10 अक्टूबर 2026
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राहुल गांधी झूठ बोलने में माहिर, राष्ट्रपति को न घसीटें: रविशंकर प्रसाद का तीखा हमला

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राहुल गांधी झूठ बोलने में माहिर, राष्ट्रपति को न घसीटें: रविशंकर प्रसाद का तीखा हमला

सारांश

राष्ट्रपति मुर्मु से मिलकर चुनावी गड़बड़ी का ज्ञापन सौंपने के बाद राहुल गांधी के बयान पर BJP ने तीखा पलटवार किया। रविशंकर प्रसाद ने उन्हें 'झूठ बोलने में माहिर' बताया। विपक्ष अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने 10 अक्टूबर 2026 को पटना में राहुल गांधी को 'झूठ बोलने में माहिर' बताया।
यह बयान 'इंडिया' ब्लॉक के उस प्रतिनिधिमंडल की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद आया, जिसने चुनावी अनियमितताओं पर ज्ञापन सौंपा।
विपक्ष की चार मुख्य माँगें: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम वापस जोड़ना, पेपर बैलेट बहाली और 2023 की इम्युनिटी कानून को रद्द करना।
राहुल गांधी ने घोषणा की कि विपक्ष सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगा।
राष्ट्रपति कार्यालय ने मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ सांसद रविशंकर प्रसाद ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। यह प्रतिक्रिया गांधी के उस बयान के बाद आई, जो उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद दिया था और जिसमें उन्होंने कथित चुनावी अनियमितताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे।

रविशंकर प्रसाद के तीखे बोल

पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रसाद ने कहा, 'राहुल गांधी झूठ बोलते हैं। वह झूठ बोलने में माहिर हैं। कृपया राष्ट्रपति को इसमें न घसीटें — यह अनुचित है और पार्टी ने साफ तौर पर इसका खंडन किया है। ऐसी कोई बात नहीं थी।' उन्होंने आगे कहा, 'वे वोट चोरी का शोर मचाते रहते हैं, फिर भी देखिए वे कितनी बुरी तरह हारे।'

प्रसाद ने ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल उपचुनावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बनर्जी मुर्शिदाबाद — जहाँ 70 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है — में भी बुरी तरह हारीं और असम में एक लोकसभा सीट भी गँवाई।

उन्होंने गांधी के आचरण पर भी टिप्पणी की: 'दिल्ली की सड़कों पर बैठकर जैसा व्यवहार करते हैं, वह विपक्ष के नेता को शोभा नहीं देता। लोग उन्हें वोट नहीं देंगे, फिर भी वे शोर मचाते रहते हैं।'

विपक्ष की राष्ट्रपति से मुलाकात और माँगें

इससे पहले, राहुल गांधी ने 'इंडिया' ब्लॉक के सांसदों और नेताओं के साथ संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च किया। इसके बाद एक छोटे प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात की।

विपक्ष ने ज्ञापन में चार प्रमुख माँगें रखीं: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा; 2023 के उस कानून को रद्द करना जो मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को आजीवन उन्मुक्ति (इम्युनिटी) देता है; एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रोकना और मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम वापस जोड़ना; तथा सभी चुनावों में पेपर बैलेट व्यवस्था फिर से लागू करना। प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दो वर्षों में हुए उन सभी विधानसभा चुनावों को रद्द करने की भी माँग की जिनमें कथित 'वोट चोरी' के सबूत पेश किए गए हैं।

राहुल गांधी का बयान और सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा

मुलाकात के बाद गांधी ने कहा कि वे इस बात से 'हैरान' थे कि राष्ट्रपति ने 'इस बात से इनकार नहीं किया,' हालांकि उन्होंने सबूत ज़रूर माँगे। गांधी के अनुसार, 'हमारे पास इस बात के सभी सबूत हैं कि चुनाव कैसे चुराए गए। पूरे देश ने इसे देखा है।' राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से बातचीत की पुष्टि में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।

गांधी ने यह भी घोषणा की कि विपक्ष सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय जाएगा और भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक ज्ञापन सौंपेगा। उन्होंने कहा, 'हम सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और भारत के मुख्य न्यायाधीश से मिलकर उन्हें एक ज्ञापन सौंपेंगे।'

भाजपा और विपक्ष के बीच टकराव का पैटर्न

गौरतलब है कि 'इंडिया' ब्लॉक ने बार-बार चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं, जबकि BJP ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है। यह टकराव ऐसे समय में उभरा है जब देश में चुनावी विश्वसनीयता को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। प्रसाद का बयान इस पूरे विवाद में सत्तारूढ़ दल की आक्रामक प्रति-रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।

आने वाले दिनों में सर्वोच्च न्यायालय में दायर होने वाली याचिका और उस पर न्यायपालिका की प्रतिक्रिया इस विवाद की अगली दिशा तय करेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी 'झूठ बोलने में माहिर' हैं और उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात के बाद झूठे दावे किए। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता का दिल्ली की सड़कों पर इस तरह व्यवहार करना उनके पद को शोभा नहीं देता।
विपक्ष ने राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात में क्या माँगें रखीं?
विपक्ष ने चार माँगें रखीं: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, 2023 के इम्युनिटी कानून को रद्द करना, वोटर लिस्ट से हटाए गए 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम वापस जोड़ना और सभी चुनावों में पेपर बैलेट बहाली। साथ ही 'वोट चोरी' के सबूत वाले विधानसभा चुनाव रद्द करने की माँग भी की गई।
राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात क्यों कही?
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के पास चुनावी गड़बड़ी के सबूत हैं और वे सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर भारत के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपेंगे। यह कदम राष्ट्रपति कार्यालय से कोई आधिकारिक बयान न आने के बाद उठाया गया है।
राष्ट्रपति भवन ने इस मुलाकात पर क्या कहा?
राष्ट्रपति कार्यालय ने विपक्षी प्रतिनिधिमंडल से हुई बातचीत के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया। राहुल गांधी का यह दावा कि राष्ट्रपति ने 'इनकार नहीं किया', अभी तक आधिकारिक रूप से न पुष्ट है, न खंडित।
2023 का वह कानून क्या है जिसे विपक्ष रद्द कराना चाहता है?
2023 में पारित एक कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को आजीवन उन्मुक्ति (इम्युनिटी) प्रदान की गई है। विपक्ष का तर्क है कि यह प्रावधान चुनाव आयोग की जवाबदेही को कमज़ोर करता है और इसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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