4 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एकनाथ शिंदे का पलटवार: 'शेर अकेला चलता है', 'ऑपरेशन तुड़वा' की धमकी पर कड़ा जवाब

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एकनाथ शिंदे का पलटवार: 'शेर अकेला चलता है', 'ऑपरेशन तुड़वा' की धमकी पर कड़ा जवाब

सारांश

शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर एकनाथ शिंदे ने यूबीटी की 'ऑपरेशन तुड़वा' धमकी को सीधे ललकारा — 'शेर अकेला चलता है।' 'असली फिल्म अभी बाकी है' कहकर उन्होंने बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत दिए, जिससे महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर गरमा गई है।

मुख्य बातें

एकनाथ शिंदे ने 19 जून 2026 को शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस समारोह में यूबीटी पर जोरदार हमला बोला।
'ऑपरेशन टाइगर' की अटकलों के बीच शिंदे ने कहा, 'यह तो बस ट्रेलर है, असली फिल्म अभी आनी बाकी है।' संजय राउत की 'ऑपरेशन तुड़वा' धमकी पर शिंदे ने व्यंग्य किया — 'कंपाउंडर ऑपरेशन नहीं कर सकता, शेर जैसा दिल चाहिए।' जून 2022 की बगावत का हवाला देते हुए शिंदे ने कहा कि धमकी देने वाले उस वक्त घरों में बैठकर ऑनलाइन देख रहे थे।
वरिष्ठ नेता रामदास कदम का समर्थन करते हुए शिंदे ने यूबीटी को खुली चुनौती दी।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने 19 जून 2026 को पार्टी के 60वें स्थापना दिवस समारोह में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) पर जोरदार हमला बोला। 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर चल रही अटकलों के बीच शिंदे ने बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत देते हुए कहा, 'यह तो बस ट्रेलर है, असली फिल्म तो अभी आनी बाकी है।'

मुख्य घटनाक्रम

मुंबई में आयोजित इस समारोह में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिंदे ने उन विपक्षी नेताओं को तीखा जवाब दिया जो संभावित दलबदल को लेकर उन पर निशाना साध रहे थे। उन्होंने कहा, 'देखो, आज यह शेर तुम्हारे ठीक सामने खड़ा है। पिछले कुछ दिनों से देख रहे हैं कि कुछ कुत्ते रोज भौंकते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि कुत्ते झुंड में भौंकते हैं, जबकि शेर अकेला चलता है।

'ऑपरेशन तुड़वा' पर शिंदे की प्रतिक्रिया

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत का नाम लिए बिना शिंदे ने यूबीटी गुट की 'ऑपरेशन तुड़वा' वाली चेतावनी का सीधा जवाब दिया। राउत ने कथित तौर पर धमकी दी थी कि अगर बागी विधायक अपने चुनाव क्षेत्रों में लौटे तो पार्टी कार्यकर्ता उन्हें कुचल देंगे। शिंदे ने इस पर व्यंग्य करते हुए कहा, 'वह तो बस एक कंपाउंडर है। एक कंपाउंडर ऑपरेशन कैसे कर सकता है? यहाँ श्रीकांत शिंदे ही असली डॉक्टर हैं। भले ही मैं डॉक्टर नहीं हूँ, फिर भी मुझे ऑपरेशन करना आता है और ऑपरेशन के लिए शेर जैसा दिल चाहिए, भेड़िये जैसा नहीं।'

जून 2022 की बगावत का जिक्र

गौरतलब है कि जून 2022 में शिंदे ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत करके महाराष्ट्र की सत्ता पलट दी थी। उस दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हीं नेताओं ने चार साल पहले उन्हें धमकियाँ दी थीं जब वे मुंबई लौटे थे। उन्होंने कहा, 'मुझसे कहा गया कि मुझे वर्ली होकर आना होगा। मुंबई किसी की निजी जागीर नहीं है। मैं सड़क मार्ग से अकेले आया, एयरपोर्ट पर हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं किया और वर्ली में रुका भी। उस समय जो लोग मुझे धमकी दे रहे थे, वे अपने घरों में बैठकर मुझे ऑनलाइन देख रहे थे।'

यूबीटी को खुली चुनौती

वरिष्ठ नेता रामदास कदम की बातों का समर्थन करते हुए शिंदे ने यूबीटी गुट को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर यूबीटी 'ऑपरेशन तुड़वा' की बात करता है तो उसमें उनके गुट का सामना करने की हिम्मत भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'क्या हमारे जोशीले शिवसैनिक किसी को कुचलने के लिए आपके पैर सलामत छोड़ेंगे? हमारे कार्यकर्ता बालासाहेब ठाकरे की कट्टर विचारधारा को मानते हैं।' यह टकराव ऐसे समय में आया है जब 'ऑपरेशन टाइगर' की अटकलों के बीच महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है।

आगे क्या होगा

शिंदे के इस आक्रामक तेवर और 'असली फिल्म अभी बाकी है' जैसे बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आने वाले हफ्तों में महाराष्ट्र की राजनीति में और बड़े घटनाक्रम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि महाराष्ट्र की शिवसेना राजनीति में गहराते विभाजन का प्रतीक है। 'ऑपरेशन टाइगर' की अटकलें और शिंदे का आक्रामक तेवर बताता है कि दोनों गुटों के बीच की खाई और चौड़ी हो रही है। गौरतलब है कि 2022 की बगावत के बाद से दोनों पक्ष बालासाहेब ठाकरे की विरासत पर दावा जताते रहे हैं, लेकिन इस तरह की आक्रामक भाषा दर्शाती है कि यह लड़ाई अब केवल वैचारिक नहीं, बल्कि जमीनी वर्चस्व की भी है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि 'ऑपरेशन तुड़वा' जैसी धमकियाँ और उनके जवाब में यह तीखी भाषा महाराष्ट्र के मतदाताओं को किस दिशा में धकेल रही है — यही असली राजनीतिक परीक्षा है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकनाथ शिंदे ने 'ऑपरेशन तुड़वा' की धमकी पर क्या कहा?
शिंदे ने यूबीटी गुट की 'ऑपरेशन तुड़वा' धमकी को सीधे ललकारते हुए कहा कि शेर अकेला चलता है और ऑपरेशन के लिए शेर जैसा दिल चाहिए, भेड़िये जैसा नहीं। उन्होंने संजय राउत पर व्यंग्य करते हुए उन्हें 'कंपाउंडर' कहा।
'ऑपरेशन टाइगर' क्या है और इसका महाराष्ट्र की राजनीति से क्या संबंध है?
'ऑपरेशन टाइगर' महाराष्ट्र में संभावित राजनीतिक दलबदल को लेकर चल रही अटकलों का नाम है। शिंदे ने इसे लेकर बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत दिए और कहा कि 'यह तो बस ट्रेलर है, असली फिल्म अभी आनी बाकी है।'
एकनाथ शिंदे ने जून 2022 की बगावत का जिक्र क्यों किया?
शिंदे ने 2022 की बगावत का हवाला देते हुए बताया कि उस समय भी उन्हें धमकियाँ दी गई थीं, लेकिन वे सड़क मार्ग से अकेले मुंबई लौटे और वर्ली में रुके। उन्होंने कहा कि धमकी देने वाले उस वक्त अपने घरों में बैठकर उन्हें ऑनलाइन देख रहे थे।
शिवसेना (यूबीटी) और शिंदे गुट के बीच मौजूदा विवाद की जड़ क्या है?
जून 2022 में शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना दो गुटों में बंट गई — शिंदे की शिवसेना और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी)। दोनों गुट बालासाहेब ठाकरे की विरासत और पार्टी के नाम पर दावा जताते हैं, और अब 'ऑपरेशन टाइगर' की अटकलों ने इस टकराव को और तेज कर दिया है।
रामदास कदम का इस विवाद में क्या भूमिका है?
शिवसेना के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने यूबीटी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया, जिसका शिंदे ने समर्थन किया। शिंदे ने कदम की बातों का हवाला देते हुए यूबीटी को खुली चुनौती दी कि अगर वे 'ऑपरेशन तुड़वा' की बात करते हैं तो उनके गुट का सामना करने की हिम्मत भी रखें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले