संजय राउत का अमित शाह पर हमला: 'असली शिवसेना' बयान सुप्रीम कोर्ट का अपमान, पीएम बनने की महत्वाकांक्षा में तोड़फोड़
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने 21 जून को मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया, जिसमें शाह ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 'असली शिवसेना' घोषित किया था। राउत ने कहा कि यह बयान न केवल सर्वोच्च न्यायालय का अपमान है, बल्कि महाराष्ट्र, मराठी मानुष और बालासाहेब ठाकरे की विरासत का भी अपमान है।
शाह के बयान से भड़की सियासत
गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि पहले उन्हें शिंदे गुट को 'शिवसेना शिंदे गुट' कहना पड़ता था, लेकिन अब कोई गुट नहीं — एक ही शिवसेना है। शाह के इस दावे ने महाराष्ट्र की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न कर दी। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय में 'असली शिवसेना' की पहचान को लेकर मामला पिछले चार वर्षों से लंबित है।
राउत का तीखा पलटवार
संजय राउत ने कहा, 'अमित शाह को पीएम बनना है, इसीलिए तोड़फोड़ की राजनीति हो रही है, लेकिन मैं साफ कर दूं कि पीएम मोदी के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कोई प्रधानमंत्री देश में नहीं बनेगा।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शाह के नियंत्रण में चुनाव आयोग है और कटाक्ष करते हुए कहा कि 'लगता है भारत के मुख्य न्यायाधीश भी उनके नियंत्रण में हैं।'
सुप्रीम कोर्ट के अधिकार पर सवाल
राउत ने तर्क दिया कि जब सर्वोच्च न्यायालय में यह मामला चार साल से विचाराधीन है, तब गृहमंत्री का खुद फैसला सुनाना न्यायपालिका की अवमानना के समान है। उन्होंने शाह को चुनौती देते हुए कहा, 'अगर हिम्मत है तो सुप्रीम कोर्ट के सामने खड़े होकर कहें कि फैसला सुप्रीम कोर्ट नहीं, मैं करूंगा।'
शिंदे पर सांसद तोड़ने का आरोप
राउत ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को अपनी पार्टी में मिलाने की कोशिश का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जो भी धोखा दे रहे हैं, उन्हें महाराष्ट्र की जनता देख रही है और सही समय पर सही जवाब दिया जाएगा। राउत के अनुसार, एकनाथ शिंदे की शिवसेना अब 'अमित शाह की टेस्ट ट्यूब में पैदा हुई पार्टी' बन चुकी है।
आगे क्या होगा
सर्वोच्च न्यायालय में 'असली शिवसेना' की पहचान का फैसला अभी लंबित है और यह राजनीतिक विवाद तब तक और गहरा होने की संभावना है। शिवसेना (यूबीटी) ने स्पष्ट किया है कि असली शिवसेना बालासाहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे की विरासत की है। महाराष्ट्र में आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान और बढ़ने के संकेत हैं।