31 अक्टूबर 2026
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पप्पू यादव का हमला: राहुल गांधी संविधान और लोकतंत्र के असली रक्षक, BJP पर तानाशाही का आरोप

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पप्पू यादव का हमला: राहुल गांधी संविधान और लोकतंत्र के असली रक्षक, BJP पर तानाशाही का आरोप

सारांश

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने एक साथ तीन मोर्चों पर हमला बोला — BJP की राहुल गांधी आलोचना, PM मोदी का विपक्ष पर निशाना और विश्व बैंक की गरीबी रिपोर्ट। उनका कहना है कि 84 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देने वाला देश गरीबी-मुक्त कैसे कहलाए? बिहार से 10,000 लोग दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं।

मुख्य बातें

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 31 अक्टूबर को नई दिल्ली में BJP, PM मोदी और विश्व बैंक रिपोर्ट पर एक साथ तीखी प्रतिक्रिया दी।
यादव ने दावा किया कि गैस की कीमत मोदी सरकार के आने पर 43–51 रुपए थी, जो अब लगभग 100 रुपए हो गई है।
84 करोड़ लोगों को 5 किलो मुफ्त अनाज दिए जाने का हवाला देते हुए विश्व बैंक की गरीबी-कमी रिपोर्ट के निष्कर्षों पर सवाल उठाया।
2 करोड़ नौकरियों के वादे और 12 वर्षों के रोज़गार रिकॉर्ड पर सरकार से जवाब माँगा।
बिहार से करीब 10,000 लोगों के दिल्ली पहुँचने का उल्लेख करते हुए विपक्षी एकजुटता को व्यापक जन-आंदोलन बताया।

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 31 अक्टूबर को नई दिल्ली में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पिछले 12 वर्षों से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अथक संघर्ष कर रहे हैं। यह बयान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रविशंकर प्रसाद की राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी, राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्ष की आलोचना और विश्व बैंक की गरीबी-कमी रिपोर्ट — तीनों मुद्दों पर एक साथ आया।

रविशंकर प्रसाद की टिप्पणी पर पलटवार

पप्पू यादव ने कहा कि BJP के नेता बहस की बात तो करते हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं करते कि वे किन मुद्दों पर चर्चा चाहते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को 'तानाशाही प्रवृत्ति वाली सरकार' बताते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उनके अनुसार, विपक्ष को संसद में अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता और बाहर प्रदर्शन करने पर भी उसे दबाने की कोशिश की जाती है।

राहुल गांधी के संघर्ष का ब्योरा

यादव ने दावा किया कि राहुल गांधी ने मणिपुर से लेकर गोवा तक की यात्राओं के ज़रिए महिलाओं, किसानों, छात्रों और आम नागरिकों के मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की संसद सदस्यता छीनी गई, उन्हें जेल भेजने की तैयारी की गई और उनका सरकारी आवास व सुरक्षा भी वापस ली गई — फिर भी वे सरकार के विरुद्ध आवाज उठाते रहे। गौरतलब है कि वोट चोरी के मुद्दे पर भी यादव ने कहा कि अब विपक्ष एकजुट होकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग कर रहा है।

महंगाई और अर्थव्यवस्था पर सवाल

प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान पर कि विपक्ष देश की प्रगति रोकना चाहता है, पप्पू यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार को पहले अर्थव्यवस्था और आम लोगों की स्थिति पर जवाब देना होगा। उन्होंने दावा किया कि जब मोदी सत्ता में आए थे तब गैस की कीमत करीब 43 से 51 रुपए के बीच थी, जो अब लगभग 100 रुपए तक पहुँच गई है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों, रुपए की गिरती कीमत, बढ़ते सरकारी कर्ज और मध्यम वर्ग पर टैक्स व ईएमआई के दबाव का हवाला देते हुए उन्होंने सरकार से सीधा जवाब माँगा।

विश्व बैंक की गरीबी रिपोर्ट पर आपत्ति

विश्व बैंक की उस रिपोर्ट पर — जिसमें भारत में गरीबी में कमी का दावा किया गया है — यादव ने सवाल उठाया कि यदि गरीबी वाकई इतनी कम हुई है तो 84 करोड़ लोगों को 5 किलो मुफ्त अनाज देने की ज़रूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने 2 करोड़ नौकरियों के वादे का भी उल्लेख करते हुए पूछा कि रोज़गार के मोर्चे पर 12 वर्षों में क्या हासिल हुआ।

विपक्ष की एकजुटता और आगे की राह

यादव ने बताया कि बिहार से करीब 10,000 लोग दिल्ली पहुँच रहे हैं और यह संघर्ष केवल राजनीतिक दलों का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों के अधिकारों का है। उन्होंने अयोध्या और बनारस सहित अन्य चुनावी क्षेत्रों में BJP की हार का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नतीजों पर खुली चर्चा होनी चाहिए। आने वाले दिनों में विपक्ष की यह एकजुटता संसदीय और सड़क — दोनों मोर्चों पर और तेज़ होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'तानाशाही' जैसे शब्द राजनीतिक वक्तव्य हैं जिन्हें उसी रूप में लेना चाहिए। असली सवाल यह है कि एक निर्दलीय सांसद का यह मुखर समर्थन विपक्षी गठबंधन की वास्तविक चौड़ाई को दर्शाता है या केवल क्षणिक राजनीतिक सुविधा है। विश्व बैंक रिपोर्ट पर उनकी आपत्ति — कि मुफ्त अनाज की ज़रूरत और गरीबी में कमी एक साथ कैसे सच हो सकती है — एक वैध नीतिगत प्रश्न है जिस पर अर्थशास्त्री भी बँटे हुए हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस विरोधाभास को नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने राहुल गांधी के बारे में क्या कहा?
पप्पू यादव ने कहा कि राहुल गांधी पिछले 12 वर्षों से संविधान की रक्षा और आम जनता के मुद्दे उठाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने मणिपुर, पंजाब के किसानों, महिलाओं और छात्रों के मुद्दों पर राहुल गांधी के संघर्ष का विशेष उल्लेख किया।
विश्व बैंक की गरीबी रिपोर्ट पर पप्पू यादव की आपत्ति क्या है?
पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि यदि गरीबी इतनी कम हुई है तो 84 करोड़ लोगों को 5 किलो मुफ्त अनाज देने की ज़रूरत क्यों है। उन्होंने प्रति व्यक्ति आय, रुपए की गिरती कीमत और बढ़ते सरकारी कर्ज का हवाला देते हुए रिपोर्ट के निष्कर्षों पर संदेह जताया।
पप्पू यादव ने महंगाई पर क्या दावा किया?
यादव ने दावा किया कि मोदी सरकार के सत्ता में आने पर गैस की कीमत करीब 43 से 51 रुपए के बीच थी, जो अब लगभग 100 रुपए तक पहुँच गई है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों और मध्यम वर्ग पर टैक्स व ईएमआई के बढ़ते बोझ का भी उल्लेख किया।
पप्पू यादव ने रविशंकर प्रसाद की टिप्पणी पर क्या कहा?
यादव ने कहा कि BJP नेता बहस की बात तो करते हैं लेकिन यह स्पष्ट नहीं करते कि किन मुद्दों पर चर्चा चाहते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और संसद में विपक्ष को पर्याप्त अवसर न मिलने पर भी सवाल उठाए।
विपक्षी एकजुटता को लेकर पप्पू यादव ने क्या संकेत दिए?
यादव ने बताया कि बिहार से करीब 10,000 लोग दिल्ली पहुँच रहे हैं और यह संघर्ष केवल राजनीतिक दलों का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों के अधिकारों का है। उन्होंने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग को भी विपक्षी एजेंडे का हिस्सा बताया।
राष्ट्र प्रेस
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