एमएलसी चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत, रामदास आठवले बोले — चुनाव आयोग विरोध से कांग्रेस को मिली सज़ा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आयोजित 'प्राइड इन पावर' कार्यक्रम और 'नेशनल ट्रांसजेंडर पर्सन्स अवार्ड्स' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने एमएलसी चुनाव परिणामों, कांग्रेस की हार, बैलेट पेपर विवाद और महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों के लिए राहत उपायों पर खुलकर अपनी राय रखी।
एमएलसी चुनाव परिणाम और एनडीए की बढ़त
आठवले ने कहा कि चार राज्यों की 28 सीटों में से अधिकतर पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार विजयी हो रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के प्रदर्शन पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, "कांग्रेस को इस चुनाव में भी करारा झटका लगा है। पार्टी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग कर रही थी और अब जब चुनाव बैलेट पेपर से ही हुए हैं, तो एनडीए को बड़ी जीत मिली है।"
आठवले के अनुसार, राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन चलाने से जनता में आक्रोश पैदा हुआ, जो इन चुनाव परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हार के लिए बहाने बनाना उचित नहीं है।
ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए सरकारी पहल
मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में कई राज्यों के ट्रांसजेंडर व्यक्तियों ने भाग लिया। आठवले ने कहा, "मेरा मंत्रालय ट्रांसजेंडरों को न्याय दिलाने के लिए कई योजनाएँ चला रहा है। मैंने ट्रांसजेंडरों को सलाह दी है कि वे किसी के सामने हाथ न फैलाएँ — सहकारी समिति बनाएँ और कंपनी शुरू करें। इसके लिए सरकार मदद करेगी।"
उन्होंने यह भी बताया कि उनका मंत्रालय ट्रांसजेंडर समुदाय को कौशल प्रशिक्षण देने के लिए विशेष योजनाएँ लागू करेगा, ताकि वे आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकें।
सूखा प्रभावित किसानों के लिए राहत उपाय
सूखे की मार झेल रहे किसानों के संदर्भ में आठवले ने स्पष्ट किया कि बैंकों को कर्ज वसूली के लिए किसानों को परेशान नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, "जो बैंक अधिकारी किसानों को परेशान करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने बताया कि राज्य कैबिनेट ने भी इसी आशय का निर्णय लिया है।
इससे एक दिन पहले, मंगलवार 27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार संकटग्रस्त उपसा सिंचाई योजनाओं के ऋण माफ करेगी। साथ ही, सूखा प्रभावित किसानों को ₹5,000 का अग्रिम भुगतान किया जाएगा और नमो शेतकरी महासन्मान निधि योजना की किस्तें भी दी जाएंगी।
किसान प्रोत्साहन और ऋण माफी की संभावना
सरकार नियमित रूप से फसल ऋण चुकाने वाले किसानों को ₹50,000 का प्रोत्साहन अनुदान दे रही है। फडणवीस के अनुसार, ऋण माफी के लिए गठित मंत्रिपरिषद इस अनुदान में वृद्धि पर विचार करेगी और आर्थिक स्थिति के अनुसार उचित निर्णय लिया जाएगा। गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के कई जिलों में सूखे की गंभीर स्थिति बनी हुई है।
आगे की राह
एमएलसी चुनाव परिणाम महाराष्ट्र में एनडीए की स्थिति को और मजबूत करते हैं। वहीं, किसान राहत पैकेज के क्रियान्वयन और ट्रांसजेंडर कौशल योजनाओं की रूपरेखा आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होने की संभावना है।