टाइगर श्रॉफ फायरिंग पर अबू आजमी का हमला: 'मुंबई में कानून-व्यवस्था चरमराई, सरकार मुसलमानों को निशाना बना रही'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने 19 अक्टूबर 2026 को अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुंबई में अपराध की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं और सरकार का ध्यान मूल कानून-व्यवस्था के मुद्दों से पूरी तरह भटक गया है।
मुख्य घटनाक्रम
आजमी ने कहा, 'पहले बाबा सिद्दीकी, अब टाइगर श्रॉफ, और यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता। इससे पहले भी कई हत्याएँ हुई हैं, लेकिन वे लोग मशहूर या जाने-माने चेहरे नहीं थे, इसलिए उनके मामलों को उतनी अहमियत नहीं मिली। मुंबई में हत्याएँ आम हो गई हैं। मानखुर्द शिवाजी नगर में तो बहुत छोटी-छोटी बातों पर हत्याएँ हो रही हैं। कानून-व्यवस्था की हालत बहुत खराब हो चुकी है।'
इस मामले में राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्ध — जिनमें दो नाबालिग हैं — पकड़े गए हैं। यह घटना मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।
सरकार पर सांप्रदायिक राजनीति का आरोप
आजमी ने राज्य सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अपनी पूरी ताकत मुसलमानों को बेइज्जत करने में लगा रही है। उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लाने की बात, मस्जिदों की मीनारें तोड़ना, अजान बंद करवाना और मस्जिद के बाहर नमाज पढ़ने पर केस दर्ज करना — इन सब पर अत्यधिक ध्यान दिया जा रहा है, जबकि कानून-व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं है।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में कई हाई-प्रोफाइल अपराध की घटनाएँ सामने आई हैं और विपक्ष राज्य सरकार को घेरने की कोशिश में है।
सख्त कानून की माँग और अंतरराष्ट्रीय तुलना
आजमी ने सिंगापुर और अरब देशों का उदाहरण देते हुए भारत में सख्त कानूनी व्यवस्था की माँग की। उन्होंने कहा, 'सिंगापुर में मर्डर करने की किसी की हिम्मत क्यों नहीं पड़ती? अरब देशों में कोई मर्डर क्यों नहीं करता? उन देशों में डकैती, चोरी, लूटमार, रेप और मर्डर के कितने केस होते हैं, इसकी जानकारी ले लीजिए। हमारे यहाँ हर साल अपराध बढ़ता जा रहा है। हम उन देशों की तरह सख्त कानून क्यों नहीं अपनाते?'
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की पुलिस व्यवस्था को विश्व में बेहतरीन माना जाता रहा है, फिर भी अपराधों पर लगाम नहीं लग पा रही, जो चिंताजनक है।
नाबालिग अपराधियों पर कड़े कानून की माँग
टाइगर श्रॉफ मामले में पकड़े गए दो नाबालिग संदिग्धों का संदर्भ देते हुए आजमी ने किशोर न्याय कानून में संशोधन की माँग की। उन्होंने कहा, 'नाबालिग की उम्र सीमा को 17 साल से घटाकर 14 साल कर दिया जाना चाहिए। 15 या 16 साल की उम्र में युवाओं का खून गर्म होता है, वे किसी से नहीं डरते और कुछ भी कर सकते हैं। अगर वे हत्या जैसे गंभीर अपराध करते हैं, तो उन्हें भी वही सजा मिलनी चाहिए जो किसी बालिग अपराधी को मिलती है।'
आम जनता पर असर और आगे की स्थिति
आजमी ने कहा कि मुंबई में लोगों के मन में डर का माहौल बन गया है। अपराध करने के बाद खुलेआम उसकी जिम्मेदारी ली जा रही है और सरकार को खुलेआम चुनौती दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दिन-ब-दिन नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है, लेकिन उस पर कोई प्रभावी रोक नहीं लग रही।
आजमी की इन टिप्पणियों से महाराष्ट्र में राजनीतिक तापमान बढ़ने की संभावना है। अब यह देखना होगा कि सत्तारूढ़ गठबंधन इन आरोपों का किस प्रकार जवाब देता है।