1 नवंबर 2026
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राष्ट्रीय एकता दिवस 2026: त्रिपुरा सीएम माणिक साहा ने अगरतला में दिलाई एकता अखंडता की शपथ

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राष्ट्रीय एकता दिवस 2026: त्रिपुरा सीएम माणिक साहा ने अगरतला में दिलाई एकता अखंडता की शपथ

सारांश

सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अगरतला में एकता की शपथ दिलाई और याद दिलाया कि 562 रियासतों को जोड़ने वाले 'लौह पुरुष' का संकल्प आज भी प्रासंगिक है।

मुख्य बातें

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ.
माणिक साहा ने 31 अक्टूबर 2026 को अगरतला के स्वामी विवेकानंद मैदान में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का उद्घाटन किया।
सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर नागरिकों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।
साहा ने बताया कि पटेल ने 1947–1949 के बीच 562 रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत किया था।
राष्ट्रीय एकता दिवस वर्ष 2014 से प्रत्येक 31 अक्टूबर को देशभर में मनाया जाता है।
समारोह के अंतर्गत यूनिटी रन स्वामी विवेकानंद मैदान से उमाकांत मिनी स्टेडियम तक आयोजित की गई।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने 31 अक्टूबर 2026 को अगरतला के स्वामी विवेकानंद मैदान में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में नागरिकों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा की शपथ दिलाई। सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में साहा ने पटेल को राष्ट्रीय एकजुटता का अप्रतिम प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री का संबोधन

कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि सरदार पटेल के दृढ़ संकल्प और निर्णायक नेतृत्व ने ही उन्हें 'भारत का लौह पुरुष' की उपाधि दिलाई। उन्होंने कहा, "विविधता में एकता ही हमारी शक्ति है। इसलिए देश की एकता और अखंडता की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।" साहा ने त्रिपुरा के नागरिकों से पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेने और राष्ट्रीय एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने का आह्वान किया।

सरदार पटेल का ऐतिहासिक योगदान

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि सरदार पटेल ने 1947 से 1949 के बीच 562 रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई — एक ऐसा कार्य जो उनकी दूरदर्शिता और अदम्य इच्छाशक्ति के बिना संभव नहीं था। साहा ने कहा कि यह योगदान राष्ट्र निर्माण के इतिहास में अविस्मरणीय रहेगा।

राष्ट्रीय एकता दिवस की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि वर्ष 2014 से प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य नागरिकों को राष्ट्रीय एकता की भावना से जोड़ना और देश की अखंडता की रक्षा के लिए प्रेरित करना है। साहा ने जोर दिया कि भारत विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और जीवनशैलियों वाले लोगों का देश है, और इन्हीं विविधताओं के बीच एकता राष्ट्र की मूल शक्ति है।

यूनिटी रन और कार्यक्रम का आयोजन

समारोह के अंतर्गत एक यूनिटी रन का आयोजन किया गया, जो स्वामी विवेकानंद मैदान से शुरू होकर उमाकांत मिनी स्टेडियम पर समाप्त हुई। इस दौड़ में प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय एकता और एकजुटता के संदेश को आगे बढ़ाया।

उपस्थित गणमान्य अधिकारी

इस अवसर पर अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुधांशु दास, विधायक अंतरा सरकार देब और मीनारानी सरकार, सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सचिव किरण गिट्टे, युवा मामलों और खेल विभाग के सचिव तापस रॉय, पश्चिम त्रिपुरा के जिला मजिस्ट्रेट विशाल कुमार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह आयोजन राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें राष्ट्रीय प्रतीकों और ऐतिहासिक विरासत को जन जन तक पहुँचाने पर बल दिया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन त्रिपुरा जैसे सीमावर्ती और बहु जातीय राज्य में इसका महत्व विशेष है जहाँ विभिन्न जनजातीय और गैर जनजातीय समुदायों के बीच सामाजिक सद्भाव एक सतत चुनौती रही है। मुख्यमंत्री साहा का 'विविधता में एकता' का संदेश रस्मी नहीं, बल्कि राज्य की जमीनी वास्तविकता से जुड़ा है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि शपथ और यूनिटी रन जैसे आयोजन तब तक प्रतीकात्मक ही रहते हैं जब तक नीतिगत स्तर पर समावेशी विकास के ठोस कदम न उठाए जाएँ।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय एकता दिवस क्या है और यह कब से मनाया जाता है?
राष्ट्रीय एकता दिवस प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाया जाता है। यह परंपरा वर्ष 2014 से शुरू की गई, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करना और नागरिकों को देश की अखंडता की रक्षा के लिए प्रेरित करना है।
त्रिपुरा में राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 का आयोजन कहाँ हुआ?
राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 का मुख्य आयोजन अगरतला के स्वामी विवेकानंद मैदान में हुआ। इसी स्थान से यूनिटी रन की शुरुआत भी हुई, जो उमाकांत मिनी स्टेडियम पर समाप्त हुई।
सरदार पटेल को 'भारत का लौह पुरुष' क्यों कहा जाता है?
सरदार वल्लभभाई पटेल ने 1947 से 1949 के बीच 562 रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत किया। उनके दृढ़ संकल्प, दूरदर्शिता और निर्णायक नेतृत्व के कारण उन्हें 'भारत का लौह पुरुष' की उपाधि दी गई।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस अवसर पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि विविधता में एकता ही भारत की मूल शक्ति है और देश की एकता व अखंडता की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने त्रिपुरा के लोगों से सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
इस कार्यक्रम में कौन कौन से वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे?
समारोह में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुधांशु दास, विधायक अंतरा सरकार देब और मीनारानी सरकार, सचिव किरण गिट्टे, सचिव तापस रॉय तथा पश्चिम त्रिपुरा के जिला मजिस्ट्रेट विशाल कुमार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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