टाइगर श्रॉफ हमला: शिवसेना (यूबीटी) का महाराष्ट्र सरकार पर हमला, बिश्नोई गैंग कनेक्शन पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने 20 अक्टूबर 2026 को राज्य की सत्तारूढ़ सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए। पार्टी नेताओं का कहना है कि मुंबई में दिनदहाड़े हथियार लेकर घूमने की घटनाएँ राज्य में अपराध नियंत्रण की विफलता को उजागर करती हैं।
दानवे का सरकार पर सीधा वार
शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी अंबादास दानवे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'लोग दिनदहाड़े गन लेकर घूम रहे हैं, सरकार क्या कर रही है? मुझे लगता है कि इस मामले की और गहराई से जाँच होनी चाहिए।' उन्होंने हथियारों की उपलब्धता पर भी सवाल उठाए और कहा कि अगर इसमें बिश्नोई गैंग का नाम आ रहा है, तो देसी कट्टे और इस तरह के हथियार कहाँ से आ रहे हैं।
दानवे ने तर्क दिया कि बिश्नोई गैंग जैसे संगठनों के पास अत्याधुनिक हथियार होते हैं, ऐसे में देसी हथियारों की उपस्थिति मामले की जटिलता को बढ़ाती है और विस्तृत जाँच की माँग करती है। उनका आरोप है कि 'महाराष्ट्र में अपराध पर सरकार का अब कोई नियंत्रण नहीं रह गया है।'
दशहरा रैली का एजेंडा: संविधान और लोकतंत्र की रक्षा
टाइगर श्रॉफ हमले के मुद्दे के साथ-साथ शिवसेना (यूबीटी) ने आगामी दशहरा रैली के एजेंडे पर भी अपनी रणनीति स्पष्ट की। एमएलसी दानवे ने कहा कि यह रैली संविधान की रक्षा के लिए आयोजित की जा रही है। उनके अनुसार, देश में विरोध की आवाज़ें दबाई जा रही हैं, तिरंगा फहराने पर रोक लगाई जा रही है और चुनाव आयोग को सरकार के अधीन बताया जा रहा है।
शिवसेना (यूबीटी) के विधायक भास्कर जाधव ने भी रैली के उद्देश्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि इस वर्ष की दशहरा रैली संविधान को बचाने, लोकतंत्र की रक्षा करने और परीक्षा पेपर लीक से पीड़ित छात्रों के पक्ष में आवाज़ उठाने के लिए होगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह रैली अत्याचार, अन्याय, भ्रष्टाचार और बलात्कार जैसे मुद्दों के विरुद्ध भी होगी।
भागवत के बयान पर पार्टी की प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के 'सत्ता परिवर्तन' वाले बयान पर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह की बातें कही जा रही हैं और जो 'स्क्रिप्ट' उन्हें दी गई है, उसी के आधार पर ऐसे बयान आते रहेंगे। देसाई ने सवाल उठाया कि यह कैसी मानसिकता है जो कहती है कि सत्ता परिवर्तन या सरकार बदलने से कोई फायदा नहीं होता।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच टकराव पहले से ही तीव्र है। गौरतलब है कि शिवसेना (यूबीटी) लगातार राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाती रही है। टाइगर श्रॉफ जैसे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित अभिनेता पर हमले की घटना ने इस विवाद को नई धार दे दी है। आने वाले दिनों में दशहरा रैली और इस मामले की जाँच की दिशा महाराष्ट्र की राजनीति को और प्रभावित कर सकती है।