क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मनोज जरांगे से मुलाकात करनी चाहिए थी? : संजय राउत

सारांश
Key Takeaways
- मराठा आरक्षण आंदोलन का मुद्दा गंभीर है।
- केंद्रीय गृह मंत्री की मुलाकात की उम्मीद थी।
- संजय राउत ने सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाए।
- मनोज जरांगे का नेतृत्व महत्वपूर्ण है।
- मुंबई में आंदोलन ने बड़ी स्थिति पैदा की है।
मुंबई, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने मराठा आरक्षण आंदोलन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मुंबई दौरे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाए।
राउत ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुंबई दौरे पर आए थे और हमें उम्मीद थी कि वह मराठा आरक्षण के आंदोलनकारियों से मुलाकात करेंगे, लेकिन उन्होंने किसी से मुलाकात नहीं की।
उन्होंने आगे कहा, "पिछले दो दिनों से मुंबई में मराठा समुदाय के हजारों लोग, अपने नेता मनोज जरांगे पाटिल के नेतृत्व में, आजाद मैदान में भारी बारिश के बीच अनशन और आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन ने मुंबई के एक बड़े हिस्से को प्रभावित किया है। ऐसे में अमित शाह ने आंदोलनकारियों से मुलाकात करने या उनके मुद्दों को सुलझाने की कोई कोशिश नहीं की।"
राउत ने कहा, "केंद्रीय गृह मंत्री कश्मीर का मुद्दा सुलझा सकते हैं, अनुच्छेद 370 हटा सकते हैं और संविधान में बदलाव कर सकते हैं। हमें उम्मीद थी कि वह अपने इस दौरे पर मराठा समाज के नेता मनोज जरांगे पाटिल से बातचीत कर कोई हल निकालेंगे, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। उन्होंने मुंबई आकर सिर्फ इतना कहा है कि मुंबई का मेयर भाजपा का होना चाहिए, जो गैर-मराठी हो।"
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को अपने परिवार के साथ मुंबई के लालबाग के राजा के दर्शन किए थे।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट भी शेयर किया। उन्होंने लिखा, "मुंबई के लालबाग के राजा के दर्शन मात्र से सारे दुःखों का निवारण हो जाता है। गणपति बाप्पा के इस विराट स्वरूप को देखने के लिए पूरे साल इंतजार रहता है।"
इस दौरान उनके साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मौजूद थे।