यूपी में एनडीए 300 से अधिक सीटें जीतेगा, जनता मोदी-योगी के साथ: रामदास आठवले
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-ए) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने 7 जून को वाराणसी दौरे के दौरान दावा किया कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 403 में से 300 से अधिक सीटें जीतेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का एनडीए पर पूरा भरोसा है और इसमें कोई संशय नहीं है।
मुख्य घोषणाएँ और दावे
आठवले ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हम देखेंगे कि भाजपा हारती है या अखिलेश यादव और राहुल गांधी हारते हैं। यह समय ही बताएगा।' उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम और अन्य राज्यों में भाजपा की सत्ता में वापसी का उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ी है।
योगी आदित्यनाथ की तारीफ
आठवले ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की बिगड़ी हुई स्थिति को सुधारा है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य में तेज़ गति से विकास कार्य हो रहे हैं। उनके अनुसार एनडीए उत्तर प्रदेश में पहले से मज़बूत है और भविष्य में भी मज़बूत बना रहेगा।
आरपीआई-ए का संगठनात्मक विस्तार
आरपीआई-ए की रणनीति पर बात करते हुए आठवले ने बताया कि उनकी पार्टी इस समय 62 जिलों में सक्रिय है और शेष 13 जिलों में भी संगठन विस्तार का काम तेज़ी से चल रहा है। 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर लखनऊ में एक बड़ी रैली आयोजित करने की योजना है, जिसमें करीब एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
सीट-बँटवारे पर रुख
गठबंधन में सीटों के बारे में आठवले ने कहा कि आरपीआई-ए एनडीए के साथ मिलकर लगभग 20-25 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि 4-5 सीटें भी मिलती हैं तो भी पार्टी एनडीए गठबंधन में बनी रहेगी। यह बयान पार्टी की लचीली रणनीति को दर्शाता है।
विपक्ष और बहुजन समाज पार्टी पर टिप्पणी
आठवले ने माना कि बहुजन समाज पार्टी (BSP) का जनाधार लगातार कम हो रहा है। उन्होंने कहा, 'एक समय था जब रिपब्लिकन पार्टी सत्ता में थी, उस जगह को अब बीएसपी ने ले लिया है। हम यहाँ रिपब्लिकन पार्टी को मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं।' यह टिप्पणी दलित राजनीति में बदलते समीकरणों की ओर इशारा करती है। आगामी चुनावों में आरपीआई-ए की भूमिका इस विस्तार अभियान की सफलता पर निर्भर करेगी।