फखर जमां का 127 रनों का शतक, पाकिस्तान ने 326 रन चेज कर श्रीलंका को वनडे ट्राई सीरीज फाइनल में हराया
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान ने 31 अक्टूबर 2026 को लाहौर में खेले गए वनडे त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में श्रीलंका को 3 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। 326 रनों के विशाल लक्ष्य को पाकिस्तान ने 48.3 ओवरों में हासिल किया — और यह किसी वनडे फाइनल में संयुक्त रूप से सबसे बड़ा सफल रन-चेज है, जो 2002 में लॉर्ड्स में खेले गए भारत बनाम इंग्लैंड मैच के बराबर है। फखर जमां की 99 गेंदों में 127 रन की धमाकेदार पारी इस ऐतिहासिक जीत की धुरी रही।
श्रीलंका की पारी: कामिंदु मेंडिस का शतक
श्रीलंका ने टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 325 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। अविष्का फर्नांडो और कामिंदु मेंडिस ने पहले विकेट के लिए 104 गेंदों में 87 रन की साझेदारी की। अविष्का 49 गेंदों में 38 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जिसके बाद कप्तान कुसल मेंडिस ने 8 रन का योगदान दिया।
टीम के 109 रन पर 2 विकेट गिर चुके थे, तभी कामिंदु मेंडिस ने पवन रत्नायके के साथ तीसरे विकेट के लिए 118 गेंदों में 146 रन की शानदार साझेदारी कर श्रीलंका को मज़बूत आधार दिया। कामिंदु 128 गेंदों में 12 चौके और 2 छक्के की मदद से 131 रन बनाकर आउट हुए। रत्नायके ने 65 गेंदों में 8 चौकों के साथ 77 रन जोड़कर स्कोर को विशाल ऊँचाई तक पहुँचाया।
पाकिस्तान की ओर से कप्तान शाहीन अफरीदी, नसीम शाह, सलमान आगा और हारिस रऊफ ने 2-2 विकेट अपने नाम किए।
पाकिस्तान की पारी: फखर जमां की विध्वंसक बल्लेबाज़ी
पाकिस्तान के लिए रन-चेज की शुरुआत बेहद खराब रही — महज 14 रन के स्कोर पर 2 विकेट गिर गए। ऐसे नाज़ुक हालात में फखर जमां और साद बेग ने तीसरे विकेट के लिए 149 रन की निर्णायक साझेदारी कर पारी को संभाला। साद बेग 75 गेंदों में 11 चौकों के साथ 74 रन बनाकर लौटे।
इसके बाद फखर ने सलमान आगा के साथ चौथे विकेट के लिए 57 रन जोड़कर टीम को 200 के पार पहुँचाया। फखर जमां 99 गेंदों में 11 चौकों के साथ 127 रन की बेहतरीन पारी खेलकर आउट हुए। सलमान ने 17 रन का योगदान दिया।
पाकिस्तान का पाँचवाँ विकेट 230 रन पर गिरा, लेकिन हसन नवाज़ (नाबाद 37) और अराफात मिन्हास (61) ने छठे विकेट के लिए 65 गेंदों में 94 रन की मैच-विजेता साझेदारी कर टीम को जीत की दहलीज़ पर पहुँचाया और खिताब सुनिश्चित किया। श्रीलंका की ओर से दिलशान मदुशंका ने सर्वाधिक 3 विकेट लिए, जबकि असिथा फर्नांडो ने 2 विकेट हासिल किए।
ऐतिहासिक रन-चेज का संदर्भ
यह जीत क्रिकेट इतिहास में वनडे फाइनल में संयुक्त रूप से सबसे बड़ा सफल रन-चेज बन गई है — 2002 में लॉर्ड्स में खेले गए नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ ऐसा ही कारनामा किया था। गौरतलब है कि इस तरह के हाई-प्रेशर चेज़ बेहद दुर्लभ होते हैं, और पाकिस्तान ने लाहौर की पिच पर घरेलू दर्शकों के सामने यह उपलब्धि हासिल कर इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया।
आगे क्या
इस जीत के साथ पाकिस्तान ने वनडे त्रिकोणीय सीरीज का खिताब अपने घर में बरकरार रखा और टीम का मनोबल ऊँचा किया है। फखर जमां और उभरते बल्लेबाज़ अराफात मिन्हास का प्रदर्शन पाकिस्तान की आगामी वनडे योजनाओं के लिए उत्साहजनक संकेत है।