दिल्ली SIR: दावे-आपत्तियों की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर, ड्राफ्ट रोल में 97.53 लाख मतदाता दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
चुनाव आयोग ने दिल्ली में चल रहे विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) के अंतर्गत दावों और आपत्तियों को दर्ज करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 निर्धारित की है। 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट रोल में अब तक 97,53,577 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। जो भी योग्य नागरिक अपना नाम सूची में नहीं पाते, उनके पास केवल तीन दिन का समय शेष है।
SIR की प्रक्रिया और समयसीमा
चुनाव आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत दिल्ली में यह SIR 30 जून 2026 को आरंभ किया था। एन्यूमरेशन फेज 17 अगस्त 2026 तक चला, जिसमें बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर फॉर्म वितरित और संग्रहित किए।
SIR की पूरी समयरेखा इस प्रकार है: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन 31 अगस्त 2026 को हुआ; दावे-आपत्तियाँ दर्ज करने की अवधि 31 अगस्त से 30 अक्टूबर 2026 तक है; नोटिस फेज और दावों-आपत्तियों का निपटारा 30 नवंबर 2026 तक होना है; और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 4 दिसंबर 2026 को निर्धारित है।
ड्राफ्ट रोल के आँकड़े
SIR शुरू होने के समय दिल्ली की वोटर लिस्ट में 1,45,10,299 मतदाता दर्ज थे। एन्यूमरेशन फेज में 100 प्रतिशत फॉर्म वितरित किए गए। 17 अगस्त तक कुल 97,53,577 मतदाताओं ने फॉर्म जमा किए, जबकि 47,56,722 मतदाता अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट पाए गए।
ड्राफ्ट रोल में दर्ज 97,53,577 मतदाताओं में 49,88,993 पुरुष, 47,64,137 महिलाएँ और 447 थर्ड जेंडर के मतदाता शामिल हैं। यह सूची CEO, दिल्ली की वेबसाइट, DEO की वेबसाइट, सभी वोटर सेंटर और निर्धारित स्थानों पर उपलब्ध है।
नोटिस और निपटारे की स्थिति
ड्राफ्ट रोल में शामिल 97,53,577 मतदाताओं में से 33,14,032 को सिस्टम ने नोटिस जारी किए हैं। इनमें 13,79,789 मामले 'नो-मैपिंग' के हैं — अर्थात ये मतदाता 2002 में हुए अंतिम SIR से अपने आप को मैप नहीं कर पाए — और 19,34,243 मामले तार्किक त्रुटियों (लॉजिकल एरर) के हैं।
अब तक 31,26,576 यानी 94.34 प्रतिशत नोटिसों का निपटारा किया जा चुका है और इन्हें अंतिम रोल में शामिल करने के लिए रखा गया है। आयोग के 29 सितंबर 2026 के निर्देश के बाद ERO और AERO ने दस्तावेज़ एकत्र किए, जिससे लॉजिकल एरर के 18,96,675 यानी 98.05 प्रतिशत मामलों का निपटारा हो गया है।
क्वालिफाइंग तिथि और नई व्यवस्था
इस SIR के लिए 1 अक्टूबर 2026 को क्वालिफाइंग तिथि माना गया है। गौरतलब है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में संशोधन के बाद अब साल में चार क्वालिफाइंग तिथियाँ हो गई हैं — 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर। इससे पहले केवल 1 जनवरी ही एकमात्र क्वालिफाइंग तिथि होती थी। इसका अर्थ है कि इन तिथियों तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाला कोई भी नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज करा सकता है।
अंतिम तिथि से पहले क्या करें
दिल्ली के सभी 14,947 पोलिंग स्टेशनों पर एक लाख से अधिक विशेष शिविर लगाए गए, जिनमें कुल 38,849 फॉर्म प्राप्त हुए। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद अब तक 3,88,429 और 31 अगस्त से पूर्व 5,24,639 अतिरिक्त फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं।
चुनाव आयोग ने अपील की है कि दिल्लीवासी 30 अक्टूबर 2026 से पहले ड्राफ्ट रोल में अपना नाम जाँच लें। नाम न होने पर फॉर्म-6 (नया नामांकन), फॉर्म-7 (नाम जोड़ने/हटाने की आपत्ति) या फॉर्म-8 (पता बदलना, सुधार, EPIC परिवर्तन) भरा जा सकता है। शिकायतों के लिए जिला व विधानसभा स्तर पर हेल्पडेस्क और 1950 हेल्पलाइन उपलब्ध है। ERO/AERO बिना उचित सुनवाई के किसी का नाम सूची से नहीं हटाएँगे।
इस पूरी प्रक्रिया में 13 जिला निर्वाचन अधिकारी, 70 ERO, 902 AERO, 14,947 BLO और 33,226 बूथ लेवल एजेंट (BLA) कार्यरत हैं, जिनकी निगरानी CEO दिल्ली और चुनाव आयोग कर रहे हैं। 4 दिसंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के साथ यह प्रक्रिया पूरी होगी।