12 अक्टूबर 2026
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रामदास आठवले का इंडिया गठबंधन पर हमला: 'राहुल तांडव' से आम लोगों को तकलीफ

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रामदास आठवले का इंडिया गठबंधन पर हमला: 'राहुल तांडव' से आम लोगों को तकलीफ

सारांश

केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने इंडिया गठबंधन की रैलियों को 'राहुल तांडव' कहकर खारिज किया और दावा किया कि 2029 में भी एनडीए की सरकार बनेगी। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग पर उन्होंने कहा — 13 करोड़ वोट काटना सही काम था।

मुख्य बातें

केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने 12 अक्टूबर 2026 को इंडिया गठबंधन की रैलियों को आम जनता के लिए 'परेशानी का सबब' बताया।
आठवले ने कहा कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे; 13 करोड़ वोट काटने का निर्णय सही बताया।
सीजेपी प्रदर्शन को अराजकता फैलाने वाला करार दिया; कहा — सड़कें बंद होने से आम नागरिक परेशान।
राहुल गांधी के 200 से अधिक अधिकारियों से संपर्क के दावे को पलटते हुए आठवले ने कहा यह सांसद की जिम्मेदारी है।
राहुल के शिव बारात बयान पर आठवले का जवाब: 'यह शिव तांडव नहीं, राहुल तांडव है।' 2029 में भी एनडीए की सरकार बनने का दावा किया।

केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि गठबंधन का आंदोलन अब केवल आम जनता को परेशान करने का माध्यम बनकर रह गया है। उन्होंने सीजेपी के प्रदर्शन और अभिजीत दिपके के आंदोलन को अराजकता फैलाने वाला करार दिया और दो टूक कहा कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे।

आठवले का इंडिया गठबंधन पर सीधा हमला

आठवले ने कहा, 'इंडिया गठबंधन के पास अब केवल मार्च निकालने का ही काम रह गया है। उन्हें देश के लिए काम करने की आदत नहीं है। देश के विकास का काम हम कर रहे हैं, वे रैलियाँ निकाल रहे हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि बार-बार रैली निकालना ठीक नहीं है और यदि एनडीए के सहयोगी दल उन रैलियों में जाना चाहें तो जा सकते हैं, लेकिन उन्हें संदेह है कि कोई एनडीए दल ऐसा करेगा।

सीजेपी प्रदर्शन और ज्ञानेश कुमार विवाद

सीजेपी के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए आठवले ने कहा कि इससे पुलिस को बैरिकेड लगाने और सड़कें बंद करनी पड़ रही हैं, जिससे आम नागरिकों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। अभिजीत दिपके के लगातार आंदोलन पर उन्होंने कहा, 'कितना भी आंदोलन कर लें, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे — उन्होंने 13 करोड़ वोट काटे हैं, वह काम सही है।' गौरतलब है कि आठवले ने अभिजीत दिपके के प्रति व्यक्तिगत संवेदना भी व्यक्त की, कहा कि दिपके की दादी का हिंगोली में निधन हो गया है और वे वहाँ गए हुए हैं।

वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार

आठवले ने विपक्ष के 'वोट चोरी' के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यदि वोट चोरी होती तो कांग्रेस इतने दशकों तक सत्ता में कैसे रहती। उन्होंने तर्क दिया, 'जब आपकी सीट चुनकर आती है, तब हम यह नहीं कहते कि हमारा वोट चोरी हुआ है।' उनका कहना था कि लोकतंत्र में जनता को अधिकार है कि वह जिसे चाहे, उसे चुनकर भेजे और अब जनता ने PM नरेंद्र मोदी को बहुमत दिया है। उन्होंने दावा किया कि 2029 में भी एनडीए की सरकार बनेगी।

राहुल गांधी के दावों पर आठवले की प्रतिक्रिया

राहुल गांधी के इस दावे पर कि 200 से अधिक केंद्र सरकार के अधिकारी — जिनमें ईडी, सीबीआई और विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल हैं — उनसे लगातार संपर्क में हैं, आठवले ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी राहुल से बात नहीं कर रहे, बल्कि राहुल अधिकारियों से बात कर रहे हैं। विपक्ष के नेता के नाते अधिकारियों से काम के सिलसिले में संपर्क करना प्रत्येक सांसद की जिम्मेदारी है और इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है।

राहुल तांडव बनाम शिव तांडव

राहुल गांधी के शिव की बारात वाले बयान पर आठवले ने चुटीले अंदाज में कहा, 'यह शिव तांडव नहीं, बल्कि राहुल तांडव है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि बार-बार रैलियाँ निकालकर लोगों को परेशान करना न तो लोकतंत्र के हित में है और न ही कांग्रेस के। आठवले के अनुसार, इस तरह के आंदोलनों का कांग्रेस को कोई राजनीतिक फायदा नहीं होने वाला।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि मुख्यधारा की कवरेज इस बात को नज़रअंदाज़ करती है कि यह बयान चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर भी सवाल उठाता है। अभिजीत दिपके के प्रति व्यक्तिगत संवेदना और उनके आंदोलन की एक साथ आलोचना — यह दोहरा रुख दलित राजनीति की जटिलता को उजागर करता है जिसे सरल नहीं किया जा सकता।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामदास आठवले ने इंडिया गठबंधन के आंदोलन पर क्या कहा?
आठवले ने कहा कि इंडिया गठबंधन के पास अब केवल रैलियाँ निकालने का काम बचा है, जिससे आम जनता को परेशानी होती है और अराजकता फैलती है। उन्होंने इसे 'राहुल तांडव' करार दिया।
ज्ञानेश कुमार इस्तीफे की माँग पर आठवले का क्या कहना है?
आठवले ने स्पष्ट कहा कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे क्योंकि 13 करोड़ वोट काटने का उनका निर्णय सही था। उन्होंने अभिजीत दिपके के लगातार आंदोलन को अनुचित बताया।
राहुल गांधी के 200 अधिकारियों से संपर्क वाले दावे पर आठवले ने क्या कहा?
आठवले ने कहा कि अधिकारी राहुल से बात नहीं कर रहे, बल्कि राहुल अधिकारियों से संपर्क करते हैं, जो एक सांसद और विपक्ष के नेता की सामान्य जिम्मेदारी है। उन्होंने इसमें कोई गलती नहीं मानी।
आठवले ने 'वोट चोरी' के आरोपों को कैसे खारिज किया?
उन्होंने तर्क दिया कि यदि वोट चोरी होती तो कांग्रेस इतने दशकों तक सत्ता में नहीं रहती। जब कांग्रेस जीतती है तब विपक्ष वोट चोरी का आरोप नहीं लगाता, इसलिए यह दोहरा मानदंड है।
अभिजीत दिपके के बारे में आठवले ने क्या कहा?
आठवले ने दिपके के प्रति व्यक्तिगत दुख व्यक्त किया कि उनकी दादी का हिंगोली में निधन हो गया है। साथ ही उन्होंने अपील की कि बार-बार आंदोलन करना ठीक नहीं क्योंकि इससे ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं होगा।
राष्ट्र प्रेस
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