हाइलो ओपन 2026: पीवी सिंधु लगातार दूसरे फाइनल में, लक्ष्य सेन भी खिताबी मुकाबले में
सारांश
मुख्य बातें
पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन ने शनिवार, 31 अक्टूबर को जर्मनी के सारब्रुकन स्थित सारलैंडहैल में जारी हाइलो ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाकर भारत के लिए ऐतिहासिक दोहरे खिताब की उम्मीद जगा दी है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु ने BWF वर्ल्ड टूर पर लगातार दूसरी बार फाइनल में प्रवेश किया, जबकि सेन ने अपने सेमीफाइनल प्रतिद्वंद्वी को सीधे गेमों में धूल चटाई।
सिंधु का अजेय सफर जारी
विमेंस सिंगल्स सेमीफाइनल में पीवी सिंधु ने अपनी ही हमवतन अनमोल खरब को 21-13, 21-16 से हराकर फाइनल में कदम रखा। यह मुकाबला केवल 38 मिनट चला और इसमें पहली बार दो भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आमने-सामने हुईं — जो भारतीय बैडमिंटन के बढ़ते कद का प्रमाण है।
गौरतलब है कि सिंधु ने इस पूरे टूर्नामेंट में अब तक एक भी गेम नहीं गंवाया है। फाइनल में उनका सामना डेनमार्क की लाइन होजमार्क कजर्सफेल्ड से होगा। इससे पिछले सप्ताह फ्रेंच ओपन में सिंधु उपविजेता रही थीं, जहाँ उन्हें 21-16, 11-21, 12-21 से हार का सामना करना पड़ा था। उस टूर्नामेंट में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी कोरिया की एन से यंग ने अपना चौथा फ्रेंच ओपन खिताब जीता था।
लक्ष्य सेन की दमदार जीत
मेंस सिंगल्स सेमीफाइनल में लक्ष्य सेन ने फ्रांस के छठे वरीय खिलाड़ी टोमा जूनियर पोपोव को केवल 41 मिनट में 21-17, 21-13 से मात दी। इस जीत के साथ पोपोव के खिलाफ लक्ष्य का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 3-2 हो गया है।
फाइनल में लक्ष्य का मुकाबला डेनमार्क के मैथियास सोगार्ड से होगा। यह इस सीजन में लक्ष्य का दूसरा फाइनल है — इससे पहले वे इसी वर्ष ऑल इंग्लैंड ओपन के फाइनल में उपविजेता रहे थे।
ऐतिहासिक भारतीय दोहरी चुनौती
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बैडमिंटन वैश्विक स्तर पर अपनी गहरी पकड़ बना रहा है। सिंधु और लक्ष्य दोनों एक ही टूर्नामेंट के फाइनल में इससे पहले 2024 के सैयद मोदी इंडिया इंटरनेशनल में पहुँचे थे। अब हाइलो ओपन सुपर 500 में यह दोहरा अवसर भारतीय बैडमिंटन के लिए एक बड़ी उपलब्धि बन सकता है।
सिंधु का यह फॉर्म खासतौर पर उल्लेखनीय है — लगातार दो टूर्नामेंटों के फाइनल में पहुँचना उनकी वापसी की मज़बूत गाथा लिखता है। यह BWF वर्ल्ड टूर पर भारत की बढ़ती उपस्थिति को और पुख्ता करता है।
आगे क्या
दोनों फाइनल मुकाबले सारलैंडहैल, सारब्रुकन में खेले जाएँगे। अगर सिंधु और लक्ष्य दोनों अपने-अपने फाइनल जीतते हैं, तो यह किसी एक सुपर 500 टूर्नामेंट में भारत की सबसे बड़ी एकल-दिवसीय बैडमिंटन सफलताओं में से एक होगी।