इजरायल नेसेट चुनाव: नेतन्याहू खेमे को 57 सीटों पर बढ़त, ट्रंप ने क्रेडिट लिया
सारांश
मुख्य बातें
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थक खेमे को इजरायल नेसेट चुनाव की मतगणना के शुरुआती आंकड़ों में 57 सीटों पर बढ़त मिली है, जबकि विरोधी खेमे को 47 सीटें मिली हैं। इजरायल के केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार 28 अक्टूबर 2026 की सुबह 5 बजकर 58 मिनट तक केवल 41.9 प्रतिशत मतपेटियों की गिनती पूरी हुई थी, इसलिए ये आंकड़े अभी प्रारंभिक हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि नेतन्याहू के समर्थन में उनकी घोषणा ने चुनावी माहौल को निर्णायक रूप से बदल दिया।
ट्रंप का दावा और ट्रुथ सोशल पोस्ट
ट्रंप ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि उनके समर्थन से पहले नेतन्याहू के लिए 'निर्णायक हार' की आशंका जताई जा रही थी। ट्रंप ने इर्विंग सी. श्वार्ट्ज को उद्धृत करते हुए लिखा, 'जब राष्ट्रपति ट्रंप ने बीबी नेतन्याहू का समर्थन किया, तो पूरी स्थिति ही बदल गई। अब, एक महान प्रधानमंत्री की करारी हार के बजाय, ऐसा लग रहा है कि नेतन्याहू ने बराबरी की स्थिति हासिल कर ली है, या शायद यह उनके लिए एक जीत ही है! यह सब राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थन के बाद हुआ, जो केवल मध्य पूर्व, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के भले के लिए काम करना चाहते हैं!'
गौरतलब है कि ट्रंप का यह दावा उनके स्वयं के मंच पर पोस्ट किए गए एक तीसरे पक्ष के कथन पर आधारित है — इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है। आलोचकों का कहना है कि मतगणना का अभी 41.9% ही पूरा होने के साथ किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
शुरुआती सीट वितरण का पूरा चित्र
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, नेतन्याहू समर्थक खेमे को 57 सीटें और विरोधी खेमे को 47 सीटें मिली हैं। मुख्य रूप से अरब दलों से बने जॉइंट लिस्ट और राम गुटों को संयुक्त रूप से 16 सीटें प्राप्त हुई हैं।
कुछ दल फिलहाल संसद में प्रतिनिधित्व के लिए आवश्यक 3.25 प्रतिशत की न्यूनतम सीमा से नीचे हैं। इनमें रिजर्विस्ट्स को 2.7 प्रतिशत, पीपल ऑफ इजरायल को 1.8 प्रतिशत और चारेदी पब्लिक को 0.3 प्रतिशत मत मिले हैं।
मतगणना में अभी बदलाव संभव
यह ऐसे समय में आया है जब मतगणना अभी आधी भी नहीं हुई है। सैनिकों के मतों सहित दोहरे लिफाफों में डाले गए मतों की गिनती बाद में की जाती है, जो अंतिम परिणाम को काफी हद तक बदल सकती है। चुनाव आयोग के आंकड़े स्पष्ट रूप से इन्हें 'प्रारंभिक' बताते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल की आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली में थ्रेशोल्ड के आसपास खड़े दलों का भाग्य भी अंतिम सीट वितरण को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगा — विशेषकर वे दल जो 3.25% की सीमा पर हैं।
भू-राजनीतिक संदर्भ
यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य पूर्व में तनाव अपने उच्चतम स्तर पर है और नेतन्याहू की सरकार गाजा नीति को लेकर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दबाव झेल रही है। ट्रंप का सार्वजनिक समर्थन अमेरिकी राष्ट्रपतियों द्वारा किसी विदेशी चुनाव में हस्तक्षेप की असामान्य प्रवृत्ति को रेखांकित करता है — एक कदम जिसे कुछ विश्लेषक इजरायल-अमेरिका संबंधों के नए स्वरूप के रूप में देख रहे हैं।
मतगणना पूरी होने और अंतिम सीट वितरण सामने आने के बाद ही इजरायल की नेसेट में राजनीतिक खेमों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।