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यूपी में एनडीए 300 से अधिक सीटें जीतेगा, जनता मोदी-योगी के साथ: रामदास आठवले

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यूपी में एनडीए 300 से अधिक सीटें जीतेगा, जनता मोदी-योगी के साथ: रामदास आठवले

सारांश

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने वाराणसी में दावा किया कि यूपी में एनडीए 300 से अधिक सीटें जीतेगा। आरपीआई-ए 62 जिलों में सक्रिय है, 26 नवंबर को लखनऊ में एक लाख की रैली का लक्ष्य है और गठबंधन में 20-25 सीटों की माँग रखी गई है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने 7 जून को वाराणसी में दावा किया कि एनडीए यूपी में 403 में से 300 से अधिक सीटें जीतेगा।
आरपीआई-ए फिलहाल 62 जिलों में सक्रिय; शेष 13 जिलों में संगठन विस्तार जारी।
26 नवंबर को लखनऊ में संविधान दिवस रैली; लक्ष्य एक लाख प्रतिभागी।
आरपीआई-ए एनडीए में 20-25 सीटों की माँग; 4-5 सीटें मिलने पर भी गठबंधन में बने रहने का ऐलान।
आठवले ने बीएसपी के घटते जनाधार का उल्लेख करते हुए दलित वोट बेस पर दावेदारी जताई।

केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-ए) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने 7 जून को वाराणसी दौरे के दौरान दावा किया कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 403 में से 300 से अधिक सीटें जीतेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का एनडीए पर पूरा भरोसा है और इसमें कोई संशय नहीं है।

मुख्य घोषणाएँ और दावे

आठवले ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हम देखेंगे कि भाजपा हारती है या अखिलेश यादव और राहुल गांधी हारते हैं। यह समय ही बताएगा।' उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम और अन्य राज्यों में भाजपा की सत्ता में वापसी का उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ी है।

योगी आदित्यनाथ की तारीफ

आठवले ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की बिगड़ी हुई स्थिति को सुधारा है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य में तेज़ गति से विकास कार्य हो रहे हैं। उनके अनुसार एनडीए उत्तर प्रदेश में पहले से मज़बूत है और भविष्य में भी मज़बूत बना रहेगा।

आरपीआई-ए का संगठनात्मक विस्तार

आरपीआई-ए की रणनीति पर बात करते हुए आठवले ने बताया कि उनकी पार्टी इस समय 62 जिलों में सक्रिय है और शेष 13 जिलों में भी संगठन विस्तार का काम तेज़ी से चल रहा है। 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर लखनऊ में एक बड़ी रैली आयोजित करने की योजना है, जिसमें करीब एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।

सीट-बँटवारे पर रुख

गठबंधन में सीटों के बारे में आठवले ने कहा कि आरपीआई-ए एनडीए के साथ मिलकर लगभग 20-25 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि 4-5 सीटें भी मिलती हैं तो भी पार्टी एनडीए गठबंधन में बनी रहेगी। यह बयान पार्टी की लचीली रणनीति को दर्शाता है।

विपक्ष और बहुजन समाज पार्टी पर टिप्पणी

आठवले ने माना कि बहुजन समाज पार्टी (BSP) का जनाधार लगातार कम हो रहा है। उन्होंने कहा, 'एक समय था जब रिपब्लिकन पार्टी सत्ता में थी, उस जगह को अब बीएसपी ने ले लिया है। हम यहाँ रिपब्लिकन पार्टी को मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं।' यह टिप्पणी दलित राजनीति में बदलते समीकरणों की ओर इशारा करती है। आगामी चुनावों में आरपीआई-ए की भूमिका इस विस्तार अभियान की सफलता पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि किसी ज़मीनी सर्वे पर आधारित आकलन — स्रोत में इसका कोई डेटा-आधार नहीं दिया गया। दिलचस्प यह है कि आरपीआई-ए खुद स्वीकार करती है कि वह उत्तर प्रदेश में 'बहुत मज़बूत नहीं' है, फिर भी 25 सीटों की माँग रखी जा रही है — यह दबाव-राजनीति का क्लासिक उदाहरण है। बीएसपी के जनाधार पर टिप्पणी संकेत देती है कि आरपीआई-ए दलित वोट बेस में सेंध लगाने की कोशिश में है, लेकिन बिना संगठनात्मक आधार के यह महत्वाकांक्षा कितनी व्यावहारिक है, यह 26 नवंबर की रैली की भीड़ से ही पता चलेगा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामदास आठवले ने यूपी चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
आठवले ने 7 जून को वाराणसी में कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एनडीए 403 में से 300 से अधिक सीटें जीतेगा। उनके अनुसार प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के साथ है।
आरपीआई-ए एनडीए गठबंधन में कितनी सीटें माँग रही है?
आरपीआई-ए एनडीए के साथ मिलकर लगभग 20-25 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। आठवले ने यह भी कहा कि 4-5 सीटें मिलने पर भी पार्टी गठबंधन में बनी रहेगी।
आरपीआई-ए की उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक स्थिति क्या है?
पार्टी अभी 62 जिलों में सक्रिय है और शेष 13 जिलों में विस्तार का काम चल रहा है। 26 नवंबर को लखनऊ में एक लाख लोगों की रैली का लक्ष्य रखा गया है।
आठवले ने बीएसपी के बारे में क्या कहा?
आठवले ने कहा कि बीएसपी का समर्थन आधार लगातार कम हो रहा है और रिपब्लिकन पार्टी उस जगह को वापस पाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने माना कि यूपी में पार्टी अभी उतनी मज़बूत नहीं है।
योगी आदित्यनाथ के शासन पर आठवले का क्या मत है?
आठवले ने योगी आदित्यनाथ की सराहना की और कहा कि उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधारी है। उनके अनुसार मोदी के नेतृत्व में राज्य में तेज़ी से विकास कार्य हो रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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