6 अक्टूबर 2026
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रविशंकर प्रसाद का इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला: 'क्या विपक्ष अराजकता चाहता है?'

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रविशंकर प्रसाद का इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला: 'क्या विपक्ष अराजकता चाहता है?'

सारांश

राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के करीब 300 सांसद CEC ज्ञानेश कुमार से मिलने चले — लेकिन रोक दिए गए। BJP के रविशंकर प्रसाद ने इसे 'अराजकता फैलाने की कोशिश' करार देते हुए कांग्रेस पर संस्थाओं को निशाना बनाने और मतदाताओं का अपमान करने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने 6 अक्टूबर 2026 को इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन की कड़ी निंदा की।
राहुल गांधी के नेतृत्व में 300 सांसदों को CEC ज्ञानेश कुमार से मिलने से रोका गया।
प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित माँग — सभी चुनाव रद्द कर बैलेट पेपर से दोबारा मतदान — की आलोचना की।
सर्वोच्च न्यायालय ने मई में फैसला दिया था कि ECI को मतदाता सूची का 'SIR' करने का अधिकार है।
प्रसाद ने कहा कि लगभग 2 करोड़ मृत मतदाता और करोड़ों दोहरे पंजीकृत मतदाता सूची संशोधन की असली वजह हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ सांसद रविशंकर प्रसाद ने 6 अक्टूबर 2026 को इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन की कड़ी निंदा करते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दल देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बयान उस वक्त आया जब इंडिया ब्लॉक के करीब 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मिलने चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के सांसद नई दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार और उनके दो सहयोगियों से मुलाकात करना चाहते थे। राहुल गांधी ने दावा किया कि संसद के दोनों सदनों के लगभग 300 सांसदों को चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर जाने से रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश के लोकतंत्र को कमज़ोर किया है।

गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर विपक्ष की बढ़ती आपत्तियों के बीच हुआ।

रविशंकर प्रसाद की प्रतिक्रिया

BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार पर PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के प्रभाव में होने का आरोप लगा रहा है, जो उनके अनुसार 'शर्मनाक' है। प्रसाद ने कहा, 'मैं इसकी निंदा करता हूं।'

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित माँग की भी आलोचना की, जिसमें खड़गे ने कथित तौर पर सभी चुनाव रद्द करने और बैलेट पेपर से दोबारा मतदान कराने की बात कही थी। प्रसाद ने कहा कि यह माँग विपक्ष की मंशा को उजागर करती है।

मतदाता सूची विवाद

BJP सांसद ने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने मई में अपने फैसले में स्पष्ट रूप से बताया था कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के पास मतदाता सूची का 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया है।

प्रसाद ने यह भी उल्लेख किया कि लगभग 2 करोड़ मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है और करोड़ों लोग दो जगहों पर मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, जो कानूनन मान्य नहीं है। उनका तर्क था कि मतदाता सूची का संशोधन इन्हीं विसंगतियों को दूर करने के लिए है।

विपक्ष पर संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप

रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर संवैधानिक और राष्ट्रीय संस्थाओं को बार-बार निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने विदेश में भी देश की छवि को धक्का पहुँचाया है। हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनावी हार का हवाला देते हुए प्रसाद ने कहा कि विपक्ष अपनी हार के लिए ECI को दोषी ठहरा रहा है, जो मतदाताओं का अपमान है।

आगे क्या

यह टकराव ऐसे समय में आया है जब देश में आगामी राज्य चुनावों को लेकर सियासी माहौल गर्म है। मतदाता सूची संशोधन पर विवाद और ECI की स्वायत्तता पर उठते सवाल आने वाले दिनों में संसद और सड़क — दोनों जगह गूँजने की संभावना है। विपक्ष की ओर से इस मुद्दे को और तेज़ किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह है कि मतदाता सूची में विसंगतियों के दावों की स्वतंत्र जाँच क्यों नहीं हो रही। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देना कानूनी तौर पर सटीक हो सकता है, लेकिन राजनीतिक विश्वास तर्कों से नहीं, पारदर्शिता से बनता है। दोनों पक्षों की भाषा जितनी तीखी होती जा रही है, उतना ही संस्थाओं में आम नागरिक का भरोसा दाँव पर लगता दिखता है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध क्यों हुआ?
इंडिया ब्लॉक मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहता था और उन पर सत्तारूढ़ दल के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी के नेतृत्व में करीब 300 सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़े, लेकिन उन्हें रोक दिया गया।
रविशंकर प्रसाद ने इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन को 'अराजकता' क्यों कहा?
BJP सांसद रविशंकर प्रसाद का कहना था कि विपक्ष संवैधानिक संस्था ECI और CEC पर बेबुनियाद आरोप लगाकर देश में अस्थिरता का माहौल बना रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद ECI को दोषी ठहराना मतदाताओं का अपमान है।
मतदाता सूची के SIR को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा था?
सर्वोच्च न्यायालय ने मई में अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के पास मतदाता सूची का 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' करने का पूर्ण कानूनी अधिकार है। रविशंकर प्रसाद ने इसी फैसले का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या माँग की थी?
रविशंकर प्रसाद के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कथित तौर पर सभी चुनाव रद्द कर बैलेट पेपर से दोबारा मतदान कराने की माँग रखी थी। प्रसाद ने इसे EVM विरोधी राजनीति का हिस्सा बताते हुए इसकी निंदा की।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि PM मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत और CEC ज्ञानेश कुमार ने मिलकर देश के लोकतंत्र को कमज़ोर किया है। उन्होंने यह भी कहा कि 300 सांसदों को चुनाव आयोग कार्यालय जाने से जानबूझकर रोका गया।
राष्ट्र प्रेस
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