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इज़रायल पुलिस ने लिकुड के 'चुनाव चोरी' आरोप नकारे, कहा — 'कोई सबूत नहीं'

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इज़रायल पुलिस ने लिकुड के 'चुनाव चोरी' आरोप नकारे, कहा — 'कोई सबूत नहीं'

सारांश

इज़रायल पुलिस और केंद्रीय चुनाव समिति दोनों ने लिकुड के 'चुनाव चोरी' के आरोपों को निराधार बताया। 91% मतगणना पूरी; नेतन्याहू गुट को 53 और विपक्ष को 48 सीटों का अनुमान — बहुमत से दूर। अरब पार्टियों ने 19 सीटें जीतीं, रिकॉर्ड मतदान के साथ।

मुख्य बातें

इज़रायल पुलिस ने 29 अक्टूबर 2026 को लिकुड के 'चुनाव चोरी' के आरोपों को खारिज किया, कहा — 'कोई जांच संबंधी या खुफिया सबूत नहीं।' सेंट्रल इलेक्शन कमिटी (CEC) के अधिकारी ने भी एक दिन पहले इन्हीं दावों को निराधार बताया था।
मतगणना 91% पूरी; नेतन्याहू गुट को अनुमानित 53 सीटें , विपक्षी गुट को 48 सीटें — दोनों बहुमत से दूर।
अरब पार्टियों ने 19 सीटें जीतीं; अरब समुदाय में रिकॉर्ड मतदान दर्ज।
लिकुड ने अरब पार्टियों पर रिश्वतखोरी, हिंसा, और अवैध सॉफ्टवेयर के उपयोग का आरोप लगाया।

इज़रायल पुलिस ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को लिकुड पार्टी के उन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि अरब पार्टियों ने हालिया नेसेट चुनाव में 'धांधली' की। पुलिस ने स्पष्ट कहा कि इन दावों के समर्थन में कोई जांच संबंधी या खुफिया साक्ष्य मौजूद नहीं है। इसके एक दिन पहले सेंट्रल इलेक्शन कमिटी (CEC) के एक अधिकारी भी इन्हीं आरोपों को निराधार बता चुके थे।

पुलिस का आधिकारिक बयान

पुलिस ने अपने बयान में माना कि मतदान दिवस पर चुनावी निष्पक्षता से जुड़ी 'कुछ असामान्य घटनाएं' हुईं, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि इनकी संख्या पिछले चुनावों की तुलना में 'काफी कम' थी। बयान में कहा गया, 'इन दावों के समर्थन में कोई जांच संबंधी या खुफिया सबूत नहीं हैं।' 'द यरूशलम पोस्ट' ने इस बयान को रिपोर्ट किया।

चुनाव परिणाम और मतगणना की स्थिति

मंगलवार को हुए इस चुनाव में अरब पार्टियों ने 19 सीटें जीती हैं और अरब समुदाय की ओर से रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। गुरुवार सुबह तक आधिकारिक मतगणना 91% तक पहुँच गई थी — केवल 'डबल-लिफाफे' वाले मतपत्रों की गिनती शेष थी, जो पूरी रात जारी रहने वाली थी। केंद्रीय चुनाव समिति के बुधवार शाम के अनुमान के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गुट को अगली नेसेट में 53 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि विपक्षी गुट 48 सीटों तक सीमित रह सकता है।

नेतन्याहू और लिकुड के आरोप

बुधवार को प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि अरब पार्टियों ने चुनाव 'चुरा' लिया। लिकुड पार्टी ने एक अलग बयान में गंभीर अनियमितताओं का हवाला दिया और अरब पार्टियों पर 'रिश्वतखोरी, धमकियों, हिंसा, धोखाधड़ी' तथा 'मतदाताओं को जुटाने के लिए अवैध सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल' का आरोप लगाया। पार्टी ने यह भी कहा कि ये पार्टियां 'आतंकवाद का समर्थन करती हैं और यहूदी राज्य को खत्म करना चाहती हैं।'

राजनीतिक संकट की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह कड़ा मुकाबला ऐसे समय में हुआ जब न नेतन्याहू के गुट को और न ही मुख्य विपक्ष को नेसेट में स्पष्ट बहुमत मिल सका। इज़रायल में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की आवश्यकता होती है — लिकुड गुट के 53 और विपक्ष के 48 सीटों के अनुमान के बीच यह अंतर गठबंधन राजनीति को अत्यंत जटिल बना देता है। यह इज़रायल की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक अस्थिरता की कड़ी में एक और अध्याय है — देश 2019 के बाद से कई बार चुनावी दौर से गुज़र चुका है।

आगे क्या होगा

मतगणना पूरी होने के बाद राष्ट्रपति इज़राक हर्ज़ोग संभावित रूप से सबसे बड़े गुट के नेता को सरकार बनाने का निमंत्रण देंगे। गठबंधन वार्ता लंबी खिंचने की संभावना है। लिकुड के आरोपों और उनके खारिज होने के बाद अब न्यायिक समीक्षा की मांग भी उठ सकती है, जो प्रक्रिया को और जटिल बना सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो वैधता को चुनौती देना एक परिचित पैंतरा है। पुलिस और चुनाव आयोग दोनों के स्पष्ट खंडन के बावजूद यह आरोप राजनीतिक विमर्श में बने रहेंगे, जो लंबी गठबंधन वार्ता को और विषाक्त बना सकते हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो नज़रअंदाज़ करती है वह यह है कि अरब पार्टियों की 19 सीटें और रिकॉर्ड मतदान दरअसल इज़रायली लोकतंत्र की ताकत का संकेत है — लेकिन इसे 'खतरे' के रूप में प्रस्तुत करना एक गहरे सामाजिक विभाजन को उजागर करता है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इज़रायल पुलिस ने 'चुनाव चोरी' के आरोप क्यों खारिज किए?
पुलिस ने कहा कि इन दावों के समर्थन में कोई जांच संबंधी या खुफिया सबूत नहीं हैं। हालांकि मतदान दिवस पर कुछ असामान्य घटनाएं हुईं, लेकिन उनकी संख्या पिछले चुनावों की तुलना में कम थी।
लिकुड पार्टी ने अरब पार्टियों पर क्या आरोप लगाए?
लिकुड ने अरब पार्टियों पर रिश्वतखोरी, धमकियों, हिंसा, धोखाधड़ी और मतदाताओं को जुटाने के लिए अवैध सॉफ्टवेयर के उपयोग का आरोप लगाया। पार्टी ने पूरी चुनाव प्रक्रिया की जांच की मांग भी की।
इज़रायल के नेसेट चुनाव 2026 में किसे कितनी सीटें मिलीं?
91% मतगणना के आधार पर नेतन्याहू के गुट को अनुमानित 53 सीटें और विपक्षी गुट को 48 सीटें मिलने का अनुमान है। अरब पार्टियों ने 19 सीटें जीती हैं। सरकार बनाने के लिए 61 सीटें चाहिए, जो किसी भी गुट को नहीं मिलीं।
इज़रायल में अब सरकार कैसे बनेगी?
मतगणना पूरी होने के बाद राष्ट्रपति इज़राक हर्ज़ोग सबसे बड़े गुट के नेता को सरकार बनाने का निमंत्रण देंगे। बहुमत न होने के कारण गठबंधन वार्ता लंबी और जटिल होने की संभावना है।
इज़रायल में अरब पार्टियों का प्रदर्शन इस बार कैसा रहा?
अरब पार्टियों ने इस चुनाव में 19 सीटें जीतीं और अरब समुदाय की ओर से रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। यह अरब राजनीतिक भागीदारी के लिहाज से उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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