भारत-मेक्सिको पीटीए वार्ता शुरू, ऑटोमोबाइल-टेक्सटाइल सहित प्रमुख क्षेत्रों को 50% शुल्क राहत की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
भारत और मेक्सिको ने 28 अक्टूबर 2026 को वरीयतापूर्ण व्यापार समझौते (प्रीफ्रेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट — PTA) के लिए औपचारिक वार्ता का आगाज़ किया, जब दोनों देशों ने टर्म्स ऑफ रेफरेंस (TOR) पर हस्ताक्षर किए। इस कदम से ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, रसायन और अन्य क्षेत्रों में भारतीय निर्यातकों को मेक्सिको की मौजूदा 50 प्रतिशत तक की आयात शुल्क दर से राहत मिलने की संभावना खुली है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का मेक्सिको को कुल वस्तु निर्यात $5.73 अरब डॉलर रहा था।
वार्ता का औपचारिक शुभारंभ
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और मेक्सिको के विदेश व्यापार उपमंत्री लुइस रोसेन्डो गुटिरेज रोमानो ने संयुक्त रूप से इस वार्ता प्रक्रिया का शुभारंभ किया। वाणिज्य विभाग के अनुसार, दोनों देशों का साझा उद्देश्य व्यापार का विस्तार करना, निवेश को बढ़ावा देना, सप्लाई चेन को सुदृढ़ बनाना और दोनों पक्षों के कारोबारों के लिए नए अवसर सृजित करना है। प्रस्तावित समझौते को संतुलित, महत्वाकांक्षी और दोनों देशों के हित में बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
भारतीय निर्यात को संभावित लाभ
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रस्तावित PTA से सबसे अधिक लाभ ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फुटवियर, प्लास्टिक, स्टील, रसायन और खिलौना उद्योग को मिल सकता है। इस समय मेक्सिको की नई शुल्क व्यवस्था के अंतर्गत इन उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक आयात शुल्क लागू है। यदि यह शुल्क कम या समाप्त होता है, तो भारतीय कंपनियाँ लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े बाज़ारों में से एक में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल कर सकती हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 में ऑटोमोबाइल क्षेत्र का योगदान अकेले $1.92 अरब डॉलर रहा, जो कुल भारतीय निर्यात का एक-तिहाई से अधिक था — यह आँकड़ा दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों की गहराती संभावनाओं का प्रमाण है।
द्विपक्षीय बैठकों का दौर
दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मेक्सिको सिटी पहुँचे वाणिज्य सचिव अग्रवाल ने मेक्सिको के विदेश मंत्रालय के एशिया-प्रशांत मामलों के महानिदेशक फर्नांडो गोंजालेज सैफे के साथ भी अलग बैठक की। इस चर्चा में भारत-मेक्सिको संबंधों को और मज़बूत करने, आर्थिक सहयोग का दायरा बढ़ाने तथा एक-दूसरे की विशेषज्ञताओं का लाभ उठाने के तौर-तरीकों पर विचार किया गया।
यात्रा के दौरान अग्रवाल ने भारतीय और मेक्सिकन उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की, जिसमें व्यापार एवं निवेश के अवसरों, चुनौतियों और भविष्य की संयुक्त साझेदारियों पर विचार-विमर्श हुआ।
वाणिज्य सचिव का बयान
अग्रवाल ने कहा कि भारत और मेक्सिको की अर्थव्यवस्थाओं में कई पूरकताएँ मौजूद हैं। उन्होंने भारत की लगभग 7 प्रतिशत की मजबूत आर्थिक वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यापार, निवेश और कारोबारी साझेदारी में अभी भी अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने जोड़ा कि प्रस्तावित PTA प्रशांत क्षेत्र में साझा समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी भागीदारी बढ़ाने और निर्यात बाज़ारों में विविधता लाने की नीति पर आगे बढ़ रहा है। गौरतलब है कि भारत पहले से कई देशों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय व्यापार समझौतों की कड़ी बना रहा है, और लैटिन अमेरिका में मेक्सिको के साथ यह पहल एक नई रणनीतिक दिशा का संकेत है। TOR पर हस्ताक्षर के बाद अब दोनों देशों की वार्ता टीमें वस्तुओं की सूची, शुल्क कटौती की समय-सीमा और नियमों की रूपरेखा तय करने पर काम करेंगी।