चेहरे नहीं थे, इसलिए उनके मामलों को उतनी अहमियत नहीं मिली। मुंबई में हत्याएँ आम हो गई हैं। मानखुर्द शिवाजी नगर में तो बहुत छोटी-छोटी बातों पर हत्याएँ हो रही हैं। कानून-व्यवस्था की हालत बहुत खराब हो चुकी है।'

इस मामले में राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्ध — जिनमें दो नाबालिग हैं — पकड़े गए हैं। यह घटना मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।

सरकार पर सांप्रदायिक राजनीति का आरोप

आजमी ने राज्य सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अपनी पूरी ताकत मुसलमानों को बेइज्जत करने में लगा रही है। उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लाने की बात, मस्जिदों की मीनारें तोड़ना, अजान बंद करवाना और मस्जिद के बाहर नमाज पढ़ने पर केस दर्ज करना — इन सब पर अत्यधिक ध्यान दिया जा रहा है, जबकि कानून-व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं है।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में कई हाई-प्रोफाइल अपराध की घटनाएँ सामने आई हैं और विपक्ष राज्य सरकार को घेरने की कोशिश में है।

सख्त कानून की माँग और अंतरराष्ट्रीय तुलना

आजमी ने सिंगापुर और अरब देशों का उदाहरण देते हुए भारत में सख्त कानूनी व्यवस्था की माँग की। उन्होंने कहा, 'सिंगापुर में मर्डर करने की किसी की हिम्मत क्यों नहीं पड़ती? अरब देशों में कोई मर्डर क्यों नहीं करता? उन देशों में डकैती, चोरी, लूटमार, रेप और मर्डर के कितने केस होते हैं, इसकी जानकारी ले लीजिए। हमारे यहाँ हर साल अपराध बढ़ता जा रहा है। हम उन देशों की तरह सख्त कानून क्यों नहीं अपनाते?'

उन्होंने यह भी कहा कि भारत की पुलिस व्यवस्था को विश्व में बेहतरीन माना जाता रहा है, फिर भी अपराधों पर लगाम नहीं लग पा रही, जो चिंताजनक है।

नाबालिग अपराधियों पर कड़े कानून की माँग

टाइगर श्रॉफ मामले में पकड़े गए दो नाबालिग संदिग्धों का संदर्भ देते हुए आजमी ने किशोर न्याय कानून में संशोधन की माँग की। उन्होंने कहा, 'नाबालिग की उम्र सीमा को 17 साल से घटाकर 14 साल कर दिया जाना चाहिए। 15 या 16 साल की उम्र में युवाओं का खून गर्म होता है, वे किसी से नहीं डरते और कुछ भी कर सकते हैं। अगर वे हत्या जैसे गंभीर अपराध करते हैं, तो उन्हें भी वही सजा मिलनी चाहिए जो किसी बालिग अपराधी को मिलती है।'

आम जनता पर असर और आगे की स्थिति

आजमी ने कहा कि मुंबई में लोगों के मन में डर का माहौल बन गया है। अपराध करने के बाद खुलेआम उसकी जिम्मेदारी ली जा रही है और सरकार को खुलेआम चुनौती दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दिन-ब-दिन नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है, लेकिन उस पर कोई प्रभावी रोक नहीं लग रही।

आजमी की इन टिप्पणियों से महाराष्ट्र में राजनीतिक तापमान बढ़ने की संभावना है। अब यह देखना होगा कि सत्तारूढ़ गठबंधन इन आरोपों का किस प्रकार जवाब देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप। मुंबई में हाई-प्रोफाइल अपराधों की बढ़ती संख्या विपक्ष को सत्तारूढ़ गठबंधन पर हमले का ठोस आधार देती है, लेकिन कानून-व्यवस्था की बहस को सांप्रदायिक रंग देने से उनकी मूल माँग कमज़ोर पड़ सकती है। नाबालिग अपराधियों की उम्र सीमा घटाने की माँग कोई नई नहीं है — यह 2012 के निर्भया कांड के बाद से बहस में है — लेकिन इसे नीतिगत एजेंडे पर लाना उनकी राजनीतिक मंशा को भी दर्शाता है। असली सवाल यह है कि क्या मुंबई पुलिस और राज्य सरकार इन घटनाओं के बाद ठोस जवाबदेही का कोई ढाँचा प्रस्तुत करती है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अबू आजमी ने टाइगर श्रॉफ फायरिंग पर क्या कहा?
सपा महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आजमी ने कहा कि मुंबई में हत्याएँ आम हो गई हैं और कानून-व्यवस्था बेहद खराब हो चुकी है। उन्होंने बाबा सिद्दीकी की हत्या का हवाला देते हुए कहा कि हाई-प्रोफाइल घटनाओं के बाद भी सरकार की नींद नहीं खुली।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में कौन गिरफ्तार हुआ?
इस मामले में राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें दो नाबालिग हैं। आजमी ने इसी संदर्भ में नाबालिग अपराधियों के लिए कानूनी उम्र सीमा घटाने की माँग की।
अबू आजमी ने महाराष्ट्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
आजमी ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी ताकत UCC, मस्जिद मीनारें तोड़ने, अजान बंद करवाने और नमाज पर केस दर्ज करने जैसे मुद्दों में लगा रही है, न कि कानून-व्यवस्था सुधारने में। उन्होंने इसे मुसलमानों को बेइज्जत करने की कोशिश बताया।
नाबालिग अपराधियों की उम्र सीमा पर आजमी की क्या माँग है?
आजमी ने माँग की कि नाबालिग की कानूनी उम्र सीमा 17 साल से घटाकर 12, 13 या 14 साल कर दी जाए। उनका तर्क है कि हत्या जैसे गंभीर अपराध करने वाले नाबालिगों को भी बालिग अपराधियों जैसी सजा मिलनी चाहिए।
आजमी ने सिंगापुर और अरब देशों का उदाहरण क्यों दिया?
आजमी ने तर्क दिया कि सिंगापुर और अरब देशों में सख्त कानूनी व्यवस्था की वजह से अपराध दर बेहद कम है। उन्होंने भारत में भी ऐसे कड़े कानून लागू करने की अपील की, ताकि अपराध पर प्रभावी लगाम लगाई जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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