इंडिया ब्लॉक की 'दिल्ली चलो' रैली से पहले व्यापारियों का विरोध, राहुल गांधी पर ₹10,000 करोड़ नुकसान की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) से जुड़े दिल्ली के व्यापारियों ने 31 अक्टूबर को कमला बाजार में दुकानों के बाहर पोस्टर लगाकर इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित 'दिल्ली चलो' रैली का विरोध दर्ज कराया। व्यापारियों का कहना है कि यह रैली धनतेरस से ठीक पहले आयोजित होने के कारण दिल्ली के कारोबार को ₹10,000 करोड़ से अधिक का नुकसान पहुँचा सकती है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को तीन बार पत्र लिखने के बावजूद कोई जवाब न मिलने पर व्यापारियों ने यह पोस्टर अभियान शुरू किया।
विरोध का कारण और पोस्टर अभियान
पोस्टरों पर लिखा गया नारा था — 'राजनीति के बाजार में मोहब्बत की दुकान बंद मत कीजिए' — जो सीधे तौर पर राहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान' वाली राजनीतिक भाषा को संदर्भित करता है। व्यापारियों का उद्देश्य रैली का स्थान बदलवाना था, न कि रैली को रुकवाना। गौरतलब है कि यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध में आयोजित की जा रही है।
CTI अध्यक्ष की चेतावनी
CTI के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कहा, 'हमने राहुल गांधी और खड़गे जी को तीन बार पत्र लिखा, लेकिन वे सहमत नहीं हुए। आज हम यह संदेश देने आए हैं कि कृपया राजनीति के बाजार में हमारी मोहब्बत की दुकान को बंद न करें।' उन्होंने बताया कि कमला बाजार की ये दुकानें लगभग 300 साल पुरानी हैं और शाम से ही वहाँ भय का माहौल बन गया है।
गोयल ने आगाह किया कि रैली में कथित तौर पर 10 लाख लोगों और बड़ी संख्या में वाहनों के आने की बात कही जा रही है, जिससे माल की लोडिंग-अनलोडिंग बाधित होगी। उनके अनुसार, यदि बैरिकेडिंग के कारण दुकानदारों को दुकानें बंद करने पर मजबूर होना पड़ा, तो दिल्ली के कारोबार को ₹10,000 करोड़ से अधिक का नुकसान होगा।
त्योहारी सीजन में व्यापार पर असर
गोयल ने विशेष रूप से त्योहारी मौसम का हवाला दिया — 'धनतेरस के लिए केवल चार दिन बचे हैं और चांदनी चौक से लेकर करोल बाग तक मुगल काल की सभी दुकानों का कारोबार प्रभावित होगा, जिसमें माल परिवहन भी शामिल है।' यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के थोक और खुदरा बाजार त्योहारी सीजन की सबसे व्यस्त बिक्री अवधि में होते हैं।
व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी राजनीतिक दल से प्रेरित नहीं है। गोयल के शब्दों में, 'लोकतंत्र में लोगों को विरोध करने का अधिकार है, हमें केवल इस विरोध के समय और स्थान पर आपत्ति है।'
इंडिया ब्लॉक के नेताओं को पत्र
CTI ने 31 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव, और शिवसेना-UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे सहित इंडिया ब्लॉक के प्रमुख नेताओं को पत्र लिखकर 1 नवंबर की रैली पर पुनर्विचार का आग्रह किया। यह पहल दर्शाती है कि व्यापारी समुदाय का विरोध केवल एक नेता तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे गठबंधन को संबोधित है।
आगे क्या
रैली 1 नवंबर को रामलीला मैदान में निर्धारित है और अब तक इसके स्थान में बदलाव के कोई संकेत नहीं मिले हैं। व्यापारी संगठनों की नज़र इस बात पर है कि प्रशासन बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन को लेकर क्या व्यवस्था करता है, ताकि कारोबारी नुकसान को कम किया जा सके।