क्या आरपीआई ने पीएम मोदी को पूर्ण समर्थन दिया है? केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले
सारांश
Key Takeaways
- रामदास आठवले ने नरेंद्र मोदी का समर्थन किया।
- मोदी सरकार का मूल मंत्र 'सबका साथ, सबका विकास' है।
- आरपीआई बीएमसी चुनावों में महायुति का समर्थन कर रही है।
- विपक्ष पर आरोप है कि वे भ्रम फैला रहे हैं।
- संविधान की रक्षा मोदी सरकार की प्राथमिकता है।
धुले, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के नेता रामदास आठवले ने सोमवार को नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी दृढ़ समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मोदी सभी धर्मों के लोगों को विकास के एक ही मंच पर लाने का प्रयास कर रहे हैं।
आठवले ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, "लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि बहुमत पाने वाली पार्टी को सरकार बनाने का अधिकार मिलता है। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब जनता ने उसका समर्थन किया, लेकिन अब जब नरेंद्र मोदी आए हैं, तो विपक्ष उन्हें हराने में पूरी तरह असफल रहा है।"
उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया नरेंद्र मोदी का पूरा समर्थन करती है, क्योंकि उन्होंने संविधान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विपक्षी नेताओं, विशेषकर राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे निरंतर भ्रम फैला रहे हैं और समाज को विभाजित करने का प्रयास कर रहे हैं।
आरपीआई प्रमुख रामदास आठवले ने कहा कि मोदी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र पर चल रही है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत हुई है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में बीएमसी चुनावों को लेकर महायुति गठबंधन (भाजपा-शिवसेना-आरपीआई) में सीट बंटवारे पर कुछ विवाद उत्पन्न हुए थे।
आठवले ने स्पष्ट किया कि आरपीआई एनडीए और महायुति के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बीएमसी चुनावों में अपनी पार्टी के 20 सीटों पर लड़ने और बाकी सीटों पर महायुति का समर्थन करने का प्रस्ताव रखा, ताकि मुंबई का मेयर महायुति से बने।
आठवले ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास की नई ऊंचाइयां छुई हैं, जबकि विपक्ष विकास के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय भ्रम फैलाने में लगा है। आरपीआई प्रमुख ने जोर देकर कहा कि संविधान की रक्षा और सभी वर्गों का समान विकास मोदी सरकार की प्राथमिकता है।