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टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामला: शिवसेना, कांग्रेस और एआईएमआईएम ने उठाए मुंबई सुरक्षा पर सवाल

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टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामला: शिवसेना, कांग्रेस और एआईएमआईएम ने उठाए मुंबई सुरक्षा पर सवाल

सारांश

टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना ने मुंबई की कानून-व्यवस्था पर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। शिवसेना ने कड़ी सजा माँगी, कांग्रेस ने गृह मंत्रालय को घेरा और एआईएमआईएम ने बॉलीवुड की 'चुप्पी' पर सवाल उठाए। मुंबई पुलिस ने 12 घंटे में गिरफ्तारी की, लेकिन जेल से संचालित गिरोहों पर असली सवाल अभी बाकी है।

मुख्य बातें

अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना को लेकर शिवसेना , कांग्रेस और एआईएमआईएम ने 19 अक्टूबर 2026 को तीखी प्रतिक्रिया दी।
शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने घटना को 'कायरतापूर्ण हमला' बताया; आरोपियों की आयु 17, 18 और 22 वर्ष , हरियाणा और बिहार के निवासी।
मुंबई पुलिस ने घटना के 12 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर एफआईआर दर्ज की।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने आरोप लगाया कि गिरोह का प्रमुख जेल में रहते हुए भी बाहर से निर्देश जारी कर रहा है।
एआईएमआईएम के वारिस पठान ने बड़े बॉलीवुड सितारों की घटना पर 'चुप्पी' को उल्लेखनीय बताया।
कांग्रेस नेता रियाज ने घटना के लिए महाराष्ट्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना को लेकर देशभर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शिवसेना, कांग्रेस और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) सहित कई दलों के नेताओं ने 19 अक्टूबर 2026 को इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए मुंबई में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए। मुंबई पुलिस ने घटना के 12 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर एफआईआर दर्ज की है।

शिवसेना की प्रतिक्रिया

शिवसेना की प्रवक्ता शाइना एनसी ने इस घटना को 'कायरतापूर्ण हमला' करार देते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा, 'इस तरह हमला करना बेहद दुखद है।' शाइना एनसी ने बताया कि इस घटना में संलिप्त बताए जा रहे आरोपियों की आयु 17, 18 और 22 वर्ष है और वे हरियाणा तथा बिहार के निवासी हैं। उनके अनुसार, इन युवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।

शाइना एनसी ने मुंबई पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि पुलिस इस पूरे मामले में पर्दे के पीछे के असली सूत्रधारों को भी बेनकाब करेगी।

कांग्रेस नेताओं के सवाल

कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने बताया कि कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई पुलिस आयुक्त से मुलाकात की। जगताप ने मुंबई में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और गैंगस्टरों के मीडिया में खुलेआम सामने आने पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, '1995 के बाद के दौर में तत्कालीन सरकारों ने 2010 तक अंडरवर्ल्ड का प्रभाव खत्म कर दिया था, लेकिन अब वैसा डर और आतंक फिर दिखाई दे रहा है।'

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने इस बात पर जोर दिया कि महज गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है — असली सवाल यह है कि ऐसे गिरोह लगातार सक्रिय कैसे रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरोह का प्रमुख जेल में रहते हुए भी बाहर निर्देश जारी करता है, जो अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है। दलवई ने गृह मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि या तो मंत्रालय ठीक से काम नहीं कर रहा या जानबूझकर स्थिति की अनदेखी की जा रही है।

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि हिरासत में लिए गए लोग वास्तव में घटना के लिए जिम्मेदार हैं या मात्र दिखावे के लिए गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने तथ्यों की पारदर्शिता की माँग करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकारों के 'जीरो टॉलरेंस' के दावे खोखले साबित हो रहे हैं, क्योंकि फिल्मी हस्तियों पर हमलों की घटनाएँ बदस्तूर जारी हैं। अल्वी ने इसे सरकार के लिए 'शर्मनाक स्थिति' बताया।

पटना में कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि फिल्मी हस्तियों से जुड़ी ऐसी घटनाएँ लंबे समय से सामने आती रही हैं। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार दोनों से इस मामले को गंभीरता से लेने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की।

हैदराबाद में कांग्रेस नेता रियाज ने इस घटना के लिए महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग समाज के लिए सकारात्मक संदेश का प्रतीक है और हर अभिनेता-अभिनेत्री को बिना भय के काम करने का अधिकार है।

एआईएमआईएम की टिप्पणी

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने इस घटना पर हैरानी जताते हुए एक अहम बिंदु उठाया — मुंबई में विश्वप्रसिद्ध बॉलीवुड सितारों की मौजूदगी के बावजूद किसी भी बड़े फिल्मी स्टार ने इस घटना पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी। पठान ने बॉलीवुड की इस 'चुप्पी' को विशेष रूप से उल्लेखनीय बताया।

मुंबई पुलिस की कार्रवाई

मुंबई पुलिस ने इस मामले में 12 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और एफआईआर दर्ज की। हालाँकि, कई राजनीतिक नेताओं ने इस त्वरित गिरफ्तारी के बावजूद गिरोहों की निरंतर सक्रियता और उनके कथित संरक्षण नेटवर्क पर जाँच की माँग की है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब मुंबई में संगठित अपराध से जुड़ी कई घटनाएँ हाल के महीनों में सुर्खियों में आई हैं।

आगे की स्थिति

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी बॉलीवुड हस्ती को निशाना बनाया गया हो। विशेषज्ञों का मानना है कि जेल से संचालित गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। राजनेताओं की माँगों और पुलिस की जाँच के बीच यह देखना अहम होगा कि जाँच में गिरोह के असली सरगना तक पहुँचा जा सकता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह है कि जेल से संचालित गिरोह दशकों बाद भी क्यों अस्तित्व में हैं। कांग्रेस का '2010 तक अंडरवर्ल्ड खत्म' वाला दावा और BJP का 'जीरो टॉलरेंस' — दोनों इस घटना के सामने खोखले नजर आते हैं। बॉलीवुड की 'चुप्पी' एक अलग कहानी बताती है: जब उद्योग खुद असुरक्षित महसूस करे और फिर भी सार्वजनिक रूप से मुँह न खोले, तो यह डर की नहीं, बल्कि व्यवस्थागत विफलता की निशानी है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना क्या है?
अभिनेता टाइगर श्रॉफ के निवास या उनसे संबंधित स्थान पर फायरिंग की घटना सामने आई, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने 12 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर एफआईआर दर्ज की। आरोपियों की आयु 17, 18 और 22 वर्ष बताई गई है और वे हरियाणा और बिहार के निवासी हैं।
मुंबई पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
मुंबई पुलिस ने घटना के 12 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और मामले में एफआईआर दर्ज की। हालाँकि, कांग्रेस नेताओं ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर गिरोहों की निरंतर सक्रियता पर जाँच की माँग भी की है।
शिवसेना ने इस घटना पर क्या कहा?
शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने घटना को 'कायरतापूर्ण हमला' बताते हुए आरोपियों को कड़ी सजा देने की माँग की। उन्होंने कहा कि इन युवा आरोपियों का इस्तेमाल किया जा रहा है और मुंबई पुलिस असली सूत्रधारों को बेनकाब करेगी।
कांग्रेस ने गृह मंत्रालय को क्यों घेरा?
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने आरोप लगाया कि एक गिरोह प्रमुख जेल में रहते हुए भी बाहर से निर्देश जारी कर रहा है, जो गृह मंत्रालय की विफलता का संकेत है। उनका कहना था कि या तो मंत्रालय ठीक से काम नहीं कर रहा या जानबूझकर स्थिति को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।
एआईएमआईएम ने बॉलीवुड की 'चुप्पी' पर क्या कहा?
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने इस बात पर हैरानी जताई कि मुंबई में विश्वप्रसिद्ध बॉलीवुड सितारों के रहने के बावजूद किसी भी बड़े फिल्मी स्टार ने इस घटना पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने इस चुप्पी को विशेष रूप से उल्लेखनीय करार दिया।
राष्ट्र प्रेस
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