अमित शाह का उद्धव ठाकरे पर तंज: 'कोई गुट नहीं, एकनाथ शिंदे की एक ही असली शिवसेना'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार, 20 जून को कोल्हापुर में एक जनसभा के दौरान शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में अब कोई 'गुट' अस्तित्व में नहीं है — उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में केवल एक ही 'असली शिवसेना' है। शाह ने यह बयान उस समय दिया जब कथित तौर पर 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चाओं के बीच शिवसेना (यूबीटी) के भीतर नए विभाजन की आशंकाएँ तेज हो गई हैं।
महालक्ष्मी मंदिर कॉरिडोर की आधारशिला
शाह कोल्हापुर में ₹1,445.97 करोड़ की लागत वाली महालक्ष्मी (अंबाबाई) मंदिर विकास और कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखने के लिए पहुँचे थे। इसी अवसर पर उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री शिंदे का परिचय 'शिवसेना के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री' के रूप में कराया — जो अपने आप में एक राजनीतिक संदेश था।
शाह ने कहा, 'पहले हमें उन्हें 'शिवसेना शिंदे गुट' कहना पड़ता था। लेकिन अब कोई गुट नहीं बचा है, सिर्फ एक ही शिवसेना है।' इस बयान को ठाकरे खेमे पर सीधे प्रहार के रूप में देखा जा रहा है।
ऑपरेशन टाइगर और शिवसेना (यूबीटी) में दरार
राजनीतिक हलकों में इन बयानों को कथित 'ऑपरेशन टाइगर' से जोड़कर देखा जा रहा है — जो उस राजनीतिक अभियान का कोड नाम बताया जाता है, जिसने रिपोर्टों के अनुसार शिवसेना (यूबीटी) को एक और बड़े विभाजन की कगार पर ला खड़ा किया है।
इस हफ्ते की शुरुआत में शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने नई दिल्ली में उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई संसदीय दल की अहम बैठक में हिस्सा नहीं लिया और पार्टी के औपचारिक व्हिप का उल्लंघन किया। यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर बढ़ती बेचैनी का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
शिंदे का आक्रामक पलटवार
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को ही आगामी राजनीतिक उथल-पुथल के संकेत दे दिए थे। उन्होंने कहा, 'यह तो बस ट्रेलर है, फिल्म अभी बाकी है।'
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिंदे ने विपक्षी नेताओं पर तीखे शब्दों में पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'लोग पूछ रहे थे कि एकनाथ शिंदे क्या कहेंगे, मंच पर कौन आएगा और क्या होगा? देखिए, यह शेर आज आपके सामने खड़ा है।'
शिंदे ने बिना नाम लिए आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा, 'मैं पिछले कुछ दिनों से देख रहा हूं, कुछ कुत्ते रोज भौंक रहे हैं। लेकिन मैं आपको बता दूं, कुत्ते झुंड में भौंकते हैं, जबकि शेर अकेला चलता है।'
संजय राउत की धमकी और यूबीटी का जवाब
शिंदे का यह पलटवार शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत की उस धमकी के जवाब में था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर बागी विधायक अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में आए, तो पार्टी कार्यकर्ता उन्हें 'कुचल' देंगे। शिंदे ने राउत या ठाकरे का सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन संदर्भ स्पष्ट था।
यह ऐसे समय में आया है जब 2022 में शिंदे की बगावत के बाद मूल शिवसेना के विभाजन को लेकर कानूनी और राजनीतिक लड़ाई अभी भी जारी है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग (ECI) पहले ही शिंदे गुट को असली शिवसेना और धनुष-बाण चुनाव चिह्न दे चुका है।
आगे क्या होगा
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि शिवसेना (यूबीटी) के और सांसद या विधायक शिंदे खेमे में शामिल होते हैं, तो ठाकरे की पार्टी की संसदीय और विधानसभा में स्थिति और कमज़ोर हो सकती है। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े घटनाक्रम की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।